“जिस उम्र में लोग बृद्धा पेंशन लेते है उस उम्र में ये आँटी कौन सा ज्ञान ले रही है ,😂😂😂#JNU”, इस संदेश के साथ एक तस्वीर को ट्वीट किया गया है, जिसमें पुलिस महिला को पकड़कर ले जा रही है। एक अन्य हैंडल @shuklapinku ने इस समान तस्वीर को यह कहते हुए ट्वीट किया है कि –“ई कवन पढ़ाई पढ़े ली JNU में ..!😊” इन दोनों ट्वीट को करीब 1000 बार रीट्वीट किया जा चूका है।

फेसबुक और ट्विटर पर कुछ उपयोगकर्ताओं ने इस तस्वीर को समान दावे के साथ शेयर किया है। (1, 2, 3, 4)

हैदराबाद की असंबंधित तस्वीर

गूगल रिवर्स इमेज सर्च करने पर यह मालूम हुआ कि यह तस्वीर जेएनयू में प्रदर्शन कर रहे छात्रों से संबंधित नहीं है। आउटलुक ने इस तस्वीर को प्रकाशित करते हुए लिखा है, “हैदराबाद के श्रम आयुक्त ऑफिस पुलिस ने प्रदर्शन कर रही एक महिला को गिरफ्तार किया जो न्यूनतम वेतन की मांग के लिए प्रदर्शन कर रही थी।” (अनुवाद) मीडिया संगठन के अनुसार, यह तस्वीर 19 सितंबर, 2017 की है, जिसका श्रेय PTI को दिया गया है।

दूसरी तस्वीर CPI नेता एनी राजा की है

दूसरी तस्वीर मई 2019 में सर्वोच्च न्यायालय के बाहर मुख्य न्यायाधीश पर लगे यौन उत्त्पीडन मामले में पीठ द्वारा मिली क्लीनचीट के खिलाफ प्रदर्शन कर ही महिला अधिकार कर्यकर्ता और महिला वकील की है। ऑल्ट न्यूज़ ने इस तस्वीर की पड़ताल पहले भी की है और हमने पाया कि यह महिला CPI नेता एनी राजा है।

निष्कर्ष के रूप में, पुरानी और असंबंधित वृद्ध महिलाओं की तस्वीर जेएनयू में फीस बढ़ोतरी के खिलाफ छात्रों के विरोध प्रदर्शन के रूप में साझा की गई है। इस हफ्ते की शुरुआत में, ऑल्ट न्यूज़ ने ऐसे जेएनयू छात्रों की तस्वीरों (1, 2) की पड़ताल की है, जिन्हें वृद्ध बताकर उनके फीस बढ़ोतरी के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शन को बदनाम करने के कोशिश की गई है।

ग़लत
दावा:
जेएनयू की वृद्ध छात्रा फीस बढ़ोतरी के खिलाफ प्रदर्शन कर रही है

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