सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में पुलिसकर्मियों को कुछ भक्तों के साथ मारपीट करते हुए देखा जा सकता है. दावा है कि पश्चिम बंगाल पुलिस विदेशों से आए इस्कॉन भक्तों को हिन्दू धर्म का प्रचार करने और भगवत गीता बांटने पर पीट रही है. भाजपा समर्थक ट्विटर हैन्डल ‘@PNRai1’ ने ये वीडियो ट्वीट करते हुए लिखा, “लगता है हिंदू धर्म बचाने के लिए विदेशियों की मदद लेनी पड़ेगी। कोलकाता में इस्कॉन के अनुयाई श्री कृष्ण का भजन करते हुए जा रहे थे की ममता ने उन्हें खदेड़ने के लिए पुलिस भेज दिया। पुलिस ने उन पर हमला किया जवाब में उन्होंने पुलिस को ही खदेड़ दिया। भारत के हिंदुओं को सीखना होगा।”. (आर्काइव लिंक)

ट्विटर हैन्डल ‘@saisrini129’ ने भी ये वीडियो इसी दावे के साथ ट्वीट किया है. (आर्काइव लिंक)

ऑल्ट न्यूज़ की ऑफ़िशियल ऐप (एंड्राइडiOS) और व्हाट्सऐप नंबर (+91 76000 11160) पर इसकी जांच के लिए कुछ रीक्वेस्ट आई हैं.

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साल 2018 से वायरल है ये वीडियो

ये वीडियो साल 2018 से ऐसे ही दावे के साथ वायरल है.

फ़ैक्ट-चेक

ऑल्ट न्यूज़ ने इस वीडियो की जांच 3 साल पहले की थी जब इसे गोवा में ईसाई मिशनरी द्वारा कृष्ण भक्तों पर अत्याचार के दावे से शेयर किया जा रहा था.

26 नवंबर 2008 के हेरल्ड गोवा के आर्टिकल की फ़ीचर इमेज में इस वीडियो में दिख रहे पुलिसकर्मी और भक्त दिखाई देते हैं.

इस आर्टिकल के पुराने होने के कारण शायद इसका कॉन्टेंट छोटा कर दिया गया है. क्योंकि पिछले 13 सालों में इस वेबसाइट में कई बदलाव हुए होंगे.

हमें इस आर्टिकल में लिखा टेक्स्ट 2013 के रेडिट थ्रेड में मिला. इसके मुताबिक, ये घटना गोवा में साल 2008 में हुई थी जिसमें ‘हरे राम हरे कृष्ण’ पंथ से जुड़े कुछ रूसी लोगों का पुलिस के साथ झगड़ा हो गया था. पुलिस कुछ स्थानीय लोगों की शिकायत पर इन्हें रोकने की कोशिश कर रही थी जिसके बाद उनके बीच झड़प हो गई थी. इस विवाद में 2 पुलिसकर्मी घायल हुए थे और 8 रूसी लोगों को पुलिस के साथ मारपीट करने के आरोप में गिरफ़्तार किया गया था.

कुल मिलाकर, ये वीडियो पश्चिम बंगाल की हाल की घटना का नहीं है. ऐसे वीडियोज़ के ज़रिए सोशल मीडिया पर ये दावा किया जा रहा है कि पश्चिम बंगाल में हिन्दू धर्म के लोग सुरक्षित नहीं है. पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव परिणाम के बाद से ऐसे कई वीडियोज़ और तस्वीरें शेयर की गई है.


Bed Scam में तेजस्वी सूर्या के 16 मुस्लिम कर्मचारियों का नाम लेने के बाद उनके दावे फ़र्ज़ी मालूम पड़े :

ग़लत
दावा:
पश्चिम बंगाल में पुलिस ने विदेश से आए इस्कोन भक्तों पर किया अत्याचार

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