एक वीडियो शेयर किया जा रहा है जिसमें कई पुलिस वाले एक निहत्थे आदमी को लाठी-डंडों से पीट रहे हैं. इसे शेयर करते हुए लोग बता रहे हैं कि इस शख्स को इसलिए पीटा गया क्योंकि उसने ऑक्सीजन सप्लाई रोकने की कोशिश की. दावे के मुताबिक पिट रहा व्यक्ति एम्बुलेंस चालक है जिसे शव को ले जाने के लिए अच्छे-खासे पैसे मिलते हैं इसलिए मरीज़ की ऑक्सीजन रोक कर उन्हें मार रहा था. एक यूज़र @Arunk750 के मुताबिक वीडियो में पिट रहा शख्स निज़ामाबाद का नसीम है. कुछ अन्य यूज़र्स ने भी यही ट्वीट किया. दावों में सांप्रदायिक ऐंगल भी है.

फेसबुक यूज़र्स भी यही दावा कर रहे हैं.

कई लोगों ने इस शख्स का नाम आसिफ़ कुरैशी बताया और मामले को साम्प्रदायिक रंग देने की कोशिश की.

ऑल्ट न्यूज़ को व्हाट्सऐप (7600011160) और मोबाइल ऐप (iOSAndroid) पर इस वीडियो के वेरिफ़िकेशन के लिए कुछ रीक्वेस्ट भी आयी हैं. इसमें पिटे जाने वाले शख्स को मुस्लिम ड्राइवर भी बताया गया है.

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ग़लत दावा

ये दावा ग़लत है कि वीडियो में पुलिसवाले एक आदमी को मरीज़ की ऑक्सीजन सप्लाई रोकने के लिए पीट रहे हैं. न ही उसने ऑक्सीजन सप्लाई रोकी और न ही वो मुस्लिम समुदाय से आता है. भाजपा आंध्र प्रदेश के को-इनचार्ज सुनील देवधर ने 27 मई को ये वीडियो ट्वीट करते हुए बताया था कि महाराष्ट्र में जानला के भाजपा युवा मोर्चा ज़िला सचिव शिवराज को बुरी तरह पीटा गया था.

महाराष्ट्र के कदीम जालना थाने के इंस्पेक्टर प्रशांत महाजन ने ANI को बताया, “10 अप्रैल को एक मरीज़ की मौत हो गयी थी जिसके बाद उसने और उसके साथ के लोगों ने अस्पताल में तोड़-फोड़ की जिसके बाद पुलिस को उन्हें हटाने के लिए बलप्रयोग करना पड़ा.”

न्यूज़ 18 लोकमत ने भी ये वीडियो पोस्ट करते हुए ये जानकारी दी कि कोविड ICU में घुसकर तोड़फोड़ करने वाले को पुलिस ने पीटा.

महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता देवेन्द्र फडणवीस ने 28 मई को मामले का संज्ञान लेने के लिए मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को लिखा गया पत्र ट्वीट किया. इसके बाद ख़बर आई कि राज्य सरकार ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पांचो पुलिसवालों को सस्पेंड कर दिया. पीटीआई के हवाले से आई इस ख़बर में द न्यू इंडियन एक्सप्रेस ने ये भी बताया है कि एक नौजवान की सड़क दुर्घटना के कारण अस्पताल में मौत के बाद 9 अप्रैल को कई लोगों ने हॉस्पिटल के ICU में घुस कर डॉक्टरों पर हमला कर दिया था.

इस घटनाक्रम पर ABP माझा, आज तक, दैनिक भास्कर के दिव्य मराठी  और द हिंदुस्तान टाइम्स समेत कई अन्य आउटलेट्स ने रिपोर्ट किया है.

महाराष्ट्र में भाजपा युवा मोर्चा के ज़िला सचिव शिवराज नारियलवाले को पुलिसवालों द्वारा पीटे जाने का वीडियो ये बताकर वायरल है कि शख्स को मरीज़ की ऑक्सीजन सप्लाई रोकने के लिए पीटा गया. असल में, शिवराज को अस्पताल में तोड़-फोड़ मचाने के लिए पीटा गया था. बलप्रयोग और वर्दी की आड़ में क्रूरता करने के लिए इसमें शामिल पुलिसवालों को सस्पेंड किया जा चुका है.


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ग़लत
दावा:
ऑक्सीजन सप्लाई को रोकने के आरोप में एक आदमी को पुलिसवालों ने पीटा

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