महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया में हाल ही में उनके मुख्यमंत्री पद को छोड़ने के बाद मज़ार जाने के दावे से प्रसारित है। 29 नवंबर को फेसबुक पेज – MOHD Sakib “इराक़ी” (Iraqi) ने दो तस्वीरें इस संदेश के साथ साझा की – “महाराष्ट्र में हारने के बाद “पूर्व BJP मुख्यमंत्री फडणविश” पहुंचे मजार चादर चढ़ाने को👇 / अब भौंको भौं भौं जैसे राहुल गांधी के टाइम भौंकते हो/ अरे बाप रे मुल्लों वाली टोपी भी पहने है मत्था भी टेके हैं आप तो पक्का हिन्दू खतरे में फिर आ रहा जागो भक्तों जागो😉/ भक्तों तुम हिन्दू-मुसलमान में उलझे रहो तुम्हारी ये ऐसे👉🔔 बजाते रहेंगे / जिनको इस पोस्ट से मिर्ची लगी होगी बस वही शेयर नही करेंगे😉”

उसके बाद यह तस्वीरें व्हाट्सअप पर वायरल हुई। ऑल्ट न्यूज़ के अधिकृत व्हाट्सअप नंबर पर इस तस्वीर की पड़ताल करने के लिए हमें कुछ अनुरोध भी प्राप्त हुए है।

झठा दावा

ऑल्ट न्यूज़ ने दोनों तस्वीरों को रिवर्स सर्च करने पर पाया कि इन्हे इंडियन एक्सप्रेस के 6 जनवरी, 2015 के एक लेख में प्रकाशित किया गया था। लेख के मुताबिक, यह तस्वीरें दाउदी बोहरा समुदाय के पूर्व आध्यात्मिक प्रमुख सैयदना मोहम्मद बुरहानुद्दीन की पहली पुण्यतिथि की है, जिसका आयोजन मुंबई में किया गया है।

फडणवीस ने भी इस अवसर पर 2015 में ट्वीट किया था।

दाऊदी बोहरा के अधिकृत वेबसाइट का आर्काइव संस्करण, इस बात की पुष्टि करता है कि सैयदना मोहम्मद बुरहानुद्दी की मृत्यु 17 जनवरी 2014 को हुई थी। हालांकि, उनकी पुण्यतिथि को 6 जनवरी इस्लामिक मिस्र कैलेंडर के अनुसार मनाया गया था, इसे डीएनए ने भी रिपोर्ट किया था

दाउदी बोहरास शिया इस्लाम का एक संप्रदाय है।

2015 की महाराष्ट्र के तत्कालीन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की तस्वीर, हाल के विधानसभा चुनाव के बाद उनके मज़ार की जाने के दावे से साझा की गई।

ग़लत
दावा:
हालिया विधानसभा चुनाव के बाद देवेंन्द्र फडणवीस ने मज़ार की मुलाकात की

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