‘दिल्ली चलो’ आंदोलन के चलते किसान दिल्ली की सीमा पर डटे हुए हैं. उनका ये विरोध सरकार के 3 नए कृषि कानूनों के खिलाफ़ हैं. सोशल मीडिया पर इस प्रदर्शन की काफ़ी चर्चा है. हर मुद्दे की तरह इस प्रदर्शन के विरोध और समर्थन में यूज़र्स कुछ पुरानी तस्वीरें और वीडियोज़ शेयर कर रहे हैं. इस बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि लोगों को इस प्रदर्शन में पैसे देकर बुलाया गया है. दरअसल, वीडियो में कुछ लोग दावा कर रहे हैं कि रैली में जाने के लिए उन्हें पैसे और खाना मिलने वाला था. लेकिन अभी तक उन्हें न ही खाना मिला है और न ही पैसे. ये वीडियो फ़ेसबुक और ट्विटर पर ऐसे ही मेसेजेज़ के साथ वायरल है. भाजपा युवा मोर्चा के सदस्य रॉयल कपिल ठाकुर के अकाउंट से ऐसे ही दावे के साथ ट्वीट किये गए वीडियो को आर्टिकल लिखे जाने तक 5,200 बार देखा जा चुका है. (ट्वीट का आर्काइव लिंक)

खुद को BJP के 2019 के राष्ट्रीय मेनिफ़ेस्टो कमिटी की मेम्बर बताने वाली करुना गोपाल ने 7 दिसम्बर को ये वीडियो कोट ट्वीट करते हुए लिखा है कि किसान आंदोलन की ये सच्चाई है. (ट्वीट का आर्काइव)

ट्विटर हैन्डल @MadhusinghC ने ये वीडियो ट्वीट किया है. (ट्वीट का आर्काइव लिंक)

फ़ैक्ट-चेक

की-वर्ड्स सर्च करने पर 26 मार्च 2018 की ABP न्यूज़ की वीडियो रिपोर्ट मिली. इस रिपोर्ट में वायरल वीडियो के कुछ दृश्य दिखाकर ये खबर चलाई गई कि हरियाणा के हिसार में आयोजित की गई अरविंद केजरीवाल की रैली में लोगों को पैसे देकर बुलाया गया था. रिपोर्ट के मुताबिक, आम आदमी पार्टी ने 2019 के लोकसभा चुनाव के लिए मिशन-2019 की शुरुआत हरियाणा के हिसार में रैली आयोजित कर की थी. इस रैली में हज़ारों लोग इकट्ठा हुए थे.

ANI ने 26 मार्च 2018 को एक वीडियो यूट्यूब पर अपलोड किया था. कैप्शन के मुताबिक, मज़दूरों को आम आदमी पार्टी की हिसार, हरियाणा की रैली में शामिल होने के लिए 350 रुपये और खाना देने का वादा किया गया था. लेकिन बाद में उन्हें न ही खाना दिया गया और न ही पैसे.

इस वीडियो में आरोप लगा रहा एक व्यक्ति, वायरल वीडियो में भी देखने को मिलता है. दोनों वीडियो की तुलना करने पर इन दोनों व्यक्तियों के एक होने की बात साफ़ हो जाती है.

आम आदमी पार्टी के नेशनल सोशल मीडिया टीम से जुड़ी आरती ने 29 मार्च 2018 को एक वीडियो ट्वीट किया. इस वीडियो में वायरल वीडियो में दिखने वाले एक व्यक्ति के 2 वीडियोज़ शेयर किये गए हैं. दूसरे वीडियो में ये व्यक्ति बताता है कि उसे धमकाया गया था ताकि वो रैली में शामिल होने के लिए पैसे मिलने की बात करें. आरती ने ये वीडियो ट्वीट कर फ़र्ज़ी प्रोपगेंडा फैलाने का आरोप लगाया था.

कुल मिलाकर, साल 2018 में कुछ लोगों ने आम आदमी पार्टी की रैली में शामिल होने के बदले में पैसे दिए जाने का आरोप लगाया था. इसका वीडियो हाल में किसानों के ‘दिल्ली चलो’ आंदोलन से जोड़कर शेयर किया गया. पहले भी एक बूढ़ी महिला की तस्वीर शेयर कर ये झूठा आरोप लगाया गया कि इस महिला को किसी भी प्रदर्शन में पैसे देकर बुलाया जा सकता है.


किसान प्रदर्शनों से जुड़े फ़ैक्ट चेक्स देखें हमारी वीडियो रिपोर्ट में:

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