26 अगस्त 2026 को नेपाल के कुछ हिस्सों में आई बाढ़ और भूस्खलन के बाद सोशल मीडिया पर कई वीडियोज़ वायरल हैं. ऐसा ही एक वीडियो शेयर करते हुए कुछ यूज़र्स दावा कर रहे हैं कि कि नेपाल में आई हालिया आपदा के बाद मुक्तिनाथ में 17 करोड़ साल से ज़्यादा पुराना और 30 टन वजन का दुनिया का सबसे बड़ा शालिग्राम मिला है.

इसी संदर्भ में ज़ी न्यूज़ ने वायरल वीडियो के एक स्क्रीनग्रैब को शेयर करते हुए, हैशटैग #Nepal, #Flood और #Shaligram के साथ लिखा कि “Viral Video : बाढ़ ने खोला राज, मिला 17 करोड़ साल पुराना शालिग्राम.”

पहले भी कई मौकों पर गलत और नफरती जानकारी फैलाते पाए गए राइट विंग एक्स-यूज़र अमिताभ चौधरी (@MithilaWaaala) ने एक वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “डायनासोर से भी पुराना पत्थर. दुनिया का सबसे बड़ा 31 टन वजनी शालिग्राम भगवान विष्णु के रूप में प्रतिष्ठित है जो नेपाल में पाया गया है.”

एक्स-यूज़र शशांक शेखर झा, एक्स-हैंडल @Nalanda_index, @CodexZeroTR, @Krishnavallabhi, @bhaktSenapati समेत कई फेसबुक और इंस्टाग्राम अकाउंट्स भी ऐसे ही दावों के साथ वीडियो और फोटोज़ शेयर कर रहें हैं.

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फैक्ट-चेक

वायरल दावे की सच्चाई जानने के लिए ऑल्ट न्यूज़ ने संबंधित की-वर्ड्स सर्च किया. इस दौरान हमें वायरल वीडियो में दिखाई दे रही मूर्ति की तस्वीरों के साथ 30 जून 2026 को पब्लिश ‘Himalaya Times‘ और ‘Online Khabar‘ की रिपोर्ट मिली. इसमें बताया गया कि नेपाल के मुस्तांग ज़िले में स्थित घरपाझोंग ग्रामीण नगरपालिका के वार्ड 4 के जोमसोम में कालीगंडकी नदी के किनारे एक चट्टान पर उकेरी गई 22 फुट ऊंची शालिग्राम प्रतिमा धार्मिक आस्था का केंद्र बनती जा रही है. रिपोर्टों के मुताबिक, नेपाल ललित कला अकादमी के मूर्तिकारों ने 20 अप्रैल से 4 मई 2026 के बीच कालीगंडकी नदी के किनारे एक विशाल चट्टान को तराशकर 22 फुट ऊंची शालिग्राम प्रतिमा बनाई थी.

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जांच में हमें देश संचार नामक वेबसाइट की एक रिपोर्ट मिली. रिपोर्ट के अनुसार, मूर्तिकारों द्वारा तराशी गई 22 फुट ऊंची प्रतिमा का 28 मई 2026 की शाम को घरपाझोंग ग्रामीण नगरपालिका के वार्ड 4 के जोमसोम में काली गंडकी नदी के किनारे धार्मिक अनुष्ठानों के बाद अनावरण किया गया.

आगे, हमें फेसबुक पेज Nepal Raibar पर 23 अप्रैल 2026 को अपलोड किया गया एक वीडियो मिला जिसमें कलाकार कालीगंडकी नदी के किनारे एक चट्टान पर शालिग्राम प्रतिमा को उकेरते (तराशते) हुए नज़र आ रहे हैं.

जांच आगे बढ़ाते हुए वायरल वीडियो में दिख रही शालिग्राम प्रतिमा को जियोलोकेट भी किया. ये प्रतिमा जोमसोम में ‘Thakkhola Lodge & Jimihendrix Restaurant‘ के सामने कालीगंडकी नदी में स्थित एक चट्टान पर मिली.

हमने इसी जगह की 2025 में ली गई Google Street View तस्वीर की तुलना वायरल वीडियो से की. 2025 की तस्वीर में नदी के बीच एक बड़ी चट्टान दिखाई देती है. लेकिन उस पर शालिग्राम की कोई प्रतिमा नहीं बनी हुई है. वायरल वीडियो के स्क्रीनग्रैब और 2025 की Google Street View तस्वीर के बीच का अंतर नीचे देखा जा सकता है.

यानी, स्पष्ट है कि वायरल वीडियो में दिख रही शालिग्राम की प्रतिमा कोई प्राकृतिक या प्राचीन शिला नहीं है. बल्कि अप्रैल-मई 2026 के दौरान एक चट्टान को तराशकर बनाई गई प्रतिमा है. इसलिए इसका अगस्त 2026 में नेपाल में आयी हालिया आपदा से कोई संबंध नहीं है.

हमने शालिग्राम प्रतिमा वाले वायरल वीडियो के अलग-अलग की-फ़्रेम्स को रिवर्स इमेज सर्च किया. हमें ज़ी न्यूज़ और अन्य यूज़र्स द्वारा शेयर किए गए स्क्रीनग्रैब और वीडियो का मूल वीडियो संस्करण दुर्गा प्रसाद पौडेल नामक इंस्टाग्राम यूज़र के अकाउंट पर 2 जून 2026 को पोस्ट किया हुआ मिला.

इसी तरह दूसरा वायरल वीडियो हमें रिजान डोंगोल नामक इंस्टाग्राम यूज़र के अकाउंट पर 30 जून 2026 को अपलोडेड मिला.

 

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वहीं, तीसरा वायरल वीडियो हमें अर्जुन सिंह नामक फेसबुक यूज़र के अकाउंट पर 8 जून 2026 को शेयर किया हुआ मिला. इसके कैप्शन में लिखा है, “मुस्तांग के जोमसोम में काली गंडकी नदी के किनारे 22 फुट ऊंची शालिग्राम की एक विशाल प्रतिमा स्थित है. जगद्गुरु शंकराचार्य महास्वामी विदुषेकरा भारती द्वारा उद्घाटित ये विशाल कृति भारी संख्या में तीर्थयात्रियों को आकर्षित करती है और नेपाल में एक प्रमुख आध्यात्मिक और सांस्कृतिक स्थल के रूप में खड़ी है.”

यानी, शालिग्राम प्रतिमा वाले तीनों वायरल वीडियोज़ जून 2026 से सोशल मीडिया पर उपलब्ध हैं. इसका दूर-दूर तक अगस्त में नेपाल में आयी हालिया आपदा से कोई संबंध नहीं है.

कुल मिलाकर, ज़ी न्यूज़ और अन्य यूज़र्स का ये दावा कि नेपाल में हालिया आपदा के बाद मुक्तिनाथ में 17 करोड़ साल से ज़्यादा पुराना और 30 टन वज़न का दुनिया का सबसे बड़ा शालिग्राम मिला है, ये दावा पूरी तरह भ्रामक है. असल में वायरल वीडियो में दिख रही 22 फुट ऊंची शालिग्राम प्रतिमा हकीकत में अप्रैल-मई 2026 में मुस्तांग ज़िले के जोमसोम में कालीगंडकी नदी के किनारे एक चट्टान को तराशकर बनाई गई है. वहीं सोशल मीडिया पर वायरल शालिग्राम प्रतिमा के वीडियोज़ भी जून 2026 के हैं जिसका नेपाल में हालिया आपदा से कोई संबंध नहीं है.

ग़लत
दावा:
नेपाल के मुक्तिनाथ में 17 करोड़ साल से अधिक पुराना और 30 टन वजनी दुनिया का सबसे बड़ा शालिग्राम

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