सोशल मीडिया पर बांग्लादेश जमीयत अहल-अल-हदीस द्वारा जारी एक कथित नोटिस की तस्वीर वायरल है. इसमें कथित तौर पर हिंदू महिलाओं को इस्लाम में परिवर्तित करने के रेट की घोषणा की गई है. कई भारतीय राईट विंग यूज़र्स बंगाली में लिखा ये नोटिस शेयर कर रहे हैं.

वेरिफ़ाईड राइट विंग ट्विटर अकाउंट ‘@_treeni’ ने इस नोटिस का स्क्रीनशॉट शेयर किया साथ ही बांग्ला में लिखे इस नोटिस का अंग्रेज़ी अनुवाद भी इसमें शामिल है. इस नोटिस के मुताबिक, एक ब्राह्मण महिला के धर्म परिवर्तन करवाने का रेट 3 लाख टका है, एक भारतीय बंगाली महिला के लिए 2 लाख टका है, एक ‘नामशूद्र’ (अनुसूचित जाति) महिला के लिए 50 हज़ार टका है और एक पूरे परिवार के लिए 5 लाख टका है. यूज़र ने ये भी लिखा कि “बांग्लादेश साइबर टीम ने जब कुछ व्हाट्सएप ग्रुप को हैक किया तब उन्हें बड़ी विस्फोटक जानकारी मिली.” (आर्काइव)

बाद में ये ट्वीट हटा दिया गया.

यही नोटिस एक अन्य राईट विंग यूज़र @jpsin1 ने भी इसी दावे के साथ शेयर किया था जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी फ़ॉलो करते हैं. (आर्काइव)

वेरिफ़ाईड यूज़र @atsshow7 ने भी यही नोटिस ट्वीट किया. उन्होंने लिखा, “भाईचारे की भांग पिलाकर आपका पतन कैसे किया जा रहा है, आपको पता नहीं चल रहा. अब आप उनको पहचानिए जो CAA का भारत में विरोध कर रहे हैं.” (आर्काइव)

कई अन्य यूज़र्स ने वायरल दावे को बढ़ाते हुए कथित नोटिस शेयर किया. (आर्काइव्स- 123)

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फ़ैक्ट-चेक

नोटिस को करीब से देखने पर हमने पाया कि इसकी तारीख 6 फ़रवरी, 2022 थी.

बांग्लादेश जमीयत अहल-अल-हदीस के ऑफ़िशियल पेज पर हमने सभी पोस्ट को चेक किया. हमने देखा कि 6 फ़रवरी को वेबसाइट पर कुछ भी अपलोड नहीं किया गया था, 7 फ़रवरी को दो नोटिस पोस्ट किए गए थे जिनमें से दोनों पर 6 फ़रवरी की तारीख थी. इनमें से एक वायरल तस्वीर पर दिए गए रेफ़रेंस नंबर से मेल खाता था.

वायरल तस्वीर में ये देखा जा सकता है कि वाक्यांश “বিশেষ বিজ্ঞপ্তি” (विशेष सूचना) (पीले रंग के घेरे में) को नोटिस के अभिवादन के साथ जोड़ दिया गया है. ये गलती ऑफ़िशियल पेज में शायद ही कभी देखी जाती है. इसके अलावा, शब्द “ধন্যবাদান্তে” (धन्यवाद) (हरे रंग के घेरे में) को भी पेज के मुख्य भाग के लाइन में रखा गया है ऐसी भूल ऑफ़िशियल कॉरेस्पोंडेंस में मुश्किल से ही दिख सकती है. असली नोटिस में कोई साफ तौर पर देख सकता है कि ये शब्द नोटिस के मुख्य भाग के बाद आता है. ये सभी खामियां इस फ़ैक्ट की ओर इशारा करती हैं कि वायरल तस्वीर में नोटिस के कंटेंट (जिसमें हिंदुओं के धर्मांतरण के रेट की घोषणा की गई थी) को असली नोटिस में बदल दिया गया था.

ऑफ़िशियल साइट पर असली नोटिस 5 फ़रवरी, 2022 को बांग्लादेश जमात-ए-हदीस की गवर्निंग काउंसिल की चौथी बैठक में लिए गए निर्णयों का एक संक्षिप्त विवरण है, जिसमें मुस्लिम नागरिकों के बीच कुरान और हदीस शिक्षा को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया है. इसमें घोषणा किया गया कि ज़िले के संगठनात्मक अधिकार क्षेत्र के अंदर सभी शाखाओं की मस्जिदों में नियमित कुरान और हदीस की क्लासेस शुरू की जाएंगी, प्राप्तकर्ताओं से अपने संबंधित क्षेत्रों के लिए ज़रुरी व्यवस्था करने का आग्रह किया गया.

नीचे असली सूचना का गूगल-अनुवादित वर्जन है:

इसके अलावा, बांग्लादेश जमीयत अहल-अल-हदीस ने 4 अप्रैल को इस मामले पर संज्ञान लेते हुए एक प्रेस रिलीज़ में इस नोटिस को फ़र्ज़ी बताया. 

कुल मिलाकर, बांग्लादेश जमीयत अहल-अल-हदीस वेबसाइट से लिया गया फ़रवरी 2022 का एक नोटिस, भारतीय राईटविंग यूज़र्स द्वारा एडिट करके और बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया है. वायरल तस्वीर में कथित तौर पर बांग्लादेश में हिंदू महिलाओं के धर्म परिवर्तन करने की रेट दिखाई गईं, जबकि असल में नोटिस सभी संबद्ध मस्जिदों में नियमित कुरान और हदीस क्लासेस शुरू करने के बारे में था.

हिंदुओं को इस्लाम में परिवर्तित करने के लिए रेट कार्ड के बारे में झूठे दावे पहले भी कई बार राईटविंग इकोसिस्टम द्वारा किये गए हैं. ऑल्ट न्यूज़ ने इन दावों को कई बार ग़लत पाया है. इस मामले पर संबंधित रिपोर्ट यहां पढ़ी जा सकती है. 2017 में टाइम्स नाउ ने फ़ोटोशॉप्ड तस्वीर के आधार पर इस विषय पर एक प्राइमटाइम रिपोर्ट चलाई थी.

ग़लत
दावा:
बांग्लादेश में हिन्दू महिलाओं के धर्म बदलने के रेट फिक्स हैं

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