पाक पत्रकार ने जम्मू-कश्मीर में हाल की स्थिति बताकर पुरानी व् असंबद्ध तस्वीरें ट्वीट की

जम्मू-कश्मीर राज्य उथल-पुथल के दौर से गुजर रहा है। केंद्र ने, इस राज्य को विशेष दर्जा देने वाले भारतीय संविधान के अनुच्छेद 370 को रद्द करने के कदम उठाए हैं। पिछले सप्ताह, सरकार द्वारा अमरनाथ यात्रा को बंद करने और खबरों के अनुसार, सुरक्षा कारणों का हवाला देकर पर्यटकों और बाहरी लोगों को राज्य से बाहर जाने के लिए कहने के बाद, हजारों अर्धसैनिक बलों को घाटी में भेजा गया।

इस हालिया घटनाक्रम की पृष्ठभूमि में, पाकिस्तानी पत्रकार आमिर अब्बास ने 4 अगस्त को एक दावे के साथ दो तस्वीरें ट्वीट कीं। उन्होंने ट्वीट में लिखा- “आपकी क्रूर सेना निर्दोष और निहत्थे कश्मीरियों को मारती है। अगर यही आपकी बहादुरी और वीरता का मानदंड है, तो धिक्कार और लानत है ऐसी वीरता पर।”

पहली तस्वीर

ऑल्ट न्यूज़ ने पाया कि ये तस्वीरें पुरानी और राज्य में हाल के सैन्य गतिविधियों से असंबद्ध हैं। अब्बास द्वारा पोस्ट की गई पहली तस्वीर एक गाज़ा किशोरी की है, जो 2014 के गाज़ा युद्ध में पैलेट बंदूक की गोली लगने से घायल हो गई थी। संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान की स्थायी प्रतिनिधि मालेहा लोधी ने भी 2017 में इस तस्वीर का हवाला देते हुए गलत दावा किया था कि यह तस्वीर कश्मीर में भारतीय सुरक्षा बलों द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली पैलेट बंदूक से घायल कश्मीरी युवक का है। इस तस्वीर को कई अंतरराष्ट्रीय मीडिया संगठनों ने प्रकाशित किया था। द गार्डियन ने इस तस्वीर के लिए अमेरिकी फोटोग्राफर हेइडी लेवाइन को श्रेय दिया है।

दूसरी तस्वीर

गूगल रिवर्स इमेज सर्च की मदद से ऑल्ट न्यूज़ को यह तस्वीर, 2012 के एक वैचारिक लेख में मिली। इस तस्वीर का कैप्शन दिया गया था, “अपने रिश्तेदारों की नज़रबंदी पर रोतीं कश्मीरी लड़कियां”। हालांकि कैप्शन का दावा है कि तस्वीर कश्मीर की है, लेकिन हम इसकी पुष्टि करने में असमर्थ रहे कि वास्तव में यह तस्वीर कश्मीर में ली गई है या नहीं। फिर भी, यह स्पष्ट रूप से कहा जा सकता है कि यह कश्मीर में किसी हालिया सुरक्षा कार्रवाई से संबंधित नहीं है।

एक पाकिस्तानी पत्रकार ने दो पुरानी और असंबद्ध तस्वीरों को एक संदेश के साथ ट्वीट किया, जिसमें गलत तरीके से दर्शाया गया था कि ये तस्वीरें कश्मीर के हालिया घटनाक्रम को दर्शाती हैं। जबकि एक तस्वीर गाज़ा की है, और दूसरी सालों पुरानी और ये तस्वीरें पिछले एक हफ्ते से कश्मीर में जारी तनाव से असंबद्ध है।

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