सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें कुछ निहंग सिखों को पुलिस के साथ झड़प कर पुलिस बैरिकेड को हटाते हुए देखा जा सकता है. दावा है कि कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के समर्थन में ‘खालिस्तानी’ दिल्ली के जंतर मंतर पहुंच गए हैं.

दरअसल, 20 जुलाई 2026 को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने नीट परीक्षा में कथित गड़बड़ियों और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर “संसद चलो” मार्च का आह्वान किया था. इस दौरान देशभर से हजारों की संख्या में युवा-बुजुर्ग सभी वर्ग के समर्थकों ने प्रदर्शन करते हुए दिल्ली के जंतर-मंतर से संसद की ओर मार्च कर रहे थे. दिल्ली पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के जवानों ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया और आँसू गैस के गोले दागे.

एक्स-हैंडल @India_Policy समेत कई एक्स यूज़र्स ये वीडियो शेयर कर दावा कर रहे हैं कि ‘खालिस्तानी’ तलवार और पत्थरों से लैस जंतर-मंतर पर CJP के प्रदर्शन में शामिल होने पहुंच गए हैं.

 

@wokeflix समेत अन्य ने भी ये वीडियो शेयर किया.

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प्रदर्शन के दौरान कई रिपोर्टों में यह भी सामने आया कि प्रदर्शनकारियों की सहायता के लिए सिख समुदाय के लोग आगे आए, गुरुद्वारा बंगला साहिब समेत दिल्ली के कई गुरुद्वारों ने प्रदर्शनकारियों को प्राथमिक चिकित्सा, लंगर और अस्थायी आश्रय उपलब्ध कराया.

इसी संदर्भ में thecue_official इंस्टाग्राम चैनल ने ये वीडियो शेयर किया और लिखा, “CJP के विरोध-प्रदर्शन में निहंग सिखों के आने से छात्रों के आंदोलन को एकजुटता का एक मज़बूत आधार मिला. एक ऐसे समय में उनकी मौजूदगी समर्थन, मज़बूती और एकजुट होकर खड़े रहने का प्रतीक बन गई, जब इस आंदोलन ने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींचा है.” इस वीडियो को 2 मिलियन से ज़्यादा व्यूज़ मिले हैं.

इसी संदर्भ में indiansscroll24hrs नामक इंस्टाग्राम पेज ने ये वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा, “सिख ब्रदर्स के प्रदर्शनकारियों ने जंतर-मंतर पर सीजेपी के विरोध प्रदर्शन में सक्रिय रूप से भाग लिया और साथी नागरिकों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हुए.”

 

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फ़ैक्ट-चेक

वायरल दावे की सत्यता जानने के लिए ऑल्ट न्यूज़ ने वीडियो के की-फ्रेम्स को रिवर्स इमेज सर्च किया. हमें यही वीडियो 25 जून 2026 को A1 News Uttarakhand के फेसबुक पेज पर अपलोडेड मिला. हालांकि, इस पोस्ट के कैप्शन में कोई ज़्यादा जानकारी नहीं दी गई थी.

आगे जांच में हमें यही वीडियो 26 जून 2026 को अमर उजाला की एक रिपोर्ट में मिला, जिसका कैप्शन है, “कुल्हाल बैरिकेडिंग तोड़कर दून पहुंचे पंजाब से आए निहंग, की नारेबाजी”. इससे स्पष्ट होता है कि यह वीडियो लगभग 1 महीने पुराना है, जिसका हालिया जंतर मंतर प्रदर्शन से कोई संबंध नहीं है.

अमर उजाला की एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार, कर्णप्रयाग और रुद्रप्रयाग सिख श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के बीच विवाद के बाद निहंगों के उत्तराखंड कूच की सूचना पर देहरादून पुलिस ने हिमाचल सीमा से लगे कुल्हाल में कड़ी निगरानी और बैरिकेडिंग की थी. इसके बावजूद निहंगों का एक जत्था शहर के भीतर पहुंच गया और पटेलनगर थाना क्षेत्र तक आ गया, जहां पुलिस ने उन्हें रोककर वापस भेजा.

हमें ईटीवी भारत और नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट मिली. रिपोर्टों के अनुसार 16 जून को चमोली जिले के कर्णप्रयाग में सिख श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के बीच विवाद हो गया था. आरोप है कि विवाद के बाद पुलिस निहंग सिख के ख़िलाफ एकतरफा कार्रवाई करने से निहंग संघटन में नाराज़गी थी.

आगे रिपोर्ट्स में बताया गया है कि इसी प्रकरण को लेकर निहंग सिख 25 जून को पंजाब से उत्तराखंड के चमोली (श्री हेमकुंड साहिब) के लिए कूच किया था. जहाँ पुलिस ने उत्तराखंड सीमा कुल्हाल (पांवटा साहिब) में बैरिकेट्स लगाकर नाकेबंदी कर रोकने का प्रयास किया था, लेकिन निहंगों ने कृपाण दिखाकर बैरिकेड हटा दिए और देहरादून की तरफ चले गए.

कुल मिलाकर, वायरल वीडियो हालिया ‘संसद चलो’ प्रदर्शन या जंतर मंतर में CJP के प्रदर्शन का नहीं है. यह 25 जून 2026 का है, जब कर्णप्रयाग और रुद्रप्रयाग की घटनाओं के विरोध में पंजाब से उत्तराखंड कूच कर रहे निहंग सिखों को कुल्हाल बॉर्डर पर पुलिस ने रोकने की कोशिश की थी.

ग़लत
दावा:
निहंग सिख, खालिस्तानी जंतर-मंतर पर CJP के प्रदर्शन में शामिल होने पहुंच गए

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