21 अगस्त को ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान के तहत राजस्थान के एक गांव में स्कूल का निरीक्षण करने पहुंचे CJP सह-संयोजक आशुतोष रांका और उनके साथियों पर हमला हुआ. 22 अगस्त को स्थानीय BJP विधायक कैलाश वर्मा ने मीडिया के सामने अपना पक्ष रखते हुए घटना की पूरी ज़िम्मेदारी CJP पर डाल दिया. उन्होंने दावा किया कि ‘30-40 गाड़ियों में CJP के लगभग 100 से 150 कार्यकर्ता गांव के ऊपर धावा बोल दिए और गांव के लोगों को डराए‘. विधायक ने यहां तक आरोप लगाया कि CJP कार्यकर्ताओं ने महज सहानुभूति बटोरने के उद्देश्य से खुद ही अपनी गाड़ियों पर पथराव किया और शीशे तोड़ लिए.
100-150 लोग आते है गाव वालो के हाथापाई करते है और खुद वीडियो बनाने के लिए खुद पत्थर फेकते है खुद की गाडिया खुद तोड लेते है चोरी और सीनाजोरी दोनो करने के बावजूद आप 48 घंटे का अल्टीमेटम देते हो
– कैलाश वर्मा (स्थानिय BJP विधायक)
मगर वीडियो मे सबसे मजेदार बात ये है जो शख्स गाडियो… pic.twitter.com/yVfoBqZnu5— एक नजर (@1K_Nazar) August 22, 2026
हालांकि, सार्वजनिक तौर पर मौजूद वीडियो साक्ष्य में स्पष्ट रूप से एक व्यक्ति CJP कार्यकर्ताओं के 2 गाड़ियों के शीशे तोड़ते हुए दिखता है. इतना ही नहीं, ये शख्स छड़ी से एक लड़के को पीट भी रहा है. और चौंकाने वाली बात ये है यही वो व्यक्ति है जिसने कैमरे पर खुद को बीजेपी के साथ होने की बात कही. इसके अलावा, जब BJP विधायक कैलाश वर्मा मीडिया से बात कर रहे थे तो ये व्यक्ति उनके साथ खड़ा था.
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, राजस्थान के जयपुर ज़िले में स्थित रामपुरा-कंवरपुरा गांव में आशुतोष रांका के नेतृत्व में कुछ CJP कार्यकर्ता एक सरकारी स्कूल का निरीक्षण करने पहुंचे थे. उनका कहना था कि यह विद्यालय पिछले कई वर्षों से दयनीय स्थिति में एक भैंस-बाड़े के भीतर संचालित किया जा रहा है. हालांकि, जैसे ही टीम ने गांव में कदम रखा, वहां मौजूद कुछ लोगों ने CJP कार्यकर्ताओं को घेर लिया. उनके साथ न केवल धक्का-मुक्की और मारपीट की गई, बल्कि उन पर पथराव कर उनकी गाड़ियों के शीशे भी तोड़ दिए. आशुतोष रांका ने इस घटना का वीडियो एक्स पर पोस्ट किया.
All levels of disgust have been crossed today.
रामपुरा, कंवरपुरा में पिछले काफ़ी सालों से स्कूल भैंसों के तबेले में चल रहा है। लेकिन जब हम वहाँ निरीक्षण करने पहुंचे तो सरेआम मारपीट, पत्थरबाजी की गई। कारों के शीशे फोड़े गए, टीम पर पत्थर बरसाये गए। कपड़े फाड़े गए। ट्यूब में पत्थर… pic.twitter.com/H15osb1ODA
— Ashutosh Ranka (@AshutoshRanka) August 21, 2026
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, CJP टीम के आने की खबर सुनते ही, कुछ लोगों ने गांव की मुख्य सड़क पर ट्रैक्टर-ट्रॉलियां खड़ी करके बैरिकेडिंग कर दी और वहां से गुजरने वाले वाहनों की जांच शुरू कर दी. टीम के गांव में प्रवेश करते ही वहां तनाव की स्थित बन गई. आशुतोष रांका ने कहा कि उग्र भीड़ ने उनके कई कार्यकर्ताओं के हाथ तोड़ दिए, वाहनों को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया और टीम में शामिल महिला सदस्यों पर भी पथराव किया. उन्होंने इस पूरी घटना को एक पूर्व-नियोजित साजिश बताते हुए पुलिस प्रशासन पर मूकदर्शक बने रहने का आरोप लगाया.
लेकिन, BJP नेता कैलाश वर्मा ने इसके उलट दावा किया और कहा कि भारी संख्या में CJP कार्यकर्ताओं ने गांव वालों पर हमला बोला था. लेकिन उन्होंने इस बात का कोई सबूत पेश नहीं किया. गौर करने वाली बात ये है कि जब कैलाश वर्मा मीडिया को संबोधित कर रहे थे, तो ठीक बगल में वही व्यक्ति खड़ा था, जिसे वीडियो में स्पष्ट रूप से CJP कार्यकर्ताओं की गाड़ियों पर हमला करते और शीशे तोड़ते हुए देखा जा सकता है.

ये व्यक्ति कम से कम 2 गाड़ियों पर पीछे से हमला करता है और उनके शीशे तोड़ देता है. नीचे दिए गए वीडियो में इस बात की पुष्टि की जा सकती है.
सर जी इनका हाथ कैसे टूटा उसका सबूत इस विडियो मे है जब अपनी कोहनी की ताकत दिखाते हुए इन्होने गाडी को शीशा तोड दिया pic.twitter.com/sXRN6DLfWO
— Amit Sahu🇮🇳 (@amitsahujourno) August 21, 2026
गाड़ी के शीशे तोड़ने के लिए ये शख्स अपने दाहिने केहुनी का इस्तेमाल करते हुए दिखता है.

इसी व्यक्ति को वीडियो में एक मौके पर हाथ में लकड़ी लेकर एक शख्स पर हमला करते हुए भी देखा जा सकता है.

इस व्यक्ति ने ‘न्यूज़ नेशन‘ के कैमरे के सामने सार्वजनिक रूप से कहा, “यह भाजपा की सरकार है, और हम भाजपा में ही रहेंगे.”
Here’s the confession: He is a BJP member. pic.twitter.com/hYBG3QyOoY
— Rakesh (@AAPKA_RK) August 21, 2026
इन सभी सबूतों के आधार पर कहा जा सकता है कि CJP कार्यकर्ताओं ने खुद अपनी गाड़ियों के शीशे नहीं तोड़े जैसा कि विधायक कैलाश वर्मा ने दावा किया. साथ ही 30-40 गाड़ियों में CJP के 100 से 150 कार्यकर्ताओं द्वारा गांव पर धावा बोलने का भी दावा बेबुनियाद है. ऑनलाइन मौजूद किसी भी वीडियो में न इतनी गाड़ियां दिखती हैं न ही 100 से 150 कार्यकर्ता.
मीडिया को दिए एक बयान में आशुतोष रांका ने कहा कि घटना के समय उनके पास जितने भी वीडियो साक्ष्य मौजूद थे, उन्हें उन्होंने पब्लिक डोमेन में डाल दिया है. अगर दूसरे पक्ष के पास भी कोई वीडियो प्रमाण है, तो वे भी उसे जनता के सामने लाएं. उनका कहना था कि अगर CJP कार्यकर्ताओं द्वारा गांव वालों पर हमला किये जाने की बात की जा रही है तो उसके साक्ष्य भी पेश करें.
राजनीतिक बयानबाज़ी और सबूत
एक्स पर एक पोस्ट में अरविन्द केजरीवाल ने कहा कि भाजपा के गुंडों ने CJP कार्यकर्ताओं पर बुरी तरह हमला किया, उनकी बेरहमी से पिटाई की, उनके कपड़े फाड़े और वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया. केजरीवाल ने यह गंभीर सवाल उठाया कि क्या ये सब सिर्फ इसलिए हो रहा है कि वे बच्चों को अच्छी शिक्षा देने के लिए आवाज़ न उठा सकें?
दूसरी ओर, भाजपा नेता अमित मालवीय ने CJP और अरविंद केजरीवाल के दावों को पूरी तरह से झूठा करार दिया. मालवीय ने तर्क दिया कि विरोध करने वाले स्थानीय ग्रामीण थे, जिन्होंने स्पष्ट रूप से कहा था कि उनका भाजपा से कोई संबंध नहीं है.
यह तो ग़लत हो रहा है। लेकिन झूठ फैलाना उससे भी ज़्यादा ग़लत है।
केजरीवाल एंड कंपनी और CJP के आपिये पहले यह तय कर लें कि गांव वालों को अपनी राजनीति का मोहरा बनाना है या उनकी बात भी सुननी है।
गांव वालों ने साफ कहा है, “हम बीजेपी से नहीं हैं। हमें कोई राजनीति नहीं चाहिए।”
फिर… https://t.co/iJ3XO4cKQl pic.twitter.com/ir9X6cv3Aw
— Amit Malviya (@amitmalviya) August 21, 2026
ध्यान दें, अमित मालवीय ने एक व्यक्ति का वीडियो शेयर किया है जो अपने दाहिने हाथ में चोट दिखाकर इसे CJP कार्यकर्ताओं का हमला बता रहा है लेकिन ये वही व्यक्ति है जिसे अपने दाहिने केहुनी से गाड़ियों का शीशा तोड़ते हुए देखा गया था.
21 अगस्त को CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने चेतावनी भरे लहजे में ट्वीट किया कि यदि अगले 48 घंटों के भीतर स्कूल की मरम्मत का कार्य शुरू नहीं हुआ और भाजपा के गुंडों को गिरफ्तार नहीं किया गया, तो वे स्वयं जयपुर जाएंगे. इस पर पलटवार करते हुए भाजपा नेता हरीश खुराना ने अभिजीत दीपके से सवाल किया कि आपको कैसे पता कि वे भाजपा के गुंडे थे? क्या उनके चेहरे पर यह लिखा था? वे कांग्रेस के लोग भी तो हो सकते हैं.
How do u know they were BJP goons ?
उनके चेहरे पर तो नहीं लिखा होता ।It can be congress people too ,because we all know u r B team of AAP . So there might be chance .
But the fact is we all know ur agenda is anti-BJP n the people were localities. @abhijeet_dipke everyone… https://t.co/QOi1kIRxLG
— Harish Khurana (@HarishKhuranna) August 21, 2026
हालांकि, आशुतोष रांका द्वारा सोशल मीडिया पर शेयर किए गए घटना के वीडियो का बारीकी से विश्लेषण करने पर फुटेज में हमलावर भीड़ के बीच मौजूद एक प्रमुख व्यक्ति की पहचान ‘लालचंद शर्मा’ के रूप में हुई है. लालचंद शर्मा के फ़ेसबुक पेज पर उनके फ़ोटोज़ हैं जिसमें उन्होंने भाजपा का गमछा ओढा है. उनके प्रोफाइल पर भाजपा के कई पुराने ग्राफिक्स और पोस्ट मौजूद थे, जिनमें उन्होंने अपना पद कार्यालय मंत्री, बगरू पूर्व मण्डल, जयपुर बताया था. हालांकि, 2024 के बाद से उनके पेज पर कोई पोस्ट मौजूद नहीं है.






