“बेंगलुरु में मुस्लिमों ने एक मस्ज़िद का नाम @narendramodi जी के नाम पर रखा। पता नहीं कितने लोग इसके बाद आत्महत्या कर लेंगे”। -(अनुवाद)

उपरोक्त संदेश में यह दावा किया गया है कि बेंगलुरु की एक मस्ज़िद का नाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पर रखा गया है। इसे @mahesh10816 ने ट्वीट किया है और इन्हें खुद प्रधानमंत्री ट्विटर पर फॉलो करते हैं।

उपरोक्त इस ट्वीट को करीब 400 बार रीट्वीट किया गया है। इसके साथ दो तस्वीरों को भी साझा किया गया है। इसमें बाई ओर की तस्वीर में प्रवेशद्वार पर ‘मोदी मस्जिद’ लिखा हुआ है जोकि किसी मस्जिद जैसा दिखाई दे रहा है। बाई ओर की तस्वीर में प्रधानमंत्री के पोस्टर को पीछे की तरफ देखा जा सकता है। इसी दावे को व्हाट्सअप पर भी साझा किया जा रहा है।

नरेंद्र मोदी के नाम पर नहीं

ऑल्ट न्यूज़ ने पाया कि बंगलुरु में मोदी नाम की मस्जिद है, मगर इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर नहीं रखा गया है। इसे मोदी अब्दुल गफूर के नाम पर रखा गया है, इस मस्जिद की स्थापना 175 वर्ष पहले हुई थी। इस मस्जिद को हाल ही में नवीनीकरण किया गया है, जिसकी वजह से यह समाचारों में बनी हुई है। यह मस्जिद बेंगलुरु के शिवाजी नगर इलाके में है।

जहां तक ट्वीट में साझा की गई इन दोनों तस्वीरों की बात है, बाई ओर की तस्वीर बंगलुरु के मोदी (पीएम मोदी के नाम पर नहीं) मस्जिद की है। हम दायीं ओर की तस्वीर की पड़ताल नहीं कर पाए हैं। हालांकि, यह तस्वीर मोदी मस्जिद की नहीं है। पीछे दिखाई दे रहे पोस्टर से साफ मालूम होता है कि यह तस्वीर पीएम मोदी के 2018 के इंदौर में आशरा मुबारका कार्यक्रम की मुलाकात की है।

यह दावा कि बेंगलूरु में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर मस्जिद का नाम रखा गया, गलत है।

ग़लत
दावा:
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर से बेंगलुरु में मस्जिद का नाम रखा गया

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