ट्विटर और फ़ेसबुक पर एक व्यक्ति की तस्वीर शेयर करते हुए दावा किया जा रहा है कि ये शख़्स दिसम्बर 2012 के दिल्ली में हुए ‘निर्भया रेप केस’ का नाबालिग अपराधी है. ट्विटर हैन्डल ‘@Tiwari_Sintu999’ ने ये तस्वीर इसी दावे से शेयर की है. (ट्वीट का आर्काइव लिंक)

फ़ेसबुक ग्रुप ‘लव जिहाद’ में ये तस्वीर इसी दावे के साथ पोस्ट की गई है.

इसके अलावा, एक ट्विटर यूज़र ने इसी दावे के साथ उत्तर-प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की एक तस्वीर शेयर की. इस तस्वीर पर छपे टेक्स्ट के मुताबिक, “ज़्यादातर मुसलमान कम पढ़े लिखे होते हैं। नासमझी के कारण वे बलात्कार जैसी गलती कर देते हैं। वह कोई अपराध नहीं है।” इस तस्वीर को शेयर करते हुए यूज़र्स इसे सपा पार्टी की मानसिकता बता रहे हैं. (ट्वीट का आर्काइव लिंक)

फ़ैक्ट-चेक

इस आर्टिकल में हम बारी-बारी से दोनों तस्वीरों की सच्चाई आपको बताएंगे.

पहले बात करते हैं निर्भया केस के नाबालिग अपराधी की बताकर शेयर हो रही तस्वीर की. तस्वीर में दिखने वाला व्यक्ति निर्भया केस का अपराधी ज़रूर है लेकिन ये नाबालिग अपराधी नहीं है. ये शख्स निर्भया केस का दूसरा अपराधी विनय शर्मा है. बता दें कि विनय शर्मा की एक और तस्वीर दिसंबर 2019 में निर्भया केस के नाबालिग अपराधी की बताकर शेयर हुई थी. उस वक़्त ऑल्ट न्यूज़ ने इस तस्वीर की सच्चाई सामने रखते हुए एक फ़ैक्ट-चेक रिपोर्ट पब्लिश की थी. 22 फ़रवरी 2020 की द न्यू इंडियन एक्स्प्रेस की रिपोर्ट में निर्भया केस के अपराधी विनय शर्मा की तस्वीर शेयर की गई है. इस आर्टिकल के मुताबिक, विनय शर्मा ने अपनी मानसिक स्थिति खराब होने के कारण दिल्ली कोर्ट में अर्ज़ी डाली थी. लेकिन कोर्ट ने विनय की इस याचिका को खारिज कर दिया था.

19-20 मार्च 2020 की बीबीसी की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि तिहाड़ जेल में 20 मार्च की सुबह 5 बज कर 30 मिनट पर निर्भया केस के चार अपराधी – मुकेश सिंह, विनय शर्मा, अक्षय कुमार सिंह और पवन गुप्ता – को फांसी दी गई थी. 20 मार्च 2020 के न्यूज़ 18 के आर्टिकल के मुताबिक, नाबालिग दोषी को ज्युवेनाइल कोर्ट ने साल 2012 में 3 साल की सज़ा सुनाई थी. 2015 में वो जेल से रिहा हो गया था. इस रिपोर्ट में ये भी बताया गया है निर्भया केस का नाबालिग अपराधी किसी एनजीओ की मदद से छोटा-मोटा काम कर रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक, उसकी पहचान गुप्त रखी गयी है.

अखिलेश यादव की तस्वीर पर लिखे विवादास्पद बयान की असलियत

तस्वीर में दिख रहे टेक्स्ट को हमने ज्यों का त्यो सर्च किया. हमें ऐसी कोई मीडिया रिपोर्ट्स नहीं मिली जिसमें अखिलेश यादव ने ये बयान दिया हो या इस बात का ज़िक्र किया गया हो.

इस तरह, सोशल मीडिया पर निर्भया केस के नाबालिग अपराधी की बताकर जो तस्वीर हाल में शेयर हो रही है वो असल में निर्भया केस के दूसरे अपराधी विनय शर्मा की है. विनय शर्मा को मार्च 2020 में फांसी दे दी गई थी. इसके अलावा, एक मनगढ़ंत बयान को सपा पार्टी की मानसिकता बताते हुए उनपर निशाना साधने की कोशिश की गई.

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