19 मार्च को ऑल्ट न्यूज़ के व्हाट्सऐप नंबर (+91 76000 11160) और ऑफ़िशियल ऐप पर एक 45 सेकंड के वीडियो की जांच करने के लिए कुछ रिक्वेस्ट्स मिली हैं. ये वीडियो शेयर करते हुए लिखा गया, “आज इराक के आसमान में ऐसे दृश्य दिखाई दिए. लोग दुनिया के अंत को नज़दीक पाकर रो रहे थे.”

ये वीडियो फ़ेसबुक और ट्विटर पर वायरल है. वीडियो में एक ग्रह या चांद जैसी दिखने वाली एक चीज़ को इंद्रधनुष के आस-पास घूमते हुए देखा जा सकता है. लोगों की डर के कारण चिल्लाने की आवाज़ भी सुनाई देती है.

ट्विटर पर एक यूज़र ने ये वीडियो शेयर करते हुए इसे उत्तर प्रदेश का बताया. ऑल्ट न्यूज़ ऐप पर मिली रिक्वेस्ट में इस वीडियो को ‘जलालपुर, आंबेडकर नगर’ का बताया गया है.

फ़ेसबुक यूज़र ने वायरल वीडियो शेयर करते हुए गुजराती में लिखा, “આજે ઇરાકની આકાશમાં વિચિત્ર રચનાઓ જોવા મળી હતી અને લોકો ડરતા ડરતા રડવાનું શરૂ કરતાં વિચાર્યું કે આ વિશ્વના અંતની શરૂઆત છે!” हिंदी में भी ये वीडियो शेयर किया गया है -“हाल ही में इराक में आसमान में, अजीब संरचनाएं देखी गईं और लोग डर से रोने लगे, कि यह दुनिया के अंत की शुरुआत है!”

फ़ैक्ट-चेक

इस वायरल वीडियो को 2017 में यूट्यूब पर अपलोड किया गया था. टाइटल के मुताबिक, वीडियो में ‘रहस्यमय ग्रह Nibiru’ को देखा जा सकता है. वायरल वीडियो की तरह इस वीडियो में लोगों के चिल्लाने की आवाज़ नहीं सुनाई देती है. इस तरह ये बात साफ़ हो जाती है कि चिल्लाने वाले ऑडियो को वीडियो में अलग से शामिल किया गया है ताकि लोगों को गुमराह किया जा सके.

यूट्यूब पर मिला वीडियो वास्तव में सच्ची घटना को नहीं दिखाता है. ये वीडियो ‘कयामत के आख़िरी दिन’ की एक थ्योरी को दर्शाता है. इस वीडियो को ‘नासा’ ने 2017 में ही गलत बताया था. इनविड (Invid) का इस्तेमाल कर के हमने वीडियो के फ़्रेम को यानडेक्स (Yandex) पर रिवर्स इमेज सर्च किया. जिसके चलते हमें इंडोनेशिया की फ़ैक्ट-चेकिंग वेबसाइट ‘टर्न बैक होक्स’ की 2018 की एक रिपोर्ट मिली.

इसकी जांच तब की गयी थी जब लोगों ने इस वीडियो को ‘फ़ेसबुक लाइव’ बताया था. ‘टर्न बैक होक्स’ ने बताया कि ये वीडियो इंटरनेट पर पहले से मौजूद क्लिप से बनाया गया था. “ऐसा ही एक वीडियो यूट्यूब पर Nibiru ग्रह के रहस्य के बारे में यहां – https://goo.gl/ebNMBm पर पब्लिश हुआ था.” हालांकि यूट्यूब वीडियो फ़िलहाल मौजूद नहीं है.

इस रिपोर्ट में 2017 की ‘द टेलीग्राफ’ की एक रिपोर्ट का हवाला दिया गया है. जिसमें बताया गया है -“प्लेनेट X या Nibiru को हमारे सौर मण्डल में एक रहस्यमय ग्रह के रूप में जाना जाता है. माना जाता है कि ये पृथ्वी से टकरा कर सभी लोगों को खत्म कर देगा. हालांकि इस वीडियो को कई जानकार और नासा ने झूठा बताया है.”

नासा’ ने इस रहस्य के बारे में 2012 में एक आर्टिकल पब्लिश किया था. “दुनिया खत्म होने की बात में सबसे बड़ी मिसिंग लिंक Nibiru ही है. क्योंकि पूरे सौर मण्डल में Nibiru के जैसा बड़ा, शक्तिशाली ग्रह नहीं पाया गया है…” नासा के डेविड के हवाले से आर्टिकल में लिखा गया है, “फ़ैक्ट ये है कि ये लोग लगातार अपना दावा बदल रहे है. Nibiru नाम का कोई भी ग्रह या गॉड कोई भी नहीं है जो 2012 में पृथ्वी पर लौटने वाला है. ये सिर्फ़ दुनिया की तबाही दिखाने के लिए एक शब्द बन गया है.”

अंत में हमने पाया कि इस वीडियो को ईराक़ की घटना बताने का दावा गलत है. अगर आप 2017 की इस जालसाज़ी के बारे में और भी ज़्यादा जानना चाहते हैं तो नीचे दिए गए ‘द इन्फोग्राफ़िक शो’ के वीडियो को देखें.

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About the Author

Archit is a senior fact-checking journalist at Alt News. Previously, he has worked as a producer at WION and as a reporter at The Hindu. In addition to work experience in media, he has also worked as a fundraising and communication manager at S3IDF.