२०१७ गुजरात के लिए चुनाव का साल है, इसके चलते कम से कम दो जगह में दंगों की सूचना कान खड़े करती है। पहली घटना गाँव वडवाली है, जहाँ दो लोगों की मौत हुई, कई गम्भीर रूप से घायल हुए व अल्पसंख्यक समाज के बहुत से घर या तो जला दिए गए या फिर धराशायी कर दिए गए। दूसरी दंगे के घटना, गाँव सावरकुंडला, ज़िला अमरेली की है। इस साम्प्रदायिक तनाव की पृष्ठभूमि में जब अहमदाबाद की दीवारों पर जब लव जिहाद को लेकर चेतावनी वाली लेखनी उभरती है तो निश्चय ही चिंता का विषय हो जाती है। इस प्रकार की लेखनी अहमदाबाद को १ अप्रैल की देर रात या फिर २ अप्रैल की सुबह-सुबह पोती गयी।

Love Jihad thi savdhan

लव जिहाद वाले नारों की भाषा गुजराती है। नारे को अगर हिंदी में अनुवाद करें तो कुछ ऐसे हैं, ” लव जिहाद से सावधान’। यह नारे अहमदाबाद के विभिन्न हिस्सों में दीवारों पर पुते पाए गये हैं जैसे- यूनिवर्सिटी इलाक़ा, उस्मानपुर पुल तले, नवगुजरात कॉलेज, अरोमा कॉलेज, गुजरात कांग्रेस मुख्यालय व स्टेडीयम सड़क।

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री का बयान कि गौ हत्या करने वालों को टाँग देंगे, गुजरात का गौ हत्या पर आजीवन कारावास का बिल पास करने एवं योगी आदित्यनाथ का यू॰पी॰ का मुख्यमंत्री बनने से साम्प्रदायिक ध्रुवीकरण बढ़ रहा है।