रिपोर्ट के अनुसार बिहार के वैशाली में 30 अक्टूबर को मुस्लिम समुदाय की एक युवती को ज़िंदा जलाकर मारने की कोशिश की गयी. युवती को घायल अवस्था में भर्ती कराया गया जहां इलाज के दौरान 15 नवम्बर को उसकी मौत हो गयी. मृतका ने मरने से पहले कथित रूप से घटना में शामिल लोगों के नाम बताये थे जो हिन्दू समुदाय से आते हैं. आरोपियों के खिलाफ़ 2 नवम्बर को FIR दर्ज की गयी.

इसके बाद ट्विटर पर लोग RJD नेता तेजस्वी यादव की तस्वीर शेयर कर रहे हैं जिसमें वो कैंडल मार्च करते नज़र आ रहे हैं. लोग दावा कर रहे हैं कि तेजस्वी यादव मृतका को इन्साफ़ दिलाने की मांग करते हुए कैंडल मार्च निकाल रहे थे. यूज़र्स ने तस्वीर शेयर करते हुए लिखा, “बिहार की बेटी गुलनाज़ के इंसाफ के लिए @yadavtejashwi भैया कैंडल मार्च के साथ सड़क और उतर गए हैं।”

ट्विटर यूज़र पूजा मीना ने 16 नवम्बर को ये तस्वीर शेयर की जिसे आर्टिकल लिखने तक 150 से ज़्यादा लोग रीट्वीट कर चुके हैं. (आर्काइव लिंक)

इसी तरह कई फे़सबुक यूज़र्स भी इसी दावे के साथ ये तस्वीर शेयर कर रहे हैं. फे़सबुक यूज़र रफ़ीक अहमद के इस पोस्ट को 300 से ज़्यादा बार शेयर किया जा चुका है. (आर्काइव लिंक)

बिहार की बेटी गुलनाज़ के इंसाफ के लिए Tejashwi Yadav भैया कैंडल मार्च के साथ सड़क पर उतर गए हैं। देखते हैं अपराधी कब तक…

Posted by Rafique Ahmad on Monday, November 16, 2020

तस्वीर 2018 की

तस्वीर में देखा जा सकता है कि किसी ने भी मास्क नहीं पहना हुआ है. इससे ही हिंट मिल जाती है कि ये तस्वीर हाल की नहीं है. एक साधारण सा रिवर्स इमेज सर्च करने पर ही हमें ज़ी न्यूज़ की रिपोर्ट मिलती है जिसके मुताबिक तस्वीर दिसम्बर, 2018 की है. रिपोर्ट में बताया गया है कि तेजस्वी यादव बिहार में कानून व्यवस्था की बदहाली के ख़िलाफ़ मार्च निकाल रहे थे. इसके कुछ वक़्त पहले ही बिहार के व्यवसायी गुंजन खेमका की हत्या कर दी गयी थी, जिसके विरोध में ये प्रदर्शन किया जा रहा था.

रिपोर्ट में तेजस्वी यादव का ट्वीट भी है जिसमें उन्होंने इस कैंडल मार्च की जानकारी दी हुई है. उन्होंने लिखा है, “व्यवसायी गुंजन खेमका की हत्या और बिहार में बढ़ते अपराध के विरोध में आज शाम पटना में विभिन्न सामाजिक, व्यावसायिक और औधोगिक संगठनों द्वारा आयोजित कैंडल मार्च में भाग लेकर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किया। कैंडल मार्च पटना के जेपी गोलंबर से डाकबंगला चौराहे तक निकाला गया।”

हमने तेजस्वी यादव के ऑफ़िशियल फे़सबुक पेज को चेक किया और वहां भी ये तस्वीर मिली.

यानी, लोग तेजस्वी यादव की 2018 की तस्वीर शेयर करते हुए दावा कर रहे हैं कि वो हाल में हुई एक युवती की हत्या के बाद उसे न्याय दिलाने के लिए कैंडल मार्च निकाल रहे थे.


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ग़लत
दावा:
वैशाली में लड़की को जलाकर मारे जाने की घटना के बाद तेजस्वी यादव कैंडल मार्च में शामिल हुए

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