20 दिसंबर को सोशल मीडिया में एक तस्वीर साझा की गई, जिसमें पुलिसकर्मी को राष्ट्रिय नागरिक रजिस्टर (NRC) और नागरिकता संसोधन विधेयक (CAB) के विरोध में प्लेकार्ड लेकर खड़े हुए देखा जा सकता है। इस तस्वीर को ट्विटर पर यह कहते हुए साझा किया गया है –“हम कहते थे ना…. पुलिस के जवान भी संविधान बचाने के लिए हमारे साथ हैं , सिवाए RSS आतंकियों के।”

कई लोगों ने इस तस्वीर को ट्विटर और फेसबुक पर साझा किया है।

ऑल्ट न्यूज़ को इस तस्वीर की पड़ताल के कई अनुरोध अपने आधिकारिक व्हाट्सअप नंबर (98252 55790) और मोबाइल एप पर प्राप्त हुए हैं।

पुलिस के कथित विरोध प्रदर्शन की एक और तस्वीर शेयर की जा रही है, इसे शेयर करने वालों में अभिनेत्री और फिल्म निर्माता अपर्णा सेन भी शामिल हैं। सेन द्वारा शेयर की गयी पहली तस्वीर में तीन प्लेकार्ड्स दिख रहे हैं। पहले पर लिखा है, “मासूमो पे लाठी चार्ज हम से नहीं हो पाएगा।” दूसरे और तीसरे पर क्रमशः लिखा है– “NO CAA NO NRC”, “WE OPPOSE NRC & CAA”

तथ्य-जांच

पहली तस्वीर

साझा की गई तस्वीर एडिट की हुई है। कोई भी व्यक्ति तस्वीर में एडिट किये हुए हिस्से को देख सकता है। वायरल तस्वीर में, अस्पष्ट भाग को देखा जा सकता है और इसे नीचे हाईलाइट भी किया गया है।

ऑल्ट न्यूज़ ने इस तस्वीर को रिवर्स सर्च किया और हमें द हिन्दू का 5 नवंबर, 2019 को प्रकाशित एक लेख मिला, जिसमें इस तस्वीर को प्रकाशित किया गया है। यह लेख दिल्ली पुलिस कार्यालय के बाहर पुलिस के विरोध प्रदर्शन के बारे में है। यह तस्वीर, 4 नवंबर को नई दिल्ली की साकेत कोर्ट के बाहर कुछ वकीलों द्वारा एक पुलिसकर्मी की पिटाई करने के बाद हुए विरोध प्रदर्शन की है।

दूसरी तस्वीर

अपर्णा सेन द्वारा शेयर की गई पहली तस्वीर भी उसी घटना की है, जिसे फॉटोशॉप किया गया है। ऑल्ट न्यूज़ को यह तस्वीर 5 नवंबर, 2019 की दैनिक जागरण की रिपोर्ट में मिली। मूल तस्वीर में पोस्टर पर लिखे गए शब्द लिखे हैं, “WE WANT JUSTICE” – “हम न्याय चाहते हैं”, “कौन सुनेगा किसको सुनाएँ” और “आज पुलिस कल?”

इस तरह, दिल्ली में हुए एक प्रदर्शन की तस्वीर को फॉटोशॉप कर इस झूठे दावे से साझा किया गया कि यह पुलिसकर्मियों के CAB और NRC के खिलाफ प्रदर्शन करने की तस्वीर है।

 

[अपडेट: इस लेख में 13 जनवरी, 2020 को अपर्णा सेन का ट्वीट शामिल किया गया। ]

ग़लत
दावा:
पुलिस ने भी CAB और NRC के खिलाफ किया विरोध प्रदर्शन

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