‘द टाइम्स ऑफ़ इंडिया’ अखबार के ‘टाइम्स बिज़नेस’ पेज की एक कथित कटिंग सोशल मीडिया पर वायरल है. इसमें लिखा है कि 5G स्पेक्ट्रम की नीलामी में सरकार को 2.8 लाख करोड़ का घाटा हुआ है. साथ ही इसके हेडलाइन में डिजिट में 2800000000000000 लिखा है. कई सोशल मीडिया यूज़र्स, नेता और कांग्रेस पार्टी से जुड़े अकाउंट्स ने इसे भाजपा का 5G स्कैम बताकर शेयर किया.

लेखक अशोक कुमार पांडेय ने अखबार की कटिंग ट्वीट करते हुए लिखा, “ज़ीरो गिनिए और बताइए टाइम्स पर ED का छापा कितने दिनों में पड़ जाएगा?” (आर्काइव लिंक)

कांग्रेस लीडर पंखुड़ी पाठक ने भी तस्वीर ट्वीट करते हुए इसे 5G स्कैम बताया. (आर्काइव लिंक)

RLD नेता व पूर्व पत्रकार प्रशांत कनौजिया ने भी ऐसा ही दावा किया. (आर्काइव लिंक)

अख़बार की एक कटिंग को उत्तर प्रदेश कांग्रेस, बिहार यूथ कांग्रेस, कांग्रेस कि छात्र संगठन NSUI तमिल नाडू, मध्य प्रदेश कांग्रेस सेवादल, दमन और दीव कांग्रेस सेवादल, कांग्रेस नेता विनय कुमार दोकनिया, DMK नेता T R B राजा समेत कई सोशल मीडिया यूज़र्स ने ट्वीट किया है.

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फ़ैक्ट-चेक

पहली नज़र में ही देखने पर ये फ़र्जी लगता है. चूंकि वायरल अखबार की कटिंग में शब्दों में और डिजिट में दिए गए आंकड़ों में कोई मेल नहीं है. डिजिट में 28 के आगे चौदह ज़ीरो हैं जिसका मतलब 2800 लाख करोड़ है, जबकि शब्दों में दिए गए आंकड़े 2.8 लाख करोड़ लिखा है.

हमने देखा कि वायरल अखबार की कटिंग में ‘द टाइम्स ऑफ़ इंडिया’ के नेशनल एडिटर पंकज डोभाल का बाइलाइन है. हमने पंकज डोभाल का ट्विटर अकाउंट खंगाला तो पाया कि उन्होंने 2 अगस्त को टाइम्स बिज़नेस का पेज ट्वीट किया था. गौर करने वाली बात ये है कि उनके द्वारा ट्वीट की गई तस्वीर, वायरल कटिंग से मेल खाता है, लेकिन उसकी खबर मेल नहीं खाती. असल पेज में रिकार्ड 1.5 लाख करोड़ में 5G स्पेक्ट्रम के नीलामी की बात लिखी है.

अधिक जानकारी के लिए हमने 2 अगस्त 2022 के द टाइम्स ऑफ़ इंडिया में पब्लिश ख़बर से वायरल कटिंग मिलाया तो पाया कि ये एडिटेड है. असल में अख़बार ने 5G स्पेक्ट्रम नीलामी में 2.8 लाख करोड़ के घाटे जैसा कुछ नहीं छापा था. अख़बार में सरकार द्वारा 5G स्पेक्ट्रम के नीलामी में 1.5 लाख करोड़ के कमाई की बात लिखी थी.

कुल मिलाकर, कई नेताओं, कांग्रेस पार्टी से जुड़े अकाउंट्स और सोशल मीडिया यूज़र्स ने ‘टाइम्स बिजनेस’ पेज की एडिट की गई तस्वीर ट्वीट करते हुए 5G स्पेक्ट्रम नीलामी में रिकॉर्डतोड़ घोटाला होने का दावा किया. जबकि असल में अखबार की असली कटिंग में 1.5 लाख करोड़ की कमाई होने की बात लिखी गई है.

ग़लत
दावा:
5G स्पेक्ट्रम नीलामी में 2.8 लाख करोड़ का घाटा

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