एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है. इसमें कुछ छात्र कॉलेज ड्रेस में एक बस में सफर करते हुए नारे लगा रहे हैं. इसे शेयर करते हुए दावा किया जा रहा है कि इन छात्रों ने ‘पाकिस्तान ज़िन्दाबाद’ का नारा लगाया. कई यूज़र्स 2 छात्रों के गिरफ्तार होने का दावा भी कर रहे हैं.

एबीपी न्यूज़ के पत्रकार विवेक बाजपेयी ने भी ये वीडियो ट्वीट करते हुए ऐसा ही दावा किया. (आर्काइव लिंक)

न्यूज़18 के पत्रकार ऋषभ मणि ने ये वीडियो ट्वीट करते हुए लिखा कि क्या सहारनपुर के ग्लोकल यूनिवर्सिटी के छात्र ‘पाकिस्तान ज़िन्दाबाद’ के नारे नहीं लगा रहे थे. (आर्काइव लिंक)

ऐसे ही कई मीडिया आउटलेट्स, प्रॉपगेंडा वेबसाइट्स, नेताओं, पत्रकारों और सोशल मीडिया यूज़र्स ने भी ये वीडियो इसी दावे के साथ शेयर किया है. इसमें यूपी तक, टाइम्स नाउ नवभारत, एबीपी न्यूज़, अमर उजाला, ज़ी उत्तर प्रदेश उत्तराखंड, ईटीवी भारत, दैनिक भास्कर, फ्री प्रेस जर्नल, भाजपा प्रवक्ता प्रशांत पटेल उमराव, दैनिक हिंट के एडिटर कपिल त्यागी, आज तक के पत्रकार अनिल भारद्वाज, इंडिया टीवी की पत्रकार खुशबू चौधरी, एशियानेट न्यूज़ के पत्रकार गौरव शुक्ला, पत्रकार शुभम शुक्ला, पत्रकार हिमांशु मिश्रा, राइट विंग प्रॉपगेंडा वेबसाइट ऑपइंडिया, न्यूज़रूम पोस्ट, ऑनली फ़ैक्ट, आरएसएस का मुखपत्र पाञ्चजन्य, भाजपा समर्थक और प्रॉपगेंडा वेबसाइट ऑनली फ़ैक्ट के फाउंडर विजय पटेल शामिल है. इन्होंने आर्टिकल्स में छात्रों द्वारा ‘पाकिस्तान ज़िन्दाबाद’ का नारा लगाने का दावा किया.

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फ़ैक्ट-चेक

ऑल्ट न्यूज़ ने वायरल वीडियो को अलग-अलग प्लेबैक स्पीड में चलाकर गौर से सुना. हमने पाया कि वीडियो में ‘पाकिस्तान ज़िन्दाबाद’ का नारा नहीं लग रहा था. वीडियो में छात्र “ज़ैद सर ज़िन्दाबाद, ज़ैद सर ज़िन्दाबाद, मोनिस सर ज़िन्दाबाद, मोनिस सर अमर रहे” के नारे लगा रहे थे. आगे, प्लेबैक स्पीड (-0.75 x) में दिए गए वीडियो को गौर से सुनने पर आप ये बेहतर तौर पर समझ सकते हैं.

उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा जारी की गई प्रेस नोट के मुताबिक, ये छात्र ग्लोकल यूनिवर्सिटी में डी-फार्मा की पढ़ाई करते हैं. इसमें D. Pharma के 2 छात्र सोबन और शाबान के बारे में बताया गया है और बस में मौजूद बाकी छात्रों के नामों की तसदीक की जाने की बात की गई है.

इस मामले में हमने नामित ग्लोकल यूनिवर्सिटी के छात्र सोबन और शाबान से संपर्क किया. उन्होंने हमें बताया कि कॉलेज बस में कभी ‘पाकिस्तान ज़िन्दाबाद’ जैसा नारा नहीं लगाया गया था. बल्कि सभी छात्र मस्ती कर रहे थे और बस में ही मौजूद ‘ज़ैद सर’ और ‘मोनिस सर’ के नाम से नारा लगा रहे थे.

हमने दोनों टीचर ज़ैद और मोनिस से बात की. उन्होंने हमें बताया कि वो 3 फरवरी 2023 को जे. वी. जैन कॉलेज में आयोजित ‘UP Global Investors Summit – 2023’ में भाग लेने के लिए छात्रों के साथ बस में जा रहे थे. वो दोनों टीचर का व्यवहार छात्रों से घुला-मिला है इसलिए छात्र बस में मस्ती करते हुए उन दोनों के नाम का नारा लगा रहे थे. उन्होंने बताया कि छात्रों ने कभी भी ‘पाकिस्तान ज़िन्दाबाद’ जैसा आपत्तिजनक नारा नहीं लगाया.

हमने बस में मौजूद अन्य छात्र गुलशन सैनी और शुभम कुमार से भी बात की. उन्होंने भी हमें बताया कि वहां पर किसी भी छात्र ने ‘पाकिस्तान ज़िन्दाबाद’ का नारा नहीं लगाया था. बल्कि छात्र ज़ैद सर और मोनिस सर के नाम का नारा लगा रहे थे.

टीचरों और छात्रों ने हमें बताया कि यूनिवर्सिटी ने बस में मौजूद 30 से ज्यादा छात्रों और टीचर सहित बस ड्राइवर का भी बयान लिया है. सभी ने बस में ‘पाकिस्तान ज़िन्दाबाद’ जैसे आपत्तिजनक नारे आपत्तिजनक नारे लगने का सिरे से खंडन किया है.

पुलिस ने मीडिया बाइट देते हुए कहा कि वायरल वीडियो में ऑडियो इतना स्पष्ट नहीं है. इस मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और इसकी जांच की जा रही है.

इस मुद्दे पर हमने सहारनपुर के SSP विपिन टाडा से भी बात की. उन्होंने कहा कि वीडियो को जांच के लिए भेज दिया गया है. इस मामले में अभी तक कोई भी गिरफ़्तारी नहीं हुई है.

कुल मिलाकर, कई न्यूज़ चैनल्स, मीडिया आउटलेट्स, प्रॉपगेंडा आउटलेट्स, पत्रकारों और सोशल मीडिया यूज़र्स ने ग्लोकल यूनिवर्सिटी के छात्रों द्वारा बस में ‘पाकिस्तान ज़िन्दाबाद’ नारे लगाने का झूठा दावा किया. जबकि असल में छात्र मस्ती कर रहे थे और बस में ही मौजूद ‘ज़ैद सर’ और ‘मोनिस सर’ के नाम का नारा लगा रहे थे.

ग़लत
दावा:
ग्लोकल यूनिवर्सिटी के छात्रों ने बस में लगाए 'पाकिस्तान ज़िन्दाबाद' के नारे

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