पत्रकार से फिल्म-निर्देशक बने अविनाश दास ने एक अख़बार के स्क्रीनशॉट को ट्वीट किया जिसमें उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान का हवाला दिया गया है,“हमारा काम गाय बचाना है, लड़की नहीं”। इस क्लिप के साथ दास ने ये सन्देश भी लिखा, “बोलो, इस आदमी को जूते पड़ने चाहिए या नहीं?” अब तक इसे करीब 1400 रीट्वीट और 3,900 लाइक्स मिल चुके हैं।

@SirRavishlive, पत्रकार रवीश कुमार के एक पैरोडी ट्विटर हैंडल ने भी आदित्यनाथ के सर पर ये बयान मढ़ा है।

आदित्यनाथ के नाम पर ये बयान इस साल कम से कम अप्रैल से फेसबुक और ट्विटर पर वायरल है।

काफी कम संभावना है कि एक मुख्यमंत्री द्वारा दिया गया ऐसा बयान मुख्यधारा के मीडिया में नहीं बताया गया हो। हमें आदित्यनाथ को इस तरह का बयान देते हुए कोई विश्वसनीय समाचार रिपोर्ट नहीं मिला है।

एक व्यंग्यात्मक वेबसाइट से प्रारम्भ हुआ ये बयान

ऑल्ट न्यूज़ ने पाया कि यह दावा अब बंद हो गई वेबसाइट Rhumor Times से आया है। योगी आदित्यनाथ पर ये बयान पहली बार 10 अप्रैल, 2018 को वेबसाइट द्वारा प्रकाशित एक लेख में दिखाई दिया था। इस लेख के आर्काइव संस्करण को यहां पढ़ा जा सकता है।

वेबसाइट के ‘अबाउट अस’ वाले हिस्से में स्पष्ट रूप से लिखा गया है, “Rhumor Times एक व्यंग्य और हास्य वाली वेबसाइट है। वेबसाइट हास्य के साथ अफवाह प्रकाशित करती है।” इसी साल अप्रैल में इस दावे को द लल्लनटॉप ने भी तथ्य-जाँच किया था।

सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं को नेताओं या मशहूर हस्तियों के नाम पर मढ़े गए बयान फैलाने से पहले सावधानी बरतनी चाहिए और स्रोत की विश्वसनीयता की पुष्टि किए बिना शेयर नहीं करना चाहिए। पहले भी, अमित शाह ने बनिया समाज को ‘चोर’ और ‘धोकेबाज़’ कहा, इस तरह के झूठे बयान वाली फ़र्ज़ी अखबार की क्लिप को सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया था।

अनुवाद: ममता मंत्री के सौजन्य से

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