मध्यप्रदेश में इस महीने विधानसभा चुनाव होने वाला है जिसको लेकर सभी पार्टियां चुनाव प्रचार कर रही है और राजनीतिक आरोप- प्रत्यारोप का सिलसिला जारी है. सोशल मीडिया पर भी नेता और उनके समर्थकों द्वारा जमकर एक-दूसरे पर निशाना साधा जा रहा है.

इसी बीच मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता कमलनाथ का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है. इसमें वे मुस्लिम समाज के लोगों को संबोधित कर रहे हैं. इस वायरल वीडियो में ऑडियो कुछ इस प्रकार है, “मैं बहुत समय से सोच रहा था कि आप लोगों से बात करूं, बस इतना पहले समझ लो कि ये बात यहां से बाहर नहीं जानी चाहिए. हमें आपकी सबसे ज्यादा चिंता और फिक्र है. इसलिए कांग्रेस चाहती है आप मुस्लिम भाई हमारा साथ दें ताकि आगे चलकर हम आपके पक्ष में फैसले लें. मैं आपको आश्वासन देता हूँ, साथ बनाके रखिये, आपको अपनी मस्जिद वाली जगह भी दिलवा देंगे, और 370 भी देखा जाएगा. देखो मैं हर बात खुलकर नहीं बोल सकता, बस इतना समझ लो…”

इस वीडियो को शेयर करते हुए दावा किया जा रहा है कि मध्यप्रदेश में कांग्रेस पार्टी से मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार कमल नाथ ने ये सारी बातें कही हैं. भाजपा नेता और गया से पूर्व सांसद हरि मांझी ने वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि यही कांग्रेस पार्टी की असलियत है. (आर्काइव लिंक)

अक्सर गलत जानकारी फैलाते हुए पाए जाने वाला अकाउंट ‘मेघ अपडेट्स‘ ने वीडियो शेयर करते हुए दावा किया कि मध्य प्रदेश में कांग्रेस के मुख्यमंत्री कैंडिडेट ने कहा कि वे हर बात खुलकर नहीं कह सकते. वे मुसलमानों का भी ख्याल रखेंगे और 370 का भी. (आर्काइव लिंक)

रिनीति चटर्जी पांडे नाम के यूज़र ने भी वीडियो इसी दावे के साथ शेयर किया. (आर्काइव लिंक)

इसी प्रकार भाजपा समर्थक अकाउंट कनिमोझी, जितेंद्र प्रताप सिंह, राकेश, इत्यादि ने भी इसी दावे के साथ वीडियो शेयर किया.

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फ़ैक्ट-चेक

हमने वायरल वीडियो के एक फ्रेम को गूगल रिवर्स इमेज सर्च किया. हमें 21 नवंबर 2018 को एनडीटीवी इंडिया द्वारा पब्लिश्ड एक आर्टिकल में इस वीडियो का एक स्क्रीनग्रैब मिला. इस ख़बर के मुताबिक, मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमल नाथ का एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें उन्होंने बैठक में शामिल मुस्लिम समुदाय के लोगों को कहा कि अगर कांग्रेस को 90% मुसलमानों का वोट नहीं मिला तो नुक़सान हो जाएगा. हालांकि, एनडीटीवी ने इस वीडियो की सच्चाई की पुष्टि नहीं की थी.

हमने यूट्यूब पर इससे जुड़े की-वर्ड्स सर्च किये तो हमें 21 नवंबर 2018 को इंडिया टुडे के यूट्यूब चैनल पर एक रिपोर्ट मिली. इसमें कांग्रेस नेता कमल नाथ के वीडियो का बड़ा वर्जन उपलब्ध है जिसमें वायरल वीडियो वाला हिस्सा 2 मिनट 14 सेकेंड पर आता है. इस वीडियो में दृश्य वायरल वीडियो से मेल खाता है लेकिन इसका ऑडियो बिल्कुल मेल नहीं खाता.

असल में वायरल वीडियो वाले हिस्से में कमल नाथ कह रहे थे, “RSS के जो कार्यकर्ता हैं वो क्या कह रहे हैं? मुझे जानकारी है, RSS के जो लोग इन्होंने फैलाए हुए हैं. मैं तो छिंदवारा की बात करूं, मुझे तो लोग आके बताया देते हैं. उनका RSS क्योंकि नागपूर से जुड़ा हुआ है, वहाँ तो उनके लिए सुबह आओ, रात को चले जाओ, बड़ा आसान है. वो उनका एक ही स्लोगन है, अगर हिन्दू को वोट देनी है तो हिन्दू शेर मोदी को वोट दो, अगर मुसलमान को वोट देनी है, कांग्रेस को वोट दो. केवल दो लाइन, और कोई पाठ पढ़ाने नहीं जाते, ये इनकी रणनीति है. और इसमें आप सबको बड़ा सतर्क रहना पड़ेगा, आपको उलझाने की कोशिश करेंगे…” यानी, वायरल वीडियो को छेड़छाड़ कर एडिट किया गया है और उसमें ऑडियो जोड़ा गया है.

कुल मिलाकर, भाजपा नेता और समर्थकों ने मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ का एडिटेड वीडियो शेयर करते हुए झूठा दावा किया कि उन्होंने मुसलमानों से उनका साथ बनाकर रखने की अपील की और जिसके बदले में उन्होंने आश्वासन दिया कि वे मस्जिद वाली जगह भी दिलवा देंगे, और 370 भी देखा जाएगा. असल में उन्होंने RSS को सांप्रदायिक बताते हुए कांग्रेस के पक्ष में वोट देने की बातें कही थी.

ग़लत
दावा:
कांग्रेस नेता कमाल नाथ ने मुसलमानों को मस्जिद वाली जगह दिलवाने और 370 को देख लेने का आश्वासन दिया

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