टाटा ग्रुप के चेयरमैन रतन टाटा के नाम से एक बयान सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है. बॉलीवुड अभिनेता अरशद वारसी ने ऐसे ही दावे वाला एक ग्राफ़िक 11 अप्रैल को ट्वीट किया. उन्होंने ये ट्वीट करते हुए लिखा, “सभी निगेटिव समाचारों के बाद कुछ सच और प्रेरणादायक ख़बर मिली है. रतन टाटा की मैं कितनी इज्ज़त करता हूं, बता नहीं सकता.” इस ट्वीट को 1300 रिट्वीट मिले हैं.

वायरल हो रहा मेसेज कुछ इस तरह है, “विशेषज्ञ कह रहे हैं कि कोरोना की वजह से अर्थव्यस्था तहस-नहस हो जाएगी. मैं इन विशेषज्ञों के बारे में नहीं जानता हूं लेकिन मैं यह ज़रूर कहना चाहूंगा कि इन विशेषज्ञों को मानवीय प्रेरणा और जुनून के साथ किए गए प्रयासों के बारे में ज़्यादा जानकारी नहीं है. अगर विशेषज्ञों पर विश्वास करते तो द्वितीय विश्व युद्ध में पूरी तरह बर्बाद हो चुके जापान का कोई भविष्य नहीं होता. लेकिन सिर्फ तीन दशक में जापान ने अमेरिका को पानी पिला दिया.”

दुनिया भर में कोरोना वायरस की वजह से विशेषज्ञों की राय को ख़ारिज करते हुए ये पोस्ट एक सकारात्मक नोट के साथ समाप्त होती है. इसमें लिखा है, “कोरोना की वजह से आने वाला संकट अलग नहीं है. मुझे इसमें कोई संदेह नहीं है. हम सब मिलकर कोरोना वायरस को हरा देंगे और भारतीय अर्थव्यवस्था में फिर से उछाल आएगी.”

बॉलीवुड अभिनेत्री हुमा क़ुरैशी ने भी ये ग्राफ़िक ट्वीट की थी, लेकिन बाद में उन्होंने अपना ट्वीट डिलीट कर लिया.

ये ग्राफ़िक व्हाट्सऐप पर भी वायरल हो रहा है.

फ़ैक्ट-चेक

रतन टाटा ने ट्विटर के ज़रिये ख़ुद के नाम से वायरल इस बयान को ख़ारिज करते हुए लिखा है, “ये बातें न तो मैंने कही हैं और न ही लिखी हैं. मैं आप सभी से अपील करता हूं कि व्हाट्सऐप और अन्य मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर प्रसारित हो रहे इस पोस्ट की सत्यता का पता लगाएं. मुझे कुछ कहना होता है तो मैं अपने आधिकारिक चैनल के ज़रिए कहता हूं. उम्मीद करता हूं कि आप लोग सुरक्षित होंगे और अपना ख़याल रख रहे होंगे.”

इस ग्राफ़िक को ध्यान से देखने भर से इसकी असलियत समझ में आ जाती है. इसमें व्याकरण की कई गलतियां हैं. एक फ़र्ज़ी मेसेज जिसमें विशेषज्ञों की आर्थिक संकट की राय को ख़ारिज करने के लिए रतन टाटा ने नाम का गलत इस्तेमाल किया गया.

ग़लत
दावा:
रतन टाटा ने आर्थिक मंदी की विशेषज्ञों की राय को खारिज किया

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