वर्तमान में चल रहे किसानों के प्रदर्शन को लेकर सोशल मीडिया पर कई ग़लत सूचनाएं शेयर की जा रही हैं और आन्दोलन को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है. हाल ही में बिल्किस बानो की तस्वीर और डॉ. राजकुमारी बंसल के भी आन्दोलन में हिस्सा लेने का फ़र्ज़ी दावा किया गया था.

अब कई फे़सबुक और ट्विटर यूज़र्स एक साथ दो तस्वीरें शेयर कर रहे जिसमें एक सिख व्यक्ति मिलिट्री पोशाक में और दूसरे बुज़ुर्ग व्यक्ति आंख के पास लगी चोट के साथ नज़र आ रहे हैं. सोशल मीडिया पर दावा किया गया कि दोनों एक ही व्यक्ति हैं. लेकिन अन्य ग़लत सूचनाओं की तरह यहां किसान आन्दोलन को बदनाम करने के बजाय इसमें आन्दोलन के लिए सहानुभूति बटोरने की कोशिश की जा रही है.

भारतीय यूथ कांग्रेस के सदस्य आकाश महंत (आर्काइव लिंक) और फे़सबुक पेज ‘विनय दुबे फै़न क्लब’ (आर्काइव लिकं) ने भी यही दावा किया. दोनों पोस्ट को मिलाकर 2,000 से ज़्यादा बार शेयर किया जा चुका है.

भारतीय सेना की सिख रेजिमेंट से रिटायर कैप्टन #PPSDhillon ने कभी सोचा नहीं होगा कि जब वो किसान की भूमिका में अपने हक़ के…

Posted by Aakash Mahant on Monday, November 30, 2020

भारतीय सेना की सिख रेजिमेंट से रिटायर कैप्टन #PPSDhillon ने कभी सोचा नहीं होगा कि जब वो किसान की भूमिका में अपने हक़ के…

Posted by Vinay Dubey fan club on Monday, November 30, 2020

मध्य प्रदेश कांग्रेस की आईटी सेल सदस्य शिल्पी सिंह ने भी ये तस्वीर शेयर करते हुए वायरल दावा किया. उनके ट्वीट को 6,500 से ज़्यादा बार रीट्वीट किया जा चुका है. (आर्काइव लिंक)

फै़क्ट-चेक

ऑल्ट न्यूज़ ने इसका सन्दर्भ जानने के लिए ट्विटर और फे़सबुक खंगाला और पाया कि दोनों तस्वीरों में दो अलग-अलग सिख व्यक्ति हैं.

रिटायर्ड सेना अधिकारी की तस्वीर

एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी ने हमें व्हाट्सऐप पर जानकारी दी कि ये तस्वीर कैप्टन पीपीएस ढिल्लों (रिटायर्ड) के बेटे ने फे़सबुक पर अपलोड की थी.

सुखविंदर सिंह सरपंच उबोक (Uboke) ने सिख मिलिट्री फ़ोरम पर ये तस्वीर 29 नवम्बर को पोस्ट की थी. इस पोस्ट के मुताबिक इस तस्वीर में उनके पिता कैप्टन पिर्थिपाल सिंह ढिल्लों हैं जो 1993 में 17 सिख रेजिमेंट से रिटायर्ड हुए थे.

सुखविंदर सिंह ने अपनी प्रोफ़ाइल में केक काटने की एक अन्य तस्वीर भी पोस्ट की थी.

Today is my father’s birthday
Hon. Captain pirthipal Singh Dhillon
Retired in 1993 , 17 sikh regiment
He is the part…

Posted by Sukhwinder Singh Sarpanch Uboke on Sunday, November 29, 2020

ये तस्वीर उसी दिन की है जब दावा किया गया था कि पूर्व सैनिक को किसान आन्दोलन में चोट लगी है. इससे ही साफ़ हो जाता है कि वायरल दावा गलत है.

किसान की तस्वीर

किसान कार्यकर्ता रमनदीप सिंह मान ने 29 नवम्बर को ये तस्वीर ट्वीट की थी. उन्होंने ऑल्ट न्यूज़ से कहा, “मैं इस किसान के बारे में ज़्यादा नहीं जनता. जैसे ही पता चलेगा मैं बताऊंगा.”

ट्विटर यूज़र @AMITKUM930 ने इस किसान का एक छोटा सा वीडियो शेयर किया था.

अभी उनकी पहचान की पुष्टि नहीं हो पाई है. लेकिन ये बात तो साफ़ है कि वो कैप्टन पीपीएस ढिल्लों नहीं हैं. दोनों के चेहरे और दाढ़ी भी मेल नहीं खाते हैं.

गौर करने वाली बात है कि सबसे पहले इन दोनों तस्वीरों को पत्रकार तेजिंदर सिंह सोढ़ी ने ट्वीट किया था. इसके बाद ये काफ़ी वायरल हुआ. हालांकि, उन्होंने ये दावा नहीं किया था कि दोनों एक ही व्यक्ति है. उन्होंने सफ़ाई दी है कि उनका मकसद सिर्फ़ एक सिख को सैनिक और किसान के रूप में दिखाना था.


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