ट्रिगर वॉर्निंग: नग्नता, परेशान करने वाले दृश्य

सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल है जिसमें कुछ महिलाएं एक व्यक्ति को नग्न करके पीट रही है. सोशल मीडिया पोस्ट के मुताबिक, वीडियो में दिख रहा व्यक्ति मुस्लिम है और उसने अपने आपको हिन्दू बताकर हिन्दू लड़की से प्यार का नाटक किया. ये भी लिखा है कि घरवालों को जब पता चला कि ये ‘लव जिहाद’ है तो उन्होंने इस लड़के की ये हालत की. 20 जून, 2023 को एक यूज़र ने ये वीडियो इसी दावे के साथ शेयर किया है.

फ़रवरी में भी हुआ था वायरल

ट्विटर पर राघव चतुर्वेदी नाम के एक यूज़र ने ये वीडियो फ़रवरी महीने की शुरुआत में ट्वीट करते हुए दावा किया था कि एक मुस्लिम शख्स ने बाज़ार में हिन्दू महिला के साथ छेड़खानी की थी. इसके बाद औरतों ने उसे नंगा करके पीटा. (ट्वीट का आर्काइव लिंक)

एक और यूज़र सतीश अन्ना ने भी ये वीडियो ऐसे ही दावे के साथ ट्वीट किया. बाद में उन्होंने ट्वीट डिलीट कर दिया लेकिन इसका आर्काइव वर्ज़न आप यहां पर देख सकते हैं.

यही वीडियो ‘कट्टर हिन्दू भाटिया’ ने भी इसी दावे के साथ ट्वीट किया था. इस ट्वीट का आर्काइव वर्ज़न आप यहां देख सकते हैं.

2020 में भी ये वीडियो वायरल था

ट्विटर यूज़र @cbpunjabi ने जनवरी 2020 में ये वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “(TTC न्यूज़) अंबाला शहर के जैन बाजार में एक मुल्ले ने 5 साल की लड़की से रेप करने की कोशिश की जिसमें वहां की महिलाओं ने पकड़ कर उसको नंगा करके घुमाया ऐसे घिनौनी सोच वाले व्यक्ति के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।” इस ट्वीट को डिलीट किये जाने से पहले तक़रीबन 2,000 बार रिट्वीट किया गया था. (आर्काइव)

ट्विटर और फ़ेसबुक पर वीडियो में दिख रहे शख्स को मुस्लिम बताते हुए ये दावा काफी शेयर किया गया.

फ़ैक्ट-चेक

20 जनवरी, 2020 को द टाइम्स ऑफ़ इंडिया ने एक रिपोर्ट पब्लिश की थी जिसमें वायरल वीडियो शामिल है. इस आर्टिकल का टाइटल है, “अम्बाला: प्रताड़ित करने वाले व्यक्ति की नग्न अवस्था में परेड, नाबालिग लड़की के परिवार जनों ने की पिटाई।”

रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी पवन उर्फ ​​सोनू की तीन नाबालिग लड़कियों के परिवारजनों ने पिटाई की थी. शहर की पुलिस ने भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 12 (यौन उत्पीड़न की सजा) के तहत बच्चों को यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण (POCSO) अधिनियम और धारा 506 (आपराधिक धमकी के लिए सजा) के तहत आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज़ किया था. [रिपोर्ट में गलत तरीके से धारा 506 को 56 के रूप में दर्शाया गया है.]

चंडीगढ़ के अम्बाला की महिला पुलिसकर्मी सुनीता ढाका ने ऑल्ट न्यूज़ को बताया, मैंने ही गिरफ्तारी की थी और वही इस बात की पुष्टि करती हूं कि इस मामले में बलात्कार नहीं किया गया था और साथ ही आरोपी मुस्लिम नहीं है. POCSO की धारा 12 और IPC की धारा 506 के तहत एक प्राथमिकी दर्ज की गई है.”

सुनीता ढाका ने आगे बताया, जब तीन लड़कियां घर से वापस आ रही थीं, तब पवन ने उनका पीछा किया और उनसे अभद्र व्यव्हार किया. सबसे छोटी लड़की ने 20 जनवरी को स्कूल जाने से मना कर दिया क्योंकि उसकी क्लास जल्दी खत्म हो जाने वाली थी और उसे घर अकेले वापस जाना पड़ता. अंत में उस लड़की ने अपनी माँ को पवन के बारे में बताया और उसकी माँ ने अपनी सहेलियों के साथ लड़की का रास्ते में पीछा करने का निर्णय किया. उन्होंने पवन को पकड़ लिया और उसके बाद की घटना वीडियो में देखी जा सकती है.”

फ़रवरी 2023 में ये वीडियो फिर से वायरल हुआ था. उस वक़्त वीडियो के संदर्भ में संज्ञान लेते हुए मेरठ पुलिस ने ट्वीट करते हुए बताया कि ये घटना 2020 की है. वहीं इसमें दोनों ही पक्षों के लोग एक ही समुदाय से हैं.

यानी, इस वीडियो को ऐसे झूठे दावे के साथ शेयर किया गया कि एक मुस्लिम शख्स को हिन्दू महिला के साथ छेड़खानी करने पर भरे बाज़ार में पीटा गया. हाल में यही वीडियो झूठे ‘लव जिहाद’ के ऐंगल के साथ वायरल है.

ग़लत
दावा:
अम्बाला में एक मुस्लिम व्यक्ति को नाबालिग लड़कियों को प्रताड़ित करने पर पीटा गया

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