हरिद्वार में कुम्भ मेले में 35 लाख से ज़्यादा लोगों ने भाग लिया. महामारी के बीच लगे इस मेले में 2000 लोग कोविड-19 पॉज़िटिव पाए गए हैं. भाजपा सरकार की लोगों ने जमकर आलोचना की और महाकुम्भ को तत्काल रोकने की मांग की. भाजपा समर्थकों ने कुम्भ मेले और सरकार का बचाव करते हुए एक भ्रामक वीडियो भी शेयर किया और दावे के साथ कहा कि हरिद्वार में कोई भीड़ नहीं है. और ट्विटर पर #BanRamzanGatherings ट्रेंड हुआ.

14 अप्रैल से ही नमाज़ की एक भारी भीड़ वाली तस्वीर काफ़ी वायरल और भारत की बताई जा रही है.

नीचे वो सभी ट्वीट्स लगे हैं जिनमें ये भीड़ वाली तस्वीरें शेयर की गयी थीं. (पहला पोस्ट, दूसरा पोस्ट, तीसरा पोस्ट और चौथा पोस्ट)

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फ़ैक्ट-चेक

पहली तस्वीर: मिस्र

इनमें से एक तस्वीर का रिवर्स इमेज सर्च करने पर अरब न्यूज़ की एक रिपोर्ट मिलती है जहां इस तस्वीर को पब्लिश करते हुए इसका क्रेडिट AFP को दिया गया है. इसके कैप्शन के मुताबिक तस्वीर ओल्ड काइरो के ऐतिहासिक अम्र अल-आस मस्जिद में खींची गयी है. हमने गेटी इमेजेज़ पर भी इसे सर्च किया और मालूम चला कि ये तस्वीर 5 जून, 2019 को ली गयी थी. इसके डिस्क्रिप्शन में लिखा है, “मिस्र के मुस्लिम रमज़ान के पवित्र महीने के उपवास को ख़त्म करते हुए ईद उल-फ़ित्र मना रहे हैं.” ये तस्वीर फ़ोटोग्राफ़र मोहम्मद-अल-शाहिद ने ली थी.

दूसरी तस्वीर: इंडोनेशिया

दूसरी तस्वीर हमें NPR के 2020 के एक आर्टिकल में मिली. इसमें बताया गया है कोरोना वायरस के बावजूद इंडोनेशिया के रूढ़िवादी मुस्लिम आबादी वाले असह में स्थित ल्होक्सयूमावे में लोग नमाज़ पढ़ने इकठ्ठा हुए थे. इसके कैप्शन में बताया गया है कि ये तस्वीर एसोसिएटेड प्रेस (AP) के ज़ीक मौलाना ने खींची है. इससे हिंट लेते हुए हमने AP पर ये तस्वीर सर्च की जिसे 24 अप्रैल, 2020 को अपलोड किया गया था.

भारत में मुस्लिम समुदाय द्वारा लगायी गयी भीड़

कुछ वीडियो भी #BanRamzanGatherings हैशटैग के साथ शेयर किये गये. कोरोना वायरस महामारी के बीच ये भीड़ सभी नियमों को तोड़ती नज़र आई. लेकिन वीडियो में दिख रही ये भीड़ रमज़ान की भीड़ नहीं थी.

ऊपर जिस भीड़ का वीडियो है, उसी मौके का एक अन्य वीडियो भी यूज़र्स ने शेयर किया.

ये भीड़ हिंदुत्व नेता और ग़ाज़ियाबाद के दासना मंदिर के पुजारी यति नरसिंहानंद सरस्वती के खिलाफ़ प्रदर्शन की है. नरसिंहानंद ने कुछ दिनों पहले प्रेस क्लब ऑफ़ इंडिया में पैगम्बर मोहम्मद पर आपत्तिजनक बातें बोली थी, उसी का विरोध करने अजमेर में निज़ाम गेट दरगाह के पास मुस्लिम भीड़ इकठ्ठा हुई थी . द टाइम्स ऑफ़ इंडिया के मुताबिक लोग नरसिंहानंद की गिरफ़्तारी की मांग कर रहे थे.

कई लोगों ने एक मस्जिद में जुटी भीड़ का वीडियो भी शेयर किया जहां लोगों ने सार्वजानिक दूरी का पालन भी नहीं किया और न ही मास्क पहना है.

ये वीडियो उत्तर प्रदेश का है जहां 16 अप्रैल को मौलाना अब्दुल मोमिन के निधन के बाद लोग उनके सलत-अल-जनाज़ा (इस्लामिक अंतिम संस्कार) में शरीक हो रहे हैं.

 

जब दाई ये दीन नें दाई ये अजल को लब्बैक कहा।
हज़रत मौलाना अब्दुल मौमिन नदवी के सम्भल में आख़िरी सफ़र का रूह परवर मंज़र।

Posted by Suhail Ashraf on Friday, April 16, 2021

कुम्भ मेला में भीड़ की तस्वीर वायरल होने के बाद लोग इसका बचाव करने के लिए मुस्लिम समुदाय के भीड़ की तस्वीरें और वीडियोज़ शेयर लगे. इन तस्वीरों में लोग रमज़ान के लिए जमा नहीं हुए हैं. पहले वीडियो में लोग यति नरसिंहानंद के खिलाफ़ प्रदर्शन और दूसरे में मौलाना अब्दुल मोमिन के अंतिम संस्कार में भीड़ लगाये हुए हैं. हालांकि इन मौकों पर भी कोविड-19 प्रोटोकॉल का पूरा उल्लंघन किया गया.


हरियाणा के करनाल में हो रही वेब सीरीज़ की शूटिंग के दृश्य को लोगों ने असली घटना बताकर शेयर किया

ग़लत
दावा:
रामदान में मुस्लिम समुदाय की भीड़

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