अरुणाचल प्रदेश के तवांग में 9 दिसंबर 2022 को भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच हुई झड़प में दोनों देशों के कई सैनिकों के घायल होने की खबर है. इस खबर को 12 दिसंबर को रिपोर्ट किया गया जिसको लेकर विपक्ष के कई नेताओं ने राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर सरकार की नियत को लेकर सवाल उठाया. उनका कहना था कि देश में इतनी बड़ी घटना हो जाने पर भी सरकार ने इसे छिपाए रखा. इसके बाद से ही सरकार और विपक्ष, इस मुद्दे को लेकर आमने-सामने है.

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने एक तस्वीर ट्वीट की जिसमें वो भारतीय सेना के जवानों के साथ हैं. इसे ट्वीट करते हुए उन्होंने लिखा, “भारतीय सेना के वीर जवानों की तैनाती की वजह से अरुणाचल प्रदेश के तवांग में यांग्त्से क्षेत्र अब पूरी तरह से सुरक्षित है.”

इस तस्वीर का इस्तेमाल करते हुए कई मीडिया आउटलेट्स ने दावा किया कि ये तस्वीर 9 दिसंबर को भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच हुई झड़प के बाद की है जब केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू अरुणाचल प्रदेश के तवांग में यांग्त्से क्षेत्र में पहुंचे. हालांकि ऑल्ट न्यूज़ किरण रिजिजू के हाल में अरुणाचाल प्रदेश का दौरा करने की खबर की पुष्टि नहीं करता है.

इंडिया टुडे ग्रुप के हिन्दी चैनल आजतक ने टीवी शो में ये तस्वीर चलाते हुए दावा किया कि तवांग झड़प के बाद पहली बार केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू मौके पर पहुंचे.

ज़ी न्यूज़ ने भी टीवी शो में ये तस्वीर चलाते हुए ऐसा ही दावा किया.

वहीं टाइम्स नाउ ने इस तस्वीर के साथ खबर चलाई कि केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू यांग्त्से पहुंचे. ऐसा दर्शाया जा रहा है कि ये तस्वीर अभी की है.

राइट विंग प्रॉपगेंडा वेबसाइट ऑपइंडिया ने भी किरेन रिजिजू द्वारा ट्वीट की गई तस्वीर के साथ दावा किया कि हाल में भारतीय-चीनी सैनिकों के बीच हुए झड़प के बाद केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू यांग्त्से पहुंचे.

एनडीटीवी ने अपने रिपोर्ट में रिजिजू द्वारा ट्वीट की गई तस्वीर के साथ दावा किया कि ये सुरक्षित यांग्त्से की तस्वीर है. इस रिपोर्ट में दर्शाने की कोशिश की गई है कि ये तस्वीर अभी की है.

इसी प्रकार कई मीडिया आउटलेट्स जैसे इंडिया टुडे, इन खबर, ईटीवी भारत, नवभारत टाइम्स, न्यूज़ 24, जागरण, एबीपी न्यूज़, टीवी9 भारतवर्ष, न्यूज़ट्रैक, इस्ट मोजो, इंडिया टीवी, भारत की सरकारी समाचार सेवा प्रभाग – ऑल इंडिया रेडियो, इत्यादि ने भी तस्वीर को इसी दावे के साथ चलाया.

फ़ैक्ट-चेक

ऑल्ट न्यूज़ ने देखा कि कई ट्विटर यूज़र्स ने पॉइंट आउट किया कि ये पुरानी तस्वीर है. कांग्रेस नेत्री सुप्रिया श्रीनेत ने केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू के ट्वीट पर रिप्लाइ करते हुए एक स्क्रीनशॉट ट्वीट किया और लिखा, “फोटो तो 2019 की नया चिपकाते”. इस तस्वीर में दिख रहा है कि किरेन रिजिजू ने यही तस्वीर 29 अक्टूबर 2019 को ट्वीट की थी.

हमने ट्विटर पर सर्च किया तो पाया कि ये तस्वीर किरेन रिजिजू ने वाकई में 29 अक्टूबर 2019 में ट्वीट की थी. इस ट्वीट में उन्होंने लिखा था कि दिवाली के शुभ अवसर पर वो भारतीय सेना के अरुणाचल स्काउट्स के साथ मौजूद थे. ज्ञात हो कि 2019 में 28 और 29 अक्टूबर को दिवाली थी.

यानी कि केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने 3 साल पुरानी तस्वीर, अरुणाचल प्रदेश के तवांग में यांग्त्से क्षेत्र में हाल में हुई झड़प से जोड़कर ट्वीट की. इसे कई मीडिया आउटलेट्स ने बिना वेरीफ़ाई किये चलाया और दावा किया कि ये तस्वीर 9 दिसंबर को भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच हुई झड़प के बाद की है.

[इस आर्टिकल के क्लैम सेक्शन को 22 दिसंबर 2022 को अपडेट किया गया है.]

ग़लत
दावा:
तवांग में हाल में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच हुई झड़प के बाद केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू वहां पहुंचे

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