आनेवाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र भाजपा और समाजवादी पार्टी एक-दूसरे पर निशाना साध रहे हैं. सोशल मीडिया पर दोनों पार्टियां एक-दूसरे के कार्यकाल की आलोचना करते हुए पुरानी या असंबंधित तस्वीरों और वीडियोज़ का सहारा भी ले रही हैं.

भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने 4 जनवरी 2022 को एक ग्राफ़िक ट्वीट किया. तस्वीर में साल 2017 से पहले सपा सरकार और 2017 के बाद यागी सरकार के कामकाज की तुलना की गई है. दोनों सेगमेंट के नीचे 3-3 तस्वीरें शेयर की गई हैं. इनमें से साल 2017 से पहले की कथित तस्वीरों में प्राथमिक स्कूलों की हालत खराब दिख रही है. जबकि 2017 के बाद की कथित तस्वीरों में स्कूलों की हालत अच्छी दिख रही है. और इन तस्वीरों में बच्चे किसी साइंस लैब में हैं. तस्वीरों के नीचे लिखा है, “सोच ईमानदार काम दमदार”. संबित पात्रा ने ये ग्राफ़िक ट्वीट करते हुए लिखा कि फ़र्क साफ दिख रहा है. (ट्वीट का आर्काइव लिंक)

फ़ेसबुक पर भी संबित पात्रा ने ये ग्राफ़िक पोस्ट किया. इस पोस्ट को सैंकड़ों बार शेयर किया जा चुका है.

 

क्या हैं इन तस्वीरों की असलियत?

ऑल्ट न्यूज़ आपको इस आर्टिकल में संबित पात्रा द्वारा शेयर किये गए ग्राफ़िक में शामिल सभी तस्वीरों की असलियत बारी-बारी से बताएगा.

2017 से पहले की 3 तस्वीरें

1. इस तस्वीर को गूगल लेंस की मदद से सर्च करने पर ऑल्ट न्यूज़ को 7 जनवरी 2021 का अमर उजाला का आर्टिकल मिला. रिपोर्ट में ये तस्वीर ज़फ़रपुर गांव के स्कूल की बताई गई है. आर्टिकल में और भी कई प्राथमिक स्कूलों की जर्जर हालत के बारे में बताया गया है. मीडिया ने रिपोर्ट किया कि ज़िले के 951 में से 111 स्कूलों की हालत खराब है.

This slideshow requires JavaScript.

 

2. इस तस्वीर को ज़ूम करने पर हमने पाया कि इसमें 8 अगस्त 2018 की तारीख और 10 बजकर 25 मिनट का टाइम दिया गया है.

रिवर्स इमेज सर्च करने पर ऑल्ट न्यूज़ को 8 अगस्त 2018 का UttarPradesh.org का आर्टिकल मिला. रिपोर्ट के मुताबिक, ये तस्वीर उत्तर प्रदेश के चित्रकूट के अमानपुर प्राथमिक स्कूल की है.

 

3. गूगल लेंस की मदद से सर्च करने पर हमें ये तस्वीर 17 दिसंबर 2020 के न्यूज़अड्डा के आर्टिकल में मिली. ये तस्वीर कुशीनगर के सुकरौली में हेड़ा पडरी क्षेत्र के प्राथमिक स्कूल की है. रिपोर्ट के मुताबिक, स्कूल का निरीक्षण करने पहुंचे अफ़सर को स्कूल के दरवाज़े पर ताला लगा हुआ मिला. स्कूल, शिक्षक की गेरहाज़री के कारण बंद था. जांच अधिकारी ने कहा था कि इस मामले में उचित कार्यवाही की जाएगी.

गौर करें कि भाजपा नेता ने जो 3 तस्वीरें सपा सरकार के कार्यकाल की बताकर शेयर की हैं, वो असलियत में योगी कार्यकाल के दौरान की ही हैं.

2017 के बाद की 3 तस्वीरें

रिवर्स इमेज सर्च करने पर ऑल्ट न्यूज़ को मालूम हुआ कि बाकी की 3 तस्वीरें Y. सत्या कुमार ने 3 जनवरी को ट्वीट की थीं. वो भाजपा के राष्ट्रीय सचिव और भाजपा उत्तर प्रदेश के को-इनचार्ज हैं. उन्होंने ये तस्वीरें उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूल की बताई.

इसके अलावा, ट्विटर यूज़र आर्यन मिश्रा ने भी ये तस्वीरें बुलंदशहर के सरकारी स्कूल की बताई हैं. इनमें से एक तस्वीर पर ‘सरला ठकराल एस्ट्रोनॉमी लैब’ लिखा है.

यूट्यूब पर सर्च करते हुए ऑल्ट न्यूज़ को पता चला कि उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में नई शिक्षा नीति 2020 के मद्देनज़र ‘ओपरेशन कायाकल्प’ के अंतरगर्त प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों में एस्ट्रोनॉमी लैब बनाई जा रही है. इसके तहत कई स्कूलों में लैब बनाई गई है.

द लल्लन टॉप ने 2019 में बुलंदशहर में सिकंदराबाद के एक गांव की स्कूल पहुंचे थे. उन्होंने अपने वीडियो रिपोर्ट में स्कूल में स्थिति एस्ट्रोनॉमी लैब दिखाई थी.

जैसा कि ऑल्ट न्यूज़ ने अपनी जांच में पाया कि संबित पात्रा द्वारा शेयर की गई सभी तस्वीरें साल 2017 के बाद की ही है. चाहे वो स्कूल की खस्ता हालत दिखाने वाली तस्वीरें हो या फिर स्कूल में शुरू की गई एस्ट्रोनॉमी लैब की. यहां साफ हो जाता है कि इनमें से एक भी तस्वीर समाजवादी पार्टी के कार्यकाल के वक़्त की नहीं है. यानी, भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने योगी आदित्यनाथ के कार्यकाल की सराहना करने के लिए जिन खस्ता स्थिति वाली स्कूलों की तस्वीरें शेयर की वो असलियत में भाजपा शासन के वक़्त की ही थीं.

डोनेट करें!
सत्ता को आईना दिखाने वाली पत्रकारिता का कॉरपोरेट और राजनीति, दोनों के नियंत्रण से मुक्त होना बुनियादी ज़रूरत है. और ये तभी संभव है जब जनता ऐसी पत्रकारिता का हर मोड़ पर साथ दे. फ़ेक न्यूज़ और ग़लत जानकारियों के खिलाफ़ इस लड़ाई में हमारी मदद करें. नीचे दिए गए बटन पर क्लिक कर ऑल्ट न्यूज़ को डोनेट करें.

Donate Now

बैंक ट्रांसफ़र / चेक / DD के माध्यम से डोनेट करने सम्बंधित जानकारी के लिए यहां क्लिक करें.
Tagged: