सोशल मीडिया में एक वीडियो इस दावे से साझा किया जा रहा है कि उत्तर प्रदेश पुलिस ने एक गर्भवती महिला के पेट पर लाठी मारी। संजय विश्वाधर्मी नामक एक यूज़र ने 4 फरवरी, 2020 को इस वीडियो को ट्वीट किया था, जिसे इस लेख के लिखे जाने तक 745 लाइक और 654 बार रिट्वीट किया गया है। संजय खुद को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के समर्थक बताते हैं।

ट्वीट में लिखा है, “बहुत ही निंदनीय और शर्मनाक ईको गार्डेन में दे रहे धरना प्रदर्शन में प्रेग्नेंट महिला अभ्यार्थी के पेट पर योगी सरकार की पुलिस ने मारी लाठी?”

कांग्रेस सेवा दल (दक्षिण ज़ोन) के सोशल मीडिया संयोजक ने इस वीडियो को ट्वीट करते हुए लिखा, “उत्तर प्रदेश में पुलिस की बर्बरता ने मानवता के सभी स्तरों को पार कर लिया है।” (अनुवाद)

यह दावा फेसबुक पर भी प्रसारित है।

तथ्य-जांच

ऑल्ट न्यूज़ द्वारा रिवर्स सर्च करने पर, हमें 5 सितंबर, 2018 को कांग्रेस मीडिया के पैनलिस्ट पंखुरी पाठक का एक ट्वीट मिला। ट्वीट में यही वीडियो लगभग समान वायरल सन्देश से साझा किया गया था। पाठक उस वक़्त समाजवादी पार्टी के साथ काम करती थीं, जब उन्होंने इस वीडियो को साझा किया था। उन्होंने लिखा था कि उत्तर प्रदेश पुलिस ने ‘BEDETE2011’ छात्रों पर लाठीचार्ज किया था।

आगे की-वर्ड सर्च करने पर हमें लाइव हिंदुस्तान की एक रिपोर्ट मिली, जिसके मुताबिक, BEd-TET 2011 के हज़ारों सफल छात्र लखनऊ के इको गार्डन में 5, सितम्बर 2018 को प्रदर्शन करने के लिए इक्क्ठा हुए थे। उनकी मांग नियुक्ति को लेकर थी। जिस महिला को मारा गया था वह चार माह की गर्भवती थी।

इस प्रकार, उत्तर प्रदेश में गर्भवती महिला को पुलिस द्वारा लाठी मारने का पुराना वीडियो सोशल मीडिया में हालिया घटना को दर्शाते हुए साझा किया जा रहा है।

आंशिक रूप से सत्य
दावा:
उत्तर प्रदेश पुलिस ने गर्भवती महिला पर किया लाठीचार्ज

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