हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों पर “पाउडर लगाने” की धमकी देने वाले एक पुलिस ड्राइवर के वायरल वीडियो के बाद ऑनलाइन इस संबंध में नाराजगी सामने आयी. मुंबई पुलिस ने 23 जुलाई को उस व्यक्ति को निलंबित कर दिया और जांच के आदेश दिए.

ये घटना NEET में पेपर लीक और अनियमितताओं के कारण केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी के विरोध प्रदर्शन के बीच हुई. दिल्ली के जंतर-मंतर से लेकर मुंबई, पटना, बेंगलुरु, पुणे और कोलकाता तक कई शहरों में इसी मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन हुए थे.

पुलिस वैन के अंदर बैठे प्रदर्शनकारियों द्वारा शूट किए गए वीडियो में, ड्राइवर को ये कहते हुए सुना जा सकता है: “इधर वापस, इधर किधर मिला तो मेरे जैसा बेकार आदमी कोई नहीं होगा… मैं सीधे 50-50 ग्राम पाउडर डालूंगा, आपके जेब में फिर गया, फिर जिंदगी गया – नहीं जामिन. तुमलोग के कारण से हमारे को तकलीफ हैं.”

मुंबई कांग्रेस ने X पर ये वीडियो पोस्ट किया और कहा, “अगर ये सच है, तो ये सिर्फ छात्रों को डराने की कोशिश नहीं है, बल्कि लोकतांत्रिक अधिकारों पर सीधा हमला है. किसी की आवाज उठाना कोई अपराध नहीं है. छात्रों के सवालों का जवाब जवाबदेही के साथ दिया जाना चाहिए, न कि धमकियों के साथ.”

जिस पुलिसकर्मी की बात हो रही है, उसकी पहचान पवन सांगले के तौर पर हुई है. हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, सांगले मुंबई पुलिस के मोटर ट्रांसपोर्ट (MT) विभाग में ड्राइवर हैं और अभी सायन पुलिस स्टेशन में तैनात हैं. 22 जुलाई को हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान, वो सीनियर अधिकारियों के साथ शिवाजी पार्क में मौजूद टीम का हिस्सा थे. जांच पूरी होने तक, उनका ट्रांसफ़र पुलिस कंट्रोल रूम में कर दिया गया है.

DCP (ऑपरेशन्स) अकबर पठान ने कहा: “ये जानकारी दी जाती है कि मुंबई पुलिस ने इस मामले में जांच के आदेश दिए हैं और फ़ैक्ट्स की पुष्टि के बाद कार्रवाई की जाएगी… जांच पूरी होने तक संबंधित ड्राइवर को उसकी मौजूदा पोस्टिंग वाली जगह से हटा दिया गया है.”

कॉमेडियन वरुण ग्रोवर ने इंस्टाग्राम पर वीडियो पोस्ट करते हुए कहा, “इस वीडियो में मुंबई पुलिस का मासूम बच्चों पर ड्रग्स रखने का आरोप लगाने की चौंकाने वाली बात के अलावा दो और बातें ध्यान देने लायक हैं. 1. उस उम्रदराज़ पुलिसकर्मी को ये पता ही नहीं था कि उसका वीडियो रिकॉर्ड हो रहा है. 2. उस लड़के का बेपरवाह रवैया. अथॉरिटी और उसके प्रति बेपरवाही के बीच का यही अंतर इस विरोध प्रदर्शन का केंद्र है. भारत में विरोध का एक अनोखा, नया दौर.”

इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले हफ़्ते शुरू हुए विरोध-प्रदर्शनों के बाद से मुंबई पुलिस ने 15 FIR दर्ज़ की हैं और लगभग 1,500 लोगों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज़ किया है.