सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें एक लड़का अपने चेहरे को कपड़े से ढककर बीच सड़क पर एक लड़की का गला घोंटने की कोशिश कर रहा है और कुछ लोग लड़की को बचाने की कोशिश कर रहे हैं. इस वीडियो को शेयर करते हुए दावा किया जा रहा है कि ये घटना उत्तर प्रदेश के अमरोहा ज़िले की है जहां एक मुस्लिम लड़के ने एक हिंदू लड़की को उसका प्रपोज़ल ठुकरा देने पर जान से मारने की कोशिश की.
यति नरसिंघानंद सरस्वती के नाम से चलाए जा रहे अकाउंट ने वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि यूपी के अमरोहा में फिर एक जिहादी ने हिन्दू लड़की को मना करने पर अपना शिकार बनाने की कोशिश की और हिन्दू लड़कों ने उस लड़की को बचा लिया. (आर्काइव लिंक)

एक अन्य यूज़र ने वीडियो शेयर करते हुए ऐसा ही दावा किया. (आर्काइव लिंक)
अमरोहा यूपी ….
फिर एक जिहादी ने एक हिन्दू लड़की को मना करने पर अपना शिकार बनाने की कोशिश की। pic.twitter.com/yeM8Wn1i2U
— FIGHTER 3.0 🚩 (@AAjju_33) January 5, 2025
नम्रता सिंह नाम की यूज़र ने भी वीडियो शेयर करते ऐसा ही दावा किया. (आर्काइव लिंक)

फ़ैक्ट-चेक
इस मामले से जुड़े की-वर्ड्स सर्च करने पर हमें अमर उजाला की वेबसाइट पर 6 जनवरी को पब्लिश्ड एक रिपोर्ट मिली. इसमें बताया गया है कि अमरोहा ज़िले के गजरौला में एक युवक ने दिनदहाड़े मेडिकल कॉलेज की छात्रा पर मफलर से गला घोंटकर हत्या करने की कोशिश की. घटना के बाद आरोपी भागकर मुरादाबाद में अपनी बहन के घर छिप गया, जहां से पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया. पुलिस ने आरोपी का नाम राहुल बताया जो शहर के पास के एक गांव का रहने वाला है.

हमने अमरोहा पुलिस के ट्विटर अकाउंट खंगाला तो पता चला कि वायरल वीडियो पर पुलिस ने जवाब देते हुए कहा है कि आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है. पुलिस ने बताया कि दोनों पक्ष सजातीय हैं और पहले से एक-दूसरे को जानते हैं, इसके साथ ही उन्होंने लोगों से भ्रामक खबरें न फैलाने की अपील की. यानी, पुलिस ने साफ किया है कि आरोपी मुस्लिम नहीं है.
महोदय, कृपया अवगत कराना है कि उपरोक्त प्रकरण में प्राप्त तहरीर के आधार पर अभियोग पंजीकृत है, अभियुक्त को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। दोनो पक्ष सजातीय हैं तथा पूर्व परिचित हैं। कृपया भ्रामक खबर न फेलाये।
— Amroha Police (@amrohapolice) January 7, 2025
कुल मिलाकर, कई सोशल मीडिया यूज़र्स ने एक युवक द्वारा एक मेडिकल कॉलेज की छात्रा पर जानलेवा हमला करने की घटना को सांप्रदायिक रंग दे दिया और झूठा दावा किया कि युवक मुसलमान था.





