सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल है जिसमें कुछ लोग फ़ायर सर्विस ट्रक पर खड़े होकर भीड़ पर कुछ फेंक रहे हैं. जबकि पुलिस पास ही खड़ी है. वायरल क्लिप पर बंगाली में लिखा है, “मीडिया अब कहेगा कि ये[चीज़ें] टमाटर थे, पत्थर नहीं.” कई सोशल मीडिया यूज़र्स ने ये वीडियो शेयर किया और सीधे तौर पर या ये इशारा करते हुए दावा किया कि क्लिप में 24 जुलाई को कोलकाता में CJP के विरोध प्रदर्शन के दौरान BJP के सदस्य पत्थर फेंक रहे हैं.

ये वीडियो तब बड़े पैमाने पर शेयर किया गया जब ऐसी ख़बरें आईं कि विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस और पत्रकारों के खिलाफ कथित हिंसा के सिलसिले में कम से कम 14 लोगों को गिरफ़्तार किया गया था.

सुमन सेनगुप्ता (@sumonseng) नामक एक यूज़र ने X (पहले ट्विटर) पर ये क्लिप इस कैप्शन के साथ शेयर की: “ये गुंडे कौन हैं जो WB सरकार की #FireBrigade की गाड़ियों पर सवार होकर #ResignationofDharmendraPradhan (जो आखिरकार हुआ) के लिए 24.7.26 को रैली में शामिल होने वाले #Kolkata के छात्रों पर पत्थर फेंक रहे हैं? क्या #GodiMedia के पास इनकी पहचान करने का समय होगा?” (आर्काइव)

एक और यूज़र, आदित्य साहा (@AdityaSaha12D) ने भी ये वीडियो शेयर करते हुए दावा किया, “पश्चिम बंगाल सरकार की फ़ायर इंजन पर चढ़कर, बीजेपी के गुंडे—कॉकरोच जनता पार्टी के समर्थक—कोलकाता की रैली में पत्थर फेंक रहे हैं.” इस पोस्ट को 30 हज़ार से ज़्यादा बार देखा गया है. (आर्काइव)

CPI(M) नेता मोहम्मद सलीम ने आदित्य साहा की पोस्ट रीशेयर की और X पर बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी को टैग किया. (आर्काइव)

इस वीडियो को सबिर (@SabirAl72017365) नामक एक X यूज़र ने कोलकाता का बताकर शेयर किया. पत्रकार अपर्णा भट्टाचार्य (@chhuti_is) ने वायरल वीडियो से लिए गए फ़्रेम का एक कोलाज शेयर किया जिस पर बंगाली में लिखा था, “ये ‘फ्राइडे पीपल’ (शुक्रवार वाले लोग) कौन हैं? धर्मतला में छात्र आंदोलन में.” (आर्काइव)

‘फ्राइडे पीपल’ शब्द बंगाल के मुख्यमंत्री की उन टिप्पणियों की ओर इशारा करता है जिनमें उन्होंने कहा था कि रैली के दौरान हुई हिंसा के पीछे मुसलमान थे. उन्होंने बंगाली में “शुक्रोबारी” शब्द का इस्तेमाल किया था.

इस वीडियो या क्लिप से लिए गए फ़ोटो के कोलाज को SFI नेता मयूख बिस्वास समेत कई फ़ेसबुक यूज़र्स ने भी बड़े पैमाने पर शेयर किया.

अन्य पोस्ट्स में से, ‘SK A Live‘ नामक एक यूज़र की पोस्ट को 12 हज़ार बार शेयर किया गया. सभी पोस्ट्स में दावा किया गया था कि ये घटना कोलकाता की है.

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फ़ैक्ट-चेक 

वायरल क्लिप की पुष्टि करने के लिए, हमने इसके फ़्रेम्स को रिवर्स-इमेज सर्च किया. हमें एक वीडियो मिला जिसका शीर्षक था, “कांग्रेस द्वारा भाजपा कार्यालय निंदा के दौरान भाजयुमो के प्रदेश अध्यक्ष शशांक टमाटर फेंकते हुए.” ये वीडियो 23 जुलाई 2026 को ‘पब्लिक’ नाम के न्यूज़ पोर्टल पर अपलोड किया गया था.

हमने इस वीडियो की तुलना वायरल क्लिप से फ़्रेम-दर-फ़्रेम की और पाया कि ये एक ही घटना के थे और उनमें वही लोग दिख रहे थे:

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वायरल क्लिप को ध्यान से देखने पर फ़ायर-सर्विस की गाड़ी पर पीले रंग में “झारखंड” लिखा हुआ भी दिखाई देता है. इससे ये पुष्टि होती है कि ये घटना कोलकाता में नहीं, बल्कि झारखंड में हुई थी.

‘Public’ ऐप पर अपलोड किए गए वीडियो में ‘SHIELD’ का साइनबोर्ड दिख रहा है. इसी जानकारी के आधार पर, हमने गूगलमैप्स पर उस जगह का पता लगाया और पाया कि वायरल वीडियो झारखंड के रांची में हरमू हाउसिंग कॉलोनी के पास शूट किया गया था. जियोलोकेशन के बारे में आगे दिए गए ग्राफ़िक्स में बताया गया है:

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इसी घटना की एक वीडियो रिपोर्ट Indo-Asian News Service (IANS) ने इस कैप्शन के साथ पब्लिश की: “रांची, झारखंड: NEET पेपर लीक और छात्रों पर लाठीचार्ज को लेकर BJP ऑफिस के बाहर कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन के दौरान अंडे और टमाटर फेंके गए, साथ ही केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के पद को लेकर भी मांगें रखी गईं.” वीडियो रिपोर्ट में 43 सेकेंड पर, गाड़ी के ऊपर खड़े लोगों को टमाटर से भरा प्लास्टिक बैग पकड़े हुए और उसे प्रदर्शनकारियों पर फेंकते हुए देखा जा सकता है.

‘द स्टेट्समैन’ की एक रिपोर्ट, जिसका टाइटल था, “रांची में BJP और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच झड़प, टमाटर और अंडे फेंके गए”, में कहा गया है कि “गुरुवार को रांची में NEET पेपर लीक के आरोपों और प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई के खिलाफ कांग्रेस का मार्च एक राजनीतिक टकराव में बदल गया. BJP राज्य मुख्यालय के बाहर BJP और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच आमना-सामना हुआ जिसमें अंडे, टमाटर और पत्थर फेंके गए, जबकि पुलिस दोनों गुटों को अलग रखने की कोशिश करती रही.”

रिपोर्ट में ये भी बताया गया है कि ये झड़प 23 जुलाई को हुई थी जो झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर कांग्रेस समिति कार्यालय के सामने BJP कार्यकर्ताओं के विरोध प्रदर्शन के एक दिन बाद हुई थी.

कुल मिलाकर, सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल है जिसमें दावा किया गया है कि इसमें 24 जुलाई को कोलकाता में हुए CJP विरोध प्रदर्शन के दौरान BJP कार्यकर्ताओं को पत्थर फेंकते हुए दिखाया गया है. हमारे फ़ैक्ट-चेक से पता चला है कि वायरल वीडियो झारखंड का है जहां BJP के कुछ सदस्यों ने कांग्रेस प्रदर्शनकारियों पर टमाटर फेंके थे. ये घटना 23 जुलाई को हुई थी और इसका कोलकाता विरोध प्रदर्शन से कोई संबंध नहीं है.

अबीरा दास एक स्वतंत्र रिसर्चर हैं. वो पहले ‘ऑल्ट न्यूज़’ से जुड़ी हुई थीं.

ग़लत
दावा:
कोलकाता में cjp प्रोटेस्ट में भाजपा कार्यकर्ताओं ने छात्रों पर पत्थर फेंके

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