इजराइल और फ़िलिस्तीन के बीच 7 अक्टूबर से शुरू हुए युद्ध के चलते सोशल मीडिया पर कई तस्वीरें और वीडियोज़ शेयर किये जा रहे हैं. ऐसे में हाल ही में एक वीडियो सामने आया है जिसमें बच्चों के चेहरे पर मेक-अप किया जा रहा है. कई राइटविंग यूज़र्स ये वीडियो शेयर करते हुए दावा कर रहे हैं कि गाज़ा में मेक अप आर्टिस्ट और ऐक्टर्स की डिमांड बढ़ी है. अक्सर X (यानी ट्विटर) पर फ़र्ज़ी दावे शेयर करने वाले अकाउंट ‘@MeghUpdates’ ये वीडियो ऐसे ही दावे के साथ ट्वीट किया. (ट्वीट का आर्काइव वर्ज़न)

X अकाउंट ‘सनातनी’ ने भी ये वीडियो क्लिप ऐसे ही दावे के साथ ट्वीट की. (आर्काइव लिंक)

एक और वेरिफ़ाइड X यूज़र अमर दीप ने ये वीडियो ऐसे ही कैप्शन के साथ ट्वीट किया है. (आर्काइव लिंक)

पहले भी ये वीडियो अलग-अलग कैप्शन के साथ शेयर किया गया था. कुछ यूज़र्स का कहना था कि फ़िलिस्तीन के लोग दुनिया से सांत्वना हासिल करने के लिए खुद को चोटिल दिखाने का नाटक कर रहे हैं. उनके मुताबिक, ये फ़िलिस्तीन की चाल है ताकि इज़रायली सेना को बदनाम किया जा सके. और यही बातें वीडियो पर अंग्रेजी में मोटे-मोटे अक्षरों में लिखी गयी है.

ट्विटर यूज़र ‘@PMPATEl1969’ ने भी ये वीडियो शेयर करते कुछ यही दावा किया था. (आर्काइव लिंक)

यूज़र @ByRakeshSimha, हरियाणा से भाजपा OBC मोर्चा की अध्यक्ष @Mayayadavbjp, @3_devout और @Impregnable007 के पोस्ट्स को भी सैकड़ों बार रीट्वीट किया जा चुका था. @ByRakeshSimha ने इसे अपने फ़ेसबुक अकाउंट पर भी शेयर किया गया था.

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ये वीडियो फ़ेसबुक पर भी यही बताकर वायरल है कि फ़िलिस्तीन के लोग घायल होने का दिखावा कर रहे थे.

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ऑल्ट न्यूज़ को इसके वेरिफ़िकेशन के लिए व्हाट्सऐप  (+91 76000 11160) और मोबाइल ऐप पर कई रिक्वेस्ट भेजी गयी थी.

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मेकअप आर्टिस्ट्स का 4 साल पुराना वीडियो

जब ऑल्ट न्यूज़ ने वीडियो के फ़्रेम्स को रिवर्स इमेज सर्च किया तो हमें ‘France24′ की मार्च 2018 की एक फ़ैक्ट-चेक रिपोर्ट मिली. इस रिपोर्ट में बताया गया है कि ये वीडियो पहले भी वायरल हो चुका है और दावा किया गया था कि घूटा के नागरिक अपने ऊपर हो रहे हमले का दिखावा कर रहे हैं. बता दें कि सीरिया में कई साल चलने वाले सिविल वॉर का बड़ा कारण घूटा है जो सीरिया की राजधानी दमिस्क के पास स्थित है.

असल में ये वीडियो एक मेक-अप आर्टिस्ट मरियम सलाह और उसकी टीम का है जिसे गाज़ा के आउटलेट गाज़ा पोस्ट ने बनाया और अपलोड किया था. ये वीडियो 25 फ़रवरी, 2017 को अपलोड किया गया था. इसमें बताया जा रहा है कि कुछ युवाओं के समूह ने ऐसा करियर चुना है जिसके बारे में गाज़ा और आस-पास के लोग नहीं सोचते हैं और न ही वहां ऐसे मौके मिलते हैं. इस मेक-अप और स्पेशल इफ़ेक्ट के ज़रिये ये लोग गाज़ा के निवासियों का हाल बयां करना चाह रहे थे. वायरल क्लिप इसी वीडियो का एक हिस्सा है और सालों से शेयर किया जा रहा है. वीडियो में गाज़ा पोस्ट का वॉटरमार्क भी साफ़ दिखता है.

युवाओं के इस समूह ने स्पेशल इफ़ेक्ट मेकअप कंपनी शुरू की थी जिसका लोगो सभी की वर्दी पर देखा जा सकता है.

हमें फ़ैक्ट चेकिंग आउटलेट स्नोप्स का भी आर्टिकल मिला जिसमें इसी वीडियो के बारे में सच्चाई बताते हुए एक और बात जोड़ी गयी है. आउटलेट ने बताया है कि ये वीडियो कभी इज़राइल और फ़िलिस्तीन के तनाव का मज़ाक उड़ाने के लिए शेयर किया जाता है तो कभी घूटा में लोगों पर हुए हमलों को झूठा साबित करने के लिए. ये रिपोर्ट जुलाई 2018 की है. उस वक़्त सीरिया में सिविल वॉर के दौरान घूटा में मारे गए लोगों की ख़बर सामने आई थी.

इस रिपोर्ट में तुर्की के आउटलेट TRT वर्ल्ड का वीडियो भी है. TRT वर्ल्ड ने मेकअप आर्टिस्ट मरियम सलाह पर एक वीडियो रिपोर्ट किया था जिसमें वो अपने काम के बारे में बता रही है.

ये पहली बार नहीं हैं जब स्पेशल इफ़ेक्ट वाले मेक-अप वीडियो शेयर कर युद्ध में घायल होने वाले लोगों का मज़ाक उड़ाया गया हो. France24 ने जुलाई 2014 में भी एक ऐसी ही रिपोर्ट में बताया था कि कुछ तस्वीरें शेयर करते हुए लोग इज़राइल के घायल सैनिकों का मज़ाक बना रहे थे. लेकिन बाद में पता चला कि ये तस्वीरें भी मेक-अप के दौरान ली गयी हैं जिसे भ्रामक दावे के साथ शेयर किया गया.

ऑल्ट न्यूज़ ने हाल ही में जॉर्डन के एक वीडियो का फ़ैक्ट-चेक किया था जिसमें जिसे शेयर करते हुए फ़िलिस्तीन में हो रही मौतों पर असंवेदनशील बातें कही गयीं.


पोस्टकार्ड न्यूज़ ने कर्नाटका में अंतिम संस्कार में मदद कर रहे मुसलमानों के ख़िलाफ़ दी फ़र्ज़ी जानकारी

ग़लत
दावा:
फ़िलिस्तीन के लोग मेकअप लगाकर घायल दिखने का नाटक कर रहे हैं

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