“शुरू हो गया वो सब कुछ जिसका डर था. #up की एक #मस्जिद से आया फरमान – “टुकड़े टुकड़े में काटना है @Uppolice वालों को” ये ट्वीट सुरेश चव्हाणके- सुदर्शन न्यूज़ चैनल के मुख्य संपादक ने एक लेख के साथ अपने ट्वीटर अकाउंट पर पोस्ट किया। सुदर्शन न्यूज़ के इस लेख का शीर्षक भी यही था – इसमें दावा किया गया कि UP की एक मस्जिद से फरमान आया है- पुलिस वालों को टुकड़े टुकड़े में काटना है। इस ट्वीट को अबतक 1900 से ज्यादा लोगो ने लाइक किया है और 1300 से अधिक लोगों ने रिट्वीट किया है।

6 मई 2018 को, शाकिब नाम के एक युवक का शव बागपत के नेहरू रोड के पास एक नाले से बरामद किया गया था। पोस्ट-मॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर, पुलिस ने ये निष्कर्ष निकाला कि उसकी मौत डूबने के कारण हुई है। अनिस, शाकिब के पिता पुलिस जांच से असंतुष्ट थे और 20 जुलाई, 2018 को उन्होंने क्षेत्राधिकारी को धमकी दी थी कि अगर उन्हें न्याय नहीं मिलता है तो वो उनके टुकड़े टुकड़े कर देंगे।

सुदर्शन न्यूज़ ने क्या बताया?

इस घटना के आधार पर, सुदर्शन न्यूज द्वारा प्रकाशित एक भड़काऊ लेख में लिखा गया, “सीरिया और ईराक में ही ये हालात देखने को मिलते थे जहाँ पुलिस वालों को चौराहों पर खड़ा कर के या तो उनको गोली मारी जाती थी या उनकी गर्दनो को काट दिया जाता था .. लेकिन अब ठीक वही धमकियां और उसी प्रकार से हमलो का फरमान उत्तर प्रदेश में भी जारी हुआ है। “

आगे लिखा है, “उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में एक मस्जिद में हुई मुस्लिमों की पंचायत में खुला फरमान आया है उत्तर प्रदेश पुलिस के जांबाजो की हत्या का” “वहां मौजूद उन्मादियो के भाषण को देख कर ऐसा लग रहा था जैसे कि वो योगीराज के बजाय तालिबानियों की कोई बैठक हो और उसकी अध्यक्षता कोई दुर्दांत आतंकी कर रहा हो। ”

इस लेख के मुताबिक “समाज के रक्षक खाकी वर्दी वालों के नरसंहार के एलान के बाद हिन्दू समाज में भी ऐसे कट्टरपंथ के खिलाफ रोष फ़ैल गया”

लेख में आगे निष्कर्ष निकालाते हुए बताया, “जिस प्रकार से कश्मीर में अक्सर शुक्रवार को जुमें की नमाज़ के बाद उपद्रव होता है वैसे ही यहाँ भी शुक्रवार को जुमें की नमाज़ के बाद मुस्लिम समुदाय के लोग पंचायत कर रहे थे। पंचायत में पुलिस के खिलाफ जमकर जहर उगला जा रहा था और चेतावनी भी दी जा रही थी”

वास्तव में क्या हुआ था?

दैनिक जागरण द्वारा 21 जुलाई, 2018 को प्रकाशित लेख में कहा गया है, “इंसाफ नहीं मिलने पर पुलिस क्षेत्राधिकारी के टुकड़े-टुकड़े करने की धमकी सर्व समाज की पंचायत में पीडि़त के पिता अनीस ने दी, जबकि यहां सिपाही से लेकर इंस्पेक्टर तक मौजूद थे। बता दें कि छह मई को नेहरू रोड पर नाले से शाकिब का शव बरामद हुआ था। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद दावा किया था कि शाकिब की नाले में गिरने और डूबने से मौत हुई है, जबकि उसके पिता अनीस का आरोप है कि शाकिब की कई लोगों ने मिलकर हत्या कर शव नाले में फेंक दिया।” आगे कहा गया कि, अनीस ने माइक्रोफोन पर कहा कि उनके बेटे की मौत का कारण नाले में गिरने से नहीं हुई है, बल्कि छह लोगों ने मिलके षड्यंत्र के तहत उसे मार दिया था। वहां मौजूद लोगो पर अगर विश्वास किया जाये तो उनके मुताबिक, अनीस ने क्षेत्राधिकारी को धमकी दी थी और कहा था कि अगर उन्हें न्याय नहीं मिला, तो वह उनके टुकड़े टुकड़े कर देंगे।

इसके अलावा, बागपत पुलिस के आधिकारिक हैंडल ने एक वीडियो ट्वीट किया था जिसमें क्षेत्राधिकारी को दी गई सार्वजनिक धमकी के बारे में समझाया गया।

चव्हाणके द्वारा गैर जिम्मेदाराना तरीके से सच्चाई को अनदेखा कर देना

बागपत पुलिस के आधिकारिक हैंडल ने क्षेत्राधिकारी को दी गयी धमकी के बारे में दिए तथ्यात्मक जवाब पर, सुदर्शन न्यूज़ के मुख्य संपादक- सुरेश चव्हाणके ने अभी तक माफी तो नहीं ही मांगी है और ना ही वेबसाइट द्वारा प्रकाशित लेख को वापस लिया है।

ऑल्ट न्यूज़ के साथ बातचीत में, बागपत पुलिस के एसपी श्री जय प्रकाश ने, मस्जिद द्वारा जारी पुलिस बल के नरसंहार के धमकी के दावे को खारिज कर दिया है, उन्होंने कहा की “यह अचानक उत्तेजना में आके दिया गया बयान था। अभियुक्त को गिरफ्तार करके अदालत के समक्ष पेश किया गया है। पुलिस को दिए गए बयान में अभियुक्त ने अपना आपा खोने की बात को कबूल किया है।”

सोशल मीडिया में सांप्रदायिक भावनाओं को फ़ैलाने का यह कोई असामान्य प्रयास नहीं है, लेकिन एक न्यूज़ चैनल द्वारा सांप्रदायिकता की आग को फैलाना चिंताजनक जरूर है। हालांकि यह सच है कि संबंधित अधिकारी को मृतक के पिता द्वारा धमकी दी गयी थी, लेकिन पुलिस द्वारा बाद में दिए स्पष्टीकरण से सब साफ़ हो गया। जबकि, सुदर्शन न्यूज़ का प्रकाशित लेख उत्तेजक और भड़काऊ था और सांप्रदायिक विभाजन को बढ़ाने का भरसक प्रयास था।

अनुवाद: चन्द्र भूषण झा के सौजन्य से

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