पुलिस द्वारा महिलाओं की बेरहमी से पिटाई करने का वीडियो सोशल मीडिया में बांग्ला में लिखे मेसेज के साथ वायरल हो रहा है. वीडियो में महिलाओं ने अपने हाथों में बच्चे को पकड़ा हुआ है. दावा है कि ये दिल्ली पुलिस की बर्बरता को दिखाता है. फ़ेसबुक पेज ‘लबोने’ ने ये वीडियो इसी मेसेज के साथ पोस्ट किया है जिसे ये आर्टिकल लिखे जाने तक 3.5 लाख बार देखा और 27,000 बार शेयर किया जा चुका है.

দিল্লি পুলিশের বর্বরতা দেখুন, দিল্লির এই ভিডিও ছরিয়ে দিন😪😪😪

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Posted by Labone on Saturday, 29 February 2020

ये वीडियो फ़ेसबुक पर कई और यूज़र्स ने इसी बांग्ला में लिखे मेसेज के साथ शेयर किया है.

फ़ैक्ट-चेक

गूगल पर वीडियो के फ़्रेम्स को रिवर्स सर्च करने से मालूम हुआ कि ये वीडियो दिल्ली दंगों के दौरान पुलिस द्वारा महिलाओं की पिटाई का नहीं है. 9 मई, 2019 की ‘NDTV’ की रिपोर्ट में बताया गया है कि मध्यप्रदेश के एक पुलिसकर्मी ने ग्वालियर रेल्वे पुलिस स्टेशन में महिला को उसके बच्चे के साथ पीटा था. इस पूरे वाकये को कैमरे में कैद किया गया था. रिपोर्ट के मुताबिक, “ग्वालियर पुलिस ने बताया कि ये वीडियो कम से कम दो साल पुराना है और वो इस घटना से तब तक अनजान थे जब तक ये सोशल मीडिया में नहीं फ़ैला था. उन्होंने ये भी बताया कि वीडियो में दिख रहे अधिकारी चुनाव ड्यूटी पर थे और उनसे लौटने पर पूछताछ की जाएगी.” ये वीडियो उस वक़्त का है जब ग्वालियर में 12 मई को लोकसभा चुनाव होने वाले थे.

स्थानीय न्यूज़ चैनल IBC 24 ने ये वीडियो 6 मई, 2019 को अपने यूट्यूब पर अपलोड किया था.

‘द क्विन्ट’ से बात करते हुए IBC 24 के स्थानीय संवाददाता महेंद्र सिंह ने बताया कि वीडियो में दिख रही महिला की पहचान पुलिस ने भीख मांगने वाले के रूप में की थी जो अक्सर रेल्वे स्टेशन पर दिखाई देती है. महिला को हिरासत मे लेने की वजह साफ़ नहीं हुई थी.

इस तरह ये साबित हुआ कि पुलिस द्वारा की गई महिला की पिटाई का वायरल वीडियो दिल्ली का नहीं बल्कि ग्वालियर का है.

ग़लत
दावा:
दिल्ली पुलिस दंगों के दौरान महिलाओं पर अत्याचार कर रही है

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