एशियन न्यूज़ इंटरनेशनल (ANI), NDTV, ABP लाइव न्यूज़, टाइम्स नाउ नवभारत समेत कुछ अन्य मीडिया संस्थानों ने अखिलेश यादव द्वारा लाल टोपी उतारकर भगवा पगड़ी बांधने की खबर दी. 26 अक्टूबर 2026 को लखनऊ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस की तस्वीरों और वीडियो को शेयर करते हुए मीडिया संस्थानों ने ऐसा दावा किया कि उन्होंने अपनी पहचान मानी जाने वाली लाल टोपी उतारकर भगवा साफा (पगड़ी) बांध लिया.
ANI ने अपने फेसबुक और इंस्टाग्राम पर मौके का दृश्य दिखाते हुए लिखा, “अखिलेश यादव ने यूपी चुनाव से पहले लाल टोपी उतारकर भगवा पगड़ी बांधी.” (आर्काइव लिंक-1, लिंक-2, लिंक-3)
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इसके अलावा एनडीटीवी, एबीपी लाइव न्यूज़, टाइम्स नाउ नवभारत, प्रभात खबर, नई दुनिया, और NewsX Live भी ऐसा दावा करने वालों की लिस्ट में शामिल हैं.
मुख्यधारा की मीडिया द्वारा खबर चलाए जाने के बाद यह मामला धीरे-धीरे राजनीतिक मुद्दा बन गया और केन्द्रीय राजनीतिक पार्टी भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपने आधिकारिक एक्स-हैंडल से वीडियो शेयर किया और पोस्ट में लिखा, “सनातन का मजाक उड़ाने वाले… चुनाव आते ही भगवा पहनने लगे!” बीजेपी ने आगे अखिलेश यादव पर राम मंदिर का विरोध करने और ‘सॉफ्ट हिंदुत्व’ की री-ब्रांडिंग करने का भी आरोप लगाया.
सनातन का मजाक उड़ाने वाले… चुनाव आते ही भगवा पहनने लगे!
श्री राम मंदिर निर्माण का विरोध, श्री रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा से दूरी, मां लक्ष्मी पर आपत्तिजनक टिप्पणी और हिंदू धर्म को ‘धोखा’ बताने वाले सपाई आज चुनाव आते ही भगवा धारण करने लगे हैं!
अखिलेश यादव, आप जो ‘सॉफ्ट हिंदुत्व’ की री-लॉन्चिंग की नाकाम कोशिश कर रहे हैं, उसका हश्र भी कांग्रेस की तरह ही फ्लॉप होना तय है।
— BJP (@BJP4India) October 27, 2026
फैक्ट-चेक
पत्रकार पीयूष राय ने NDTV के उस पोस्ट का जवाब देते हुए रिपोर्टिंग को गलत बताया, जिसमें दावा किया गया था कि अखिलेश यादव ने लाल टोपी उतारकर भगवा पगड़ी पहन ली. पीयूष राय ने बताया कि वह खुद उस प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद थे और अखिलेश यादव ने लाल रंग की पगड़ी पहना था. साथ ही पीयूष राय ने इस मौके की एक तस्वीर भी अपने एक्स अकाउंट पर शेयर की.
A picture from the press conference when the pagdi was being tied. https://t.co/bVoHr6X6pg
— Piyush Rai (@Benarasiyaa) October 27, 2026
इसके बाद हमने समाजवादी पार्टी के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर इस प्रेस कॉन्फ्रेंस का लाइवस्ट्रीम वीडियो देखा. वीडियो में 38 मिनट 7 सेकंड पर एक व्यक्ति लाल रंग का कपड़ा लेकर अखिलेश यादव को साफा बाँधते हुए देखा जा सकता है. वीडियो में स्पष्ट रूप से दिख रहा है कि साफा का रंग लाल है, न कि भगवा.
प्रेस कॉन्फ्रेंस के उपलब्ध वीडियो और प्रत्यक्षदर्शी पत्रकार पीयूष राय के बयान से स्पष्ट होता है कि अखिलेश यादव ने लाल रंग का साफा पहना था. इसीलिए भगवा साफा पहनने का दावा पूरी तरह से भ्रामक है.
इसके अलावा साफे के रंग को लेकर विवाद सामने आने के बाद 27 अक्टूबर को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मीडिया संस्थानों पर तंज कसा. नीचे दिए गए वीडियो में 36 मिनट 54 सेकंड पर अखिलेश यादव ने तंज कसते हुए कहा, “कईयों के कैमरे तो ऐसे है लाल रंग भी भगवा दिखाई दे रहा है उनको. एक रंगी सच्चाई तो ये है कि मुखौटा उतरे तो वो भी एक रंगी दिखाई देंगे. कैमरे में पता नहीं कौन सा लेंस लगा के आते हैं. एन फॉर नकारात्मक लोग हैं.”
कुल मिलाकर, अखिलेश यादव ने लाल रंग की ही पगड़ी पहनी थी. इसके बावजूद ANI सहित अन्य मीडिया संस्थानों ने उनके द्वारा लाल रंग की टोपी हटकर भगवा रंग की पगड़ी पहनने की भ्रामक खबरें प्रकाशित कीं.





