व्हाट्सऐप पर एक साथ तीन वीडियो काफ़ी तेजी से वायरल हो रहे हैं. इसमें कुछ लोग मिलकर एक व्यक्ति पर रॉड से हमला करते हुए दिख रहे हैं. साथ में दिए गए मेसेज़ में लिखा है, ‘ये घटना हरियाणा के मेवात की है, बजरंग दल के कुछ लड़के एक मुस्लिम लड़के को पीट रहे हैं, क्या कोई ज़बरदस्ती जय श्री राम कहकर हिंदू बन सकता है या कोई जबरदस्ती अल्लाह हू अकबर कह कर मुसलमान बन सकता है. आइए हम अपने देश को हिंदू राष्ट्र गुंडा राज बनने से रोकें. और हमारी आने वाली पीढ़ियों को संस्कार दें.” कई बार शेयर किए जाने की वजह से व्हाट्सऐप ने वीडियो पर ‘कई बार फ़ॉरवर्ड’ का लेबल लगाया है.

नीचे वायरल वीडियो के कुछ स्क्रीनशॉट देखे जा सकते हैं.

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वीडियो का सच

12 अगस्त के इस वीडियो में हरियाणा के यमुनानगर ज़िले के 21 साल के साहिल अल्वी को पीटा जा रहा है. साहिल के चाचा आमिर ने ऑल्ट न्यूज़ को बताया, “ये घटना उस समय घटी जब साहिल और चार अन्य 12 अगस्त को एक अदालत की सुनवाई से लौट रहे थे. साहिल इस सुनवाई में मुद्दई (आरोप लगाने वाला पक्ष) था. साहिल पर हमला करने वाले लोग अभियुक्त (जिस पर आरोप लगाया गया है) से संबंधित हैं. ये झगड़ा कई साल पुराना है. साहिल पर हमला करने वाले लोग एक धर्म से संबंधित नहीं थे. इसलिए, हम ये नहीं कह सकते कि ये घटना सांप्रदायिक थी.” आमिर ने कहा कि हमलावरों में से एक शख्स एक वक़्त पर साहिल का दोस्त था. घटना को दैनिक जागरण और ज़ी पंजाब हरियाणा और हिमाचल ने भी रिपोर्ट किया था.

साहिल फ़िलहाल वर्धमान अस्पताल मुज़फ्फ़रनगर में भर्ती हैं. उनकी मां ने ऑल्ट न्यूज़ को बताया, “घटना के बाद, साहिल को कोहली अस्पताल, यमुनानगर में भर्ती कराया गया और बाद में गाबा अस्पताल में ट्रांसफ़र कर दिया गया. हालांकि, हमने जल्दी ठीक होने की उम्मीद में उसे मुज़फ्फ़रनगर के एक बड़े अस्पताल में शिफ्ट करने का फैसला किया है. साहिल के हाथ और पैर में कई फ्रैक्चर हैं. उसके 6 ऑपरेशन होने हैं. अब तक दो ऑपरेशन हो चुके हैं. इन सब पर करीब सात लाख का खर्च आएगा.’

ऑल्ट न्यूज़ ने साहिल से बात की और उन्होंने घटना के सांप्रदायिक होने के दावे को गलत बताया. उन्होंने कहा, “हमलावरों में एक मुस्लिम व्यक्ति भी शामिल है. उसका नाम परवेज़ था.” हालांकि, उन्होंने कहा कि हमलावर न्हें पीटते हुए उनके धर्म को निशाना बनाते हुए अपशब्द कह रहे थे.

हमने हमीदा के SHO, यमुनानगर के SP कमलदीप और यमुनानगर के एक पत्रकार से भी बात की. पत्रकार ने नाम न बताने की रिक्वेस्ट की. इन सभी लोगों ने घटना में बजरंग दल के शामिल होने के सोशल मीडिया के दावे को ग़लत बताया. इसके अलावा, उन्होंने बताया कि घटना सांप्रदायिक नहीं थी.

यमुनानगर के एसपी कमलदीप ने बताया, ‘बजरंग दल इस घटना में शामिल नहीं था. न ही ये कोई सांप्रदायिक घटना थी. यह दो असामाजिक समूहों के बीच बदला लेने का मामला है. फ़िलहाल, तीन लोगों को गिरफ़्तार किया गया है.” हमीदा थाने के SHO और SP ने, ऊमित गुप्ता, राजिंदर (गुल्लू) और राजन (चिकली) को गिरफ़्तार किए जाने की पुष्टि की है. पाठकों को ध्यान देना चाहिए कि ये नाम FIR के सात संदिग्धों में नहीं बल्कि बयान वाले सेक्शन में दिए गए हैं. (PDF देखें)

सत्य खबर के एक इंटरव्यू में, आमिर ने बताया कि पुलिस ने साहिल पर रॉड से हमला किए जाने के बावजूद जानलेवा हमले के रूप में मामला दर्ज करने से इनकार कर दिया.

कुल मिलाकर, 21 वर्षीय साहिल अल्वी पर किये गए हमले के वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किए जा रहे हैं. एक मुस्लिम व्यक्ति को पीटे जाने का दावा सही है लेकिन हमले के पीछे बजरंग दल का हाथ नहीं था. घटना के सांप्रदायिक होने के दावे को साहिल ने गलत बताया है. यहां तक ​​​​कि उनके परिवार और पुलिस ने भी सांप्रदायिक मकसद से इनकार किया है.

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About the Author

Archit is a fact-checking journalist at Alt News since November 2019. Previously, he has worked as a producer at a TV news channel and as a reporter at a leading English-language daily. In addition to work experience in media, he has also worked as a fundraising and communication manager at an NGO.