प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 17 जनवरी को विश्व आर्थिक मंच (WEF) के ऑनलाइन दावोस एजेंडा 2022 शिखर सम्मेलन को संबोधित किया. ये कार्यक्रम संबोधित करते वक्त पीएम मोदी भाषण देते हुए रुक गए थे. इस घटना ने काफी सुर्खियां बटोरी और सोशल मीडिया पर इसका वीडियो शेयर करते हुए एक ट्रेंड भी चला. विपक्षी दल के नेताओं सहित सोशल मीडिया यूज़र्स के एक बड़े वर्ग ने आरोप लगाया कि टेलीप्रॉम्प्टर खराब होने की वज़ह से पीएम ने अचानक भाषण रोक दिया था. कहा गया कि बिना टेलीप्रॉम्प्टर के PM भाषण नहीं दे पा रहे थे. इस वजह से पीएम मोदी का मज़ाक उड़ाया गया.

कांग्रेस के ऑफ़िशियल ट्विटर अकाउंट से ‘#TelepromptorPM’ के साथ लाइव स्ट्रीम के दौरान हुई रूकावट का वीडियो ट्वीट किया. कई वेरीफ़ाइड कांग्रेस अकाउंट्स ने‘#TelepromptorPM’ के साथ पीएम पर तंज कसा. कांग्रेस प्रवक्ता शमा मोहम्मद, पश्चिम बंगाल कांग्रेस, पश्चिम बंगाल प्रदेश महिला कांग्रेस, मणिपुर प्रदेश कांग्रेस सेवादल और तमिलनाडु प्रदेश कांग्रेस सेवादल ने भी यही दावा किया.

कांग्रेस नेता रेवंत रेड्डी ने दो वीडियोज़ जोड़कर शेयर किये. इसमें एक पुराना वीडियो है जिसमें राहुल गांधी आरोप लगाते हैं कि पीएम मोदी बोलने के लिए टेलीप्रॉम्प्टर का इस्तेमाल करते हैं. वहीं दूसरे वीडियो में पीएम मोदी के हाल के भाषण का है. इस वीडियो को कांग्रेस नेता सलमान निज़ामी और रामकिशन ओझा, छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस सेवादल और पंजाब प्रदेश कांग्रेस सेवादल ने भी शेयर किया.

आम आदमी पार्टी नेता संजय सिंह और वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने भी ऐसा ही दावा किया.

यही दावा कई हाई नेटवर्क फ़ेसबुक पेज/ग्रुप्स पर भी शेयर किया गया जिनमें महुआ मोइत्रा फ़ैन्स [4 लाख से ज़्यादा फ़ॉलोअर्स], प्रियंका गांधी फ़ैन पेज [7 लाख से ज़्यादा फ़ॉलोअर्स], लाई लामा [1.5 लाख से ज़्यादा फ़ॉलोअर्स], वेल सनी [9 हज़ार से ज़्यादा फ़ॉलोअर्स] शामिल हैं.

टेलीप्रॉम्प्टर की वजह से रुकावट नहीं आई

वर्ल्ड इकोनॉमिक फ़ोरम (WEF) के ऑनलाइन कार्यक्रम में पीएम मोदी के भाषण से संबंधित इस हिस्से को समझने के लिए उस समय के सीक्वेंस को देखना ज़रूरी है कि गड़बड़ी आखिर किस वज़ह से हुई.

WEF में पीएम मोदी का भाषण कुछ यूट्यूब चैनलों पर मौजूद है जैसे नरेंद्र मोदी, दूरदर्शन नेशनल और वर्ल्ड इकनोमिक फ़ोरम. DD और WEF के चैनलों से अलग, नरेंद्र मोदी के यूट्यूब चैनल वाले वीडियो में गड़बड़ी नहीं है.

हमने देखा कि DD के वीडियो में पीएम पहले से ही 6 मिनट से ज़्यादा समय तक बोल रहे थे. उनके भाषण के इस हिस्से को WEF के यूट्यूब चैनल पर पब्लिश नहीं किया गया था. असल में, WEF के लाइव स्ट्रीम के वर्ज़न के पहले 8 मिनट खाली हैं. जब लाइव स्ट्रीम शुरू होता है तो ये देखा जा सकता है कि पीएम पहले से ही भाषण शुरू कर चुके हैं जिससे साफ तौर पर पता चलता है कि ये एक तकनीकी खराबी थी जिसकी वज़ह से पीएम के भाषण का शुरूआती हिस्सा WEF के यूट्यूब चैनल पर लाइव-स्ट्रीम नहीं हुआ था.

रिपोर्ट के अगले हिस्से में, ऑल्ट न्यूज़ DD और WEF वीडियो से लिए गए सटीक समय के हिस्से के साथ ये घटना समझाएगा. रीडर्स ध्यान दें कि आर्टिकल में जब तक किसी और संगठन का नाम न बताया जाए तब तक सभी टाइमस्टैम्प DD के हैं.

DD के वीडियो के शुरुआती 4 मिनट में, पीएम मोदी और मेजबान, WEF के कार्यकारी अध्यक्ष क्लॉस श्वाब आपस में बातचीत करते हैं. 5 मिनट 4 सेकेंड पर, सामान्य स्पीकर के इंट्रोडक्शन के बिना पीएम ने अपना भाषण शुरू किया. हालांकि, कुछ सेकंड पहले [5 मिनट से 5 मिनट 1 सेकेंड पर] एक व्यक्ति को अंग्रेज़ी में पूछते हुए सुना जा सकता है, “… ग्राफ़िक्स … सर?” जिसके बाद पीएम 5 मिनट 12 सेकेंड पर अपना ईयरपीस उतारते हैं और अपना भाषण शुरू करते हैं.

लेकिन 7 मिनट 7 सेकेंड पर, पीएम मोदी अपनी बाईं ओर देखते हैं और बोलना बंद कर देते हैं. लगभग 7 मिनट 15 सेकेंड पर, वो होस्ट को उसके नाम से संबोधित करते हुए पूछते हैं, “ठीक से सुना रहा है?” श्वाब ने कंफ़र्म किया कि वो पीएम मोदी की आवाज़ सुन रहे है. फिर पीएम पूछते हैं, “और हमारे इंटरप्रेटर से आवाज पहुंच रही है सबको?” श्वाब इस बात को कंफ़र्म करते हुए सुझाव देते हैं (7 मिनट 45 सेकेंड) कि सेशन “संगीत के साथ एक शॉर्ट इंट्रोडक्शन …” के बाद फिर से शुरू करते हैं.

10 मिनट 49 सेकेंड पर, पीएम मोदी अपना भाषण फिर से शुरू करते हैं. गौरतलब है कि 5 मिनट 4 सेकेंड पर उनके पहले के भाषण को उन्होंने फिर से दोहराया. ये भी ध्यान देने वाली बात है कि संबोधन के लिए टेलीप्रॉम्प्टर का इस्तेमाल करना कोई विशेष बात नहीं है.

WEF के यूट्यूब चैनल पर उस वीडियो को देखने पर ठीक उसी समय जब पीएम मोदी ने अपनी बाईं ओर देखा, और एक व्यक्ति जो साफ तौर पर इवेंट मैनेजमेंट टीम से इवेंट का प्रबंधन कर रहा था, सुझाव देता है कि पीएम को पूछना चाहिए कि क्या सब इसमें जॉइन हो गए हैं या नहीं. उन्होंने पीएम मोदी से कहा, “सर, एक बार उनसे पूछे कि सब जुड़ गए क्या…” इसके बाद पीएम पूछते हैं कि क्या उनके भाषण और इंटरप्रेटर की आवाज सुनी जा सकती है. यानी, इस कार्यक्रम का प्रबंधन करने वाली टीम के हस्तक्षेप की वज़ह से पीएम मोदी ने बोलना बंद कर दिया था.

कोई गड़बड़ी समझकर क्लॉस श्वाब ने प्रधानमंत्री का फिर से परिचय कराया और प्रधानमंत्री ने फिर से भाषण शुरू किया. इन घटनाओं से पता चलता है कि रुकावट तकनीकी गड़बड़ी के कारण हुई थी न कि टेलीप्रॉम्प्टर की वज़ह से.

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About the Author

Archit is a senior fact-checking journalist at Alt News. Previously, he has worked as a producer at WION and as a reporter at The Hindu. In addition to work experience in media, he has also worked as a fundraising and communication manager at S3IDF.