जो बाइडन ने 20 जनवरी 2021 को अमेरिका के 46वें राष्ट्रपति के तौर पर शपथ ली. इस समारोह में अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा और उनकी पत्नी मिशेल ओबामा समेत कई जानी-मानी हस्तियों ने हिस्सा लिया.

हाल में सोशल मीडिया पर इस शपथग्रहण समारोह को लेकर एक दावा काफ़ी शेयर किया जा रहा है कि भारत के सभी पड़ोसी देशों को इस कार्यक्रम का निमंत्रण दिया गया मगर भारत को नहीं. ट्विटर यूज़र रेखा मीना ने यही दावा ट्वीट किया. आर्टिकल लिखे जाने तक इस ट्वीट को 4,500 बार लाइक और 800 बार रीट्वीट किया गया है. (ट्वीट का आर्काइव लिंक)

फ़ेसबुक यूज़र ‘मूलनिवासी प्रियंका‘ ने भी ये दावा किया है.

ट्विटर और फ़ेसबुक पर ये दावा वायरल है.

फ़ैक्ट-चेक

जो बाइडन के शपथग्रहण समारोह को लेकर पहले भी एक दावा शेयर किया गया है. उस दावे के मुताबिक, भारत के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह को जो बाइडन के शपथग्रहण समारोह का न्योता दिया गया है. जबकि हमने अपनी जांच में इस दावे को ग़लत पाया था. ‘द सेन डिएगो यूनियन ट्रिब्यून’ की रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2009 में बराक ओबामा के शपथग्रहण समारोह में किसी विदेशी नेता को नहीं बुलाया गया था. रिपोर्ट में ऑफ़िशियल सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि विदेशी नेताओं को आमतौर पर सुरक्षा व्यवस्था और भारी भीड़ के चलते शपथग्रहण समारोह में नहीं बुलाया जाता है. लेकिन विदेशी राजदूतों को इस समारोह का न्यौता दिया जाता है.

यहां पर एक बात तो साफ़ हो जाती है कि शपथग्रहण समारोह में ज़्यादातर विदेशी नेताओं को न्यौता नहीं दिया जाता.

आगे, ट्विटर पर की-वर्ड्स सर्च करने से हमें प्रसार भारती न्यूज़ सर्विस का 20 जनवरी 2021 का ट्वीट मिला. ट्वीट के मुताबिक, अमरीका में भारतीय रातदूत तरणजीत सिंह संधु ने जो बाइडन के शपथग्रहण समारोह में हिस्सा लिया था. तरणजीत सिंह संधु ने भी शपथग्रहण समारोह में हिस्सा लेने को लेकर एक ट्वीट किया है.

भारतीय राजदूत के समारोह में शामिल होने की खबर द टाइम्स ऑफ़ इंडिया और बिज़नेस स्टैन्डर्ड ने भी दी है.

भारत के अलावा, पाकिस्तान, ताइवान के राजदूतों ने भी शपथग्रहण समारोह में हिस्सा लिया था.

कोरोना महामारी के चलते जो बाइडन के शपथग्रहण समारोह के बारे में गाइडलाइंस जारी की गयी थीं. ये गाइडलाइन्स, समारोह का आयोजन करने वाली कमिटी जॉइन्ट कांग्रेशनल कमिटी ऑन इनॉग्र्युअल सेरेमनी (JCCIC) ने जारी की थी. JCCIC के मुताबिक, इस साल कांग्रेस सदस्य और उनके साथ सिर्फ़ एक ही मेहमान को कार्यक्रम में शामिल होने की इजाज़त दी गई थी. कोरोना को देखते हुए कमिटी ने लोगों से घर पर रहकर इस समारोह को देखने की अपील की थी.

इस तरह, सोशल मीडिया पर ये झूठी जानकारी शेयर की गई कि जो बाइडन के शपथ ग्रहण समारोह में भारत को न्यौता नहीं दिया गया. जबकि ज़्यादातर शपथग्रहण समारोह में विदेशी नेताओं को नहीं बुलाया जाता है. भारत के प्रतिनिधि के तौर पर अमरीका में स्थित भारत के राजदूत तरणजीत सिंह सिंघू ने समारोह में हिस्सा लिया था.


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