राहुल गांधी का क्लिप्ड वीडियो शेयर करने वाले ट्विटर हैंडल ‘नो द नेशन’ की पड़ताल

6 जनवरी को ट्विटर हैंडल नो द नेशन (@knowthenation) ने राफेल डील पर लोकसभा को संबोधित करते हुए राहुल गांधी का एक वीडियो ट्वीट किया। 9 सेकंड की क्लिप में, कांग्रेस अध्यक्ष को यह कहते हुए सुना जा सकता है- “मेरे पास अब तक कोई सबूत नहीं है, लेकिन मैं बहुत स्पष्ट हूं कि प्रधानमंत्री सीधे तौर पर शामिल हैं – (अनुवादित)।” इसने यह धारणा दी कि गांधी पीएम मोदी पर बिना सबूत भ्रष्टाचार के आरोप लगा रहे थे। इस लेख को लिखते समय, नो द नेशन के इस वीडियो को लगभग 10 लाख बार देखा गया था। इसके ट्वीट के आर्काइव संस्करण तक यहां पहुँचा जा सकता है।

यह क्लिप विभिन्न भाषाओं में फेसबुक पर भी वायरल है।यूथ 4 बीजेपी नाम के एक पेज ने इसे हिंदी में शेयर किया, जहां इसे केवल दो घंटे में 67,000 बार देखा गया। एक अन्य पेजहिंदुस्तान ने इस क्लिप को तमिल में शेयर किया।

ट्विटर पर खूब शेयर किया गया यह वीडियो

भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेताओं द्वारा फॉलो किए जाने वाले कई यूजर्स द्वारा प्रसारित 9-सेकंड की यह क्लिप ट्विटर पर वायरल है। पीएम मोदी द्वारा फॉलो किए जाने वाले एक यूजर मोहन सिन्हा ने ‘नो द नेशन’ द्वारा ट्वीट किए गए इस वीडियो को उल्लेख करते हुए ट्वीट किया कि राहुल गांधी के “दिमाग में कुछ महत्वपूर्ण पेंचों की कमी है -(अनुवादित)।”

एक अन्य यूजर, जिसे दिल्ली भाजपा के प्रवक्ता तजिंदर पाल सिंह बग्गा फॉलो करते हैं, ने यह वीडियो शेयर किया, जिसे 53,000 से अधिक बार देखा गया।

रेल मंत्री पीयूष गोयल का कार्यालय द्वारा फॉलो किए जाने वाले कई हैंडल्स ने भी 9 सेकंड की यह क्लिप (1, 2, 3) ट्वीट की। कुछ अन्य लोगों ने कथित उद्धरण के लिए कांग्रेस अध्यक्ष का मजाक उड़ाया (1, 2, 3)।

क्लिप्ड वीडियो

नो द नेशन ने एक लंबे वीडियो में से केवल 9 सेकेंड की क्लिप को ट्वीट करके राहुल गांधी के बयान को तरीके से रखा। यदि कोई उनके पूरे भाषण को सुने, तो गांधी यह नहीं कहते हैं कि,”मेरे पास अब तक कोई सबूत नहीं है, लेकिन मैं बहुत स्पष्ट हूं कि प्रधानमंत्री सीधे तौर पर शामिल हैं – (अनुवादित)।” इसकी बजाय, उनका बयान रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण को निर्देशित था। वह कहते हैं कि उनके पास अभी तक उनके(सीतारमण के) शामिल होने का कोई सबूत नहीं है, लेकिन प्रधानमंत्री सीधे घोटाले में शामिल हैं।

पूर्ण वीडियो में 4:26वें मिनट पर, गांधी को यह कहते सुना जा सकता है – “रक्षा मंत्री ने कहा कि हम उन पर आरोप लगा रहे हैं… महोदया मैं आप पर आरोप नहीं लगा रहा हूं और मैं श्री पर्रिकर पर आरोप नहीं लगा रहा हूं। मैं श्री नरेंद्र मोदी पर आरोप लगा रहा हूं। यह बिल्कुल स्पष्ट होने दें कि आपने झूठ की रक्षा करने की कोशिश के अलावा कुछ नहीं किया है। इसलिए मुझे नहीं लगता कि आप राफेल घोटाले में शामिल हैं। मेरे पास अब तक यह कहने का कोई सबूत नहीं है कि आप इसमें शामिल हैं, लेकिन मैं बहुत स्पष्ट हूं कि प्रधानमंत्री सीधे राफेल घोटाले में शामिल हैं – (अनुवादित)।”

नो द नेशन ने गांधी के बयान के पिछले हिस्से को लिया (ऊपर हाइलाइट किया गया), और उस हिस्से को छोड़ दिया, जिसमें उन्होंने कहा था — “कहने के लिए कि आप शामिल हैं” और उनके दावे को इस रूप में प्रस्तुत किया, “मेरे पास अब तक कोई सबूत नहीं है, लेकिन मैं बहुत स्पष्ट हूं प्रधानमंत्री सीधे इसमें शामिल हैं।”

कौन है इसके पीछे?

नो द नेशन दिसंबर 2017 से ट्विटर पर मौजूद है। 2,500 से कुछ ही अधिक जैसी छोटी संख्या में फॉलोअर्स होने के बावजूद, इसके फॉलोअर्स में रेल मंत्री पीयूष गोयल का कार्यालय और दिल्ली भाजपा के प्रवक्ता तजिंदर पाल सिंह बग्गा भी शामिल है।

राहुल गांधी के भाषण के क्लिप किये गए वीडियो के पीछे का कारण इस ट्विटर हैंडल के पीछे का संगठन है।

ब्लूक्राफ्ट

पिछले साल ब्लूक्राफ्ट डिजिटल फाउंडेशन (BlueKraft Digital Foundation) नाम की एक कंपनी को द ट्रू पिक्चर (The True Picture) नामक एक वेबसाइट चलाने से जोड़ा गया था, जिसे अराजकतापूर्ण तरीके से ‘डेटा जर्नलिज्म और फैक्ट-चेकिंग पोर्टल’ कहा जाता है। कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी समेत कई केंद्रीय मंत्रियों के लिए यह एक सहयोगी वेबसाइट है, जिसे पहले भी भ्रामक सूचना फैलाते हुए पाया गया था।

इंडियन एक्सप्रेस ने पाया था कि इस वेबसाइट ने अपने लैंडलाइन टेलीफोन नंबर को ब्लूक्राफ्ट के साथ साझा किया था, जो प्रधानमंत्री मोदी की किताब ‘एग्जाम वारियर्स’ (Exam Warriors) का “प्रौद्योगिकी और ज्ञान” भागीदार था। कंपनी ने पीएम मोदी के मासिक रेडियो प्रसारण, ‘मन की बात’ को “रेडियो पर सामाजिक क्रांति” की संज्ञा देते हुए, इस पर एक किताब भी प्रकाशित की थी।

अप्रैल 2018 की एक रिपोर्ट में, बूमलाइव (Boomlive) ने ब्लूक्राफ्ट के कई कर्मचारियों को सीधे द ट्रू पिक्चर से संबद्ध पाया था।

ब्लूक्राफ्ट का नेतृत्व, भाजपा सरकार की नागरिकों को ऑनलाइन जोड़ने की पहल ‘MyGov India‘ के पूर्व निदेशक, अखिलेश मिश्रा कर रहे हैं। द इंडियन एक्सप्रेस द्वारा संपर्क किए जाने पर, मिश्रा ने अपनी कंपनी और द ट्रू पिक्चर के बीच किसी भी संबंध से इनकार किया था।

भाजपा के साथ ब्लूक्राफ्ट का जुड़ाव यहाँ तक सीमित नहीं रहा है। तीन अन्य भाजपा समर्थक प्लेटफॉर्मों- न्यू इंडिया जंक्शन (New India Junction), अवमेजिंग वर्ल्ड (Awemazing World) और इस कहानी के नायक, नो द नेशन के साथ इस कंपनी के कनेक्शन के सबूत हैं।

ब्लूक्राफ्ट के वरिष्ठ क्रिएटिव डायरेक्टर, निलेश मिस्त्री ने अपनी जिम्मेदारियों के हिस्से के रूप में द ट्रू पिक्चर समेत कई हैंडल्स को सूचीबद्ध किया है और उन्हें ‘इन-हाउस ब्लॉग’ कहा है। उनका लिंक्डइन प्रोफाइल कहता है — “भारत सरकार की विभिन्न योजनाओं के प्रिंट, आउटडोर और सोशल मीडिया विज्ञापन पर काम करना। इनहाउस ब्लॉग : न्यू इंडिया जंक्शन, नो द नेशन, अवमेजिंग वर्ल्ड, द ट्रू पिक्चर – (अनुवादित)।” सोशल मीडिया में इसका खुलासा हो जाने के बाद, उन्होंने अपने प्रोफाइल से इन संदर्भों (न्यू इंडिया जंक्शन को छोड़कर) को हटा दिया है।

मौजूदा प्रमाण कई प्रचार प्लेटफॉर्मों के साथ इस कंपनी का जुड़ाव प्रदर्शित करते हैं, जिनमें से कुछ भ्रामक सूचनाओं का प्रसार भी करते हैं। इसलिए, भाजपा और प्रधानमंत्री के साथ इसकी स्पष्ट निकटता चिंता का विषय है। ऑल्ट न्यूज़ ने अखिलेश मिश्रा से उनकी टिप्पणियों के लिए संपर्क किया है। प्रतिक्रिया मिलने पर हम अपनी कहानी अपडेट करेंगे।

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