सोशल मीडिया पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रमुख अभिजीत दीपके का एक कथित बयान वायरल हो रहा है. यूज़र्स ये दावा कर रहे हैं कि अभिजीत दीपके ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय को अपने आदेश वापस लेने को कहा है जिसमें विजय ने छात्रों और नेताओं से भविष्य में किसी भी सीजेपी बैठक या विरोध प्रदर्शन में शामिल न होने का अनुरोध किया था.
वायरल दावे के मुताबिक, अभिजीत दिपके ने कहा, “थलपति विजय छात्रों को आदेश देने वाले कौन होते हैं? कोई भी छात्र किसी भी विरोध प्रदर्शन में शामिल हो सकता है, यह उनका मौलिक अधिकार है. अगर आदेश वापस नहीं लिया गया तो हम तमिलनाडु जाकर विजय और उनके सरकारी स्कूलों का पर्दाफाश करेंगे.”
एक्स-यूज़र रोहित (@Iam_Rohit_G) ने अभिजीत दीपके की एक फोटो के साथ ये कथित बयान शेयर किया.
Abhijeet Dipke orders Thalapathy Vijay to take back his Orders!!
Thalapathy Vijay has asked students and leaders not to attend any CJP Meetings or Protest in future..
Abhijeet Dipke “Who is Thalapathy Vijay to give orders to students, Any student can attend any protest, it’s… pic.twitter.com/AuKoqwXOXm
— Rohit (@Iam_Rohit_G) August 22, 2026
एक्स, फेसबुक समेत इंस्टाग्राम पर मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय को चेतावनी देने वाला अभिजीत दीपके का ये कथित बयान वायरल है.
फैक्ट-चेक
वायरल दावे की सत्यता जानने के लिए ऑल्ट न्यूज़ ने संबंधित की-वर्ड सर्च किया. हमें 20 अगस्त 2026 को ‘न्यूज़ तक’ के यूट्यूब चैनल पर अभिजीत दीपके का एक वीडियो मिला, जिसके टाइटल पर लिखा कि “विजय के आदेश पर क्या बोले CJP के अभिजीत दीपके?”.
वीडियो में एक पत्रकार ने अभिजीत दीपके से पूछा, “तमिलनाडु के जो मुख्यमंत्री थे उन्होंने डीसी के आर्डर दिया था कि शिक्षा विभाग हो गया, स्कूल विभाग हो गया, पुलिस हो गए ऑफिशियली जो है जो कॉकरोच जनता पार्टी को सपोर्ट कर रहे हैं उन्हें रोकने के लिए उन्होंने आर्डर दिया था. लेकिन आज उन्होंने उस आर्डर को पीछे लिया है, किस तरीके से देखते हैं आप?”
इस पर अभिजीत दीपके कहते हैं, “नहीं ये तो ऑर्डर आना ही गलत था, क्योंकि क्यों किसी को आंदोलन करने से रोकना चाहिए? ये तो फंडामेंटल राइट है, ये डेमोक्रेटिक राइट है. तो ऐसे ऑर्डर्स तो मतलब कहीं ना कहीं दिखाते हैं कि आपको लोगों से डर लग रहा है. जो लोग अपनी बात रख रहें हैं उससे डर लग रहा है, तो ऐसे तो ऑर्डर नहीं आने चाहिए और उन्होंने वापस लिया तो अच्छा किया, उन्होंने वापस ले लिया.” 8 मिनट के इस पूरे वीडियो में कहीं भी अभिजीत दीपके ने जोसेफ विजय को चेतावनी देने की बात नहीं की.
इसी प्रेस संबोधन का करीब 10 मिनट लंबा वीडियो महाराष्ट्र टाइम्स के यूट्यूब चैनल पर है. हमने पूरा वीडियो देखा लेकिन वीडियो में कहीं भी अभिजीत दीपके तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय को चेतावनी देते या वायरल बयान जैसा कुछ कहते हुए नहीं दिख रहे.
जांच के दौरान हमें ऐसी कोई खबर नहीं मिली जिसमें अभिजीत दीपके द्वारा जोसेफ विजय को चेतावनी दिए जाने के बारे में लिखा हो.
हमने अभिजीत दीपके से संपर्क किया. उन्होंने कहा, “मैंने तो बस यही बोला था कि ये ऑर्डर आना ही गलत था. और मुझे खुशी हुई कि इसे वापस ले लिया गया. और लोकतंत्र में सरकार को जनता का डर होना चाहिए.”
कुल मिलाकर, अभिजीत दीपके ने जोसेफ विजय को किसी तरह की चेतावनी वाले बयान नहीं दिए. इसीलिए वायरल दावा ग़लत है. इससे पहले भी अभिजीत दीपके का हवाला देकर एक और ग़लत बयान शेयर किया गया था जिसमें झारखंड सीएम का इस्तीफ़ा नहीं बल्कि ज़िम्मेदारी लेने की बात अभिजीत दीपके ने नहीं कही थी. ऑल्ट न्यूज़ ने इस मामले की भी जांच की थी.
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