सोशल मीडिया पर मिठाई फेंक रहे कुछ लोगों की तस्वीरें बिहार विधानसभा चुनाव से जोड़कर शेयर की जा रही हैं. दावा है कि मिठाई फेंक रहे लोग राष्ट्रीय जनता दल के कार्यकर्ता हैं. दरअसल, बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए ने बहुमत से 3 सीटें ज़्यादा हासिल कर महागठबंधन को पीछे छोड़ दिया. विपक्षी दल इससे काफ़ी निराश हुए हैं. इसी दौरान ये तस्वीरें आरजेडी कार्यकर्ताओं की हताशा दिखाने के लिए ट्विटर और फ़ेसबुक पर शेयर की जा रही हैं. फ़िल्म निर्देशक और लेखक हरिंदर सिक्का ने ये तस्वीर ट्वीट की. आर्टिकल लिखे जाने तक इस ट्वीट को 1,100 लाइक्स और 300 से ज़्यादा रीट्वीट्स मिले हैं. (ट्वीट का आर्काइव लिंक)

एक और ट्विटर यूज़र ने ये तस्वीरें हिंदी मेसेज के साथ ट्वीट कीं. (ट्वीट का आर्काइव लिंक)

फ़ेसबुक पर भी ये तस्वीरें आरजेडी के कार्यकर्ताओं की बताकर पोस्ट की गई हैं.

फ़ैक्ट-चेक

ऑल्ट न्यूज़ ने पाया कि इन तस्वीरों का बिहार विधानसभा चुनाव से कोई लेना-देना नहीं हैं. इस आर्टिकल में हम इन तस्वीरों की सच्चाई बारी-बारी से आपके सामने रखेंगे.

पहली तस्वीर

गूगल रिवर्स इमेज सर्च करने पर ये तस्वीर 10 नवंबर 2020 के अमर उजाला के आर्टिकल में मिली. रिपोर्ट में इस तस्वीर को हरियाणा के सिरसा की बताया गया है. रिपोर्ट के मुताबिक, त्योहारों के सीज़न के चलते सिरसा के कंगनपुर रोड स्थित एक रसगुल्ला फ़ैक्ट्री में मुख्यमंत्री उड़नदस्ता व फ़ूड एंड सेफ़्टी विभाग ने छापेमारी की थी. आर्टिकल के अनुसार, “श्री राधे रसगुल्ला फैक्टरी में छापा मारा, यहां से टीम को तीन क्विंटल रसगुल्ला, दो क्विंटल गुलाब जामुन व एक क्विंटल मावा मिला. सभी के सैंपल लिए गए और करीब एक क्विंटल मिठाई में कीड़े, मक्खी व मच्छर मरे हुए मिले। टीम ने करीब एक क्विंटल रसगुल्ले और गुलाब जामुन को जमीन में दबाकर नष्ट किया.”

दैनिक भास्कर ने 11 नवंबर 2020 को इस घटना के बारे में ख़बर पब्लिश की थी.

दूसरी तस्वीर

आसान से रिवर्स इमेज सर्च से हमें ये तस्वीर 16 अगस्त 2019 की दैनिक भास्कर की रिपोर्ट में मिली. रिपोर्ट के मुताबिक, “ग्वालियर में खान-पान में मिलावट और दूषित सामान बेचने वालों के खिलाफ खाद्य विभाग की मुहिम जारी है. त्योहारों को देखते हुए फूड एंड ड्रग सेफ्टी विभाग की टीम ने शुक्रवार को शहर के जोधपुर मिष्ठान भंडार पर छापा मारा. बासी और ख़राब मिठाईयों और ख़राब हो चुका मावा को नये माल में मिलाकर दोबारा नयी मिठाई बनायी जा रही थी.” आगे, आर्टिकल में बताया गया है, “खाद्य विभाग ने फूड सेफ्टी टीम ने जोधपुर मिष्ठान भंडार से 250 किलो से ज्यादा के दूषित लड्डू, पेड़ा, रसगुल्ला और इमरती बरामद की गई. छापे के दौरान दुकान के मैनेजर और स्टाफ टीम से अभद्रता की कोशिश की, इस पर व्यापारी के खिलाफ फूड सेफ्टी एक्ट और सरकारी काम में बाधा का मामला दर्ज किया जाएगा.”

17 अगस्त 2019 को पत्रिका ने भी ग्वालियर के जोधपुर मिष्ठान भंडार में हुई छापेमारी की ख़बर पब्लिश की थी.

कुल मिलाकर, मिठाई की दुकानों पर हुई छापेमारी की पुरानी और असंबंधित तस्वीरें सोशल मीडिया पर बिहार विधानसभा चुनाव से जोड़कर शेयर की गई. शेयर हो रही पहली तस्वीर हरियाणा की है जबकि दूसरी तस्वीर ग्वालियर, मध्य-प्रदेश की है. तस्वीरों के साथ ये झूठा दावा किया गया कि आरजेडी के लोग बिहार चुनाव में मिली हार के बाद मिठाइयां फेंक रहे हैं.


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असत्य
दावा:
आरजेडी ने बिहार विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद पहले से बनी हुई मिठाईया फेंक दी

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