पुलिस द्वारा कुछ लोगों को बेरहमी से मारने का वीडियो इस दावे से सोशल मीडिया में वायरल है कि उत्तर प्रदेश पुलिस सार्वजनिक सम्पति को नुकसान पहुंचाने वाले पत्थरबाजों की पिटाई कर रही है. अक्षस RSS की ट्वीट के अनुसार, “UP Police प्रस्तुत शॉर्ट फिल्म अंजाम ऐ पत्थरबाजीदेश की संपत्ति को नुकसान पहुचाने वालो के साथ यही होना चाहिये।”

आकाश RSS का नाम ‘आकाश सोनी’ है. 2017 की एक रिपोर्ट में, ऑल्ट न्यूज़ ने अपनी जांच में पाया कि लोकप्रिय फ़र्ज़ी समाचार चैनल ‘कवरेज टाइम्स ‘के पीछे का चेहरा आकाश सोनी ही हैं. जून 2018 में प्रकाशित एक अन्य रिपोर्ट में यह बात सामने आयी कि प्रोपोगंडा और फ़र्ज़ी जानकारियां साझा करने वाले फेसबुक पेज ‘BJP All India’ के पीछे के एकमात्र व्यक्ति वह ही थे. सोनी को व्हाट्सएप ग्रुप के ज़रिये पत्रकार रविश कुमार को परेशान करने के पीछे भी पाया गया है.

2 जनवरी को, एक संतोष भारद्वाज नामक उपयोगकर्ता ने भी इस वीडियो को समान दावे से ट्वीट किया था.

हार्दिक शांडिल्य ने भी समान दावे से वीडियो को ट्विटर पर पोस्ट किया है -“2020 की यूपी पुलिस की प्रस्तुति एक शॉर्ट फिल्म जिसका टाइटल है :- “अंजाम-ऐ-पत्थरबाज़ी एवं तोड़फोड़.” आश्चर्य से, वीडियो के साथ शेयर किये जा रहे सभी सन्देशों में एक ही मुहावरा इस्तेमाल किया गया है -“अंजाम-ऐ-पत्थरबाज़ी”

2015 का मध्यप्रदेश का वीडियो

यूट्यूब पर की-वर्ड्स से सर्च करने पर, ऑल्ट न्यूज़ को 29 मई, 2015 को साझा की गई ABP News की एक रिपोर्ट मिली. वीडियो का शीर्षक है, “इंदौर पुलिस ने अपराधियों की सार्वजनिक रूप से पिटाई की.”

रिपोर्ट के मुताबिक, शहर में बढ़ रहे अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए मध्यप्रदेश की इंदौर पुलिस ने तालिबान का रुख अपनाया था. पुलिस ने इंदौर के लगभग 15 पुलिस स्टेशन के अपराधियों को एक जुलुस के रूप में बाहर निकाला था. अपराधियों और संदिग्धों, दोनों की पुलिस सार्वजनिक रूप से पिटाई की थी. रिपोर्ट में बताया गया है कि पुलिस इन लोगों के डर को आम जनता के मन से दूर करने के लिए उन्हीं के इलाके में उनकी पिटाई कर रही थी.

यूपी पुलिस के तथ्य जांच टीम ने भी ट्विटर पर यह स्पष्ट किया कि यह वीडियो उनके राज्य का नहीं है.

इस तरह मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा एक व्यक्ति की सार्वजनिक तौर पर पिटाई करने का चार साल पुराना वीडियो, उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा राज्य में नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान पत्थरबाज़ी करने वाले लोगों की सरेआम पिटाई करने के दावे से शेयर किया गया.

ग़लत
दावा:
यूपी पुलिस राज्य में पत्थरबाज़ी करने वाले लोगों की कर रही है सरेआम पिटाई

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