मोरक्को का वीडियो भारत में मुस्लिम महिला पर हमले के झूठे दावे से शेयर

“ये हो क्या रहा है इस देश मे इतनी नफरत मुसलमानों से इस तरह से जीतोगे सबका विश्वास क्या यही है आपका न्यू इंडिया” 

उपरोक्त संदेश को सोशल मीडिया में एक वीडियो के साथ साझा किया गया है, जिसमें कुछ लड़के एक बुर्का पहनी हुई महिला पर अंडे और आटे को फैकते हुए दिखाई दे रहे है।

उपरोक्त ट्वीट 7 जुलाई को पोस्ट किया गया था, जिसे अभी डिलीट कर दिया गया है। ट्विटर हैंडल ने इस ट्वीट में पीएम नरेंद्र मोदी, यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ और पीएमओ को टैग किया था।

ऑल्ट न्यूज़ ने पाया कि एक ट्विटर उपयोगकर्ता ने इसी वीडियो को नवंबर 2015 में अपलोड किया था, जिसमें इस घटना को फ्रांस का बताया है।

फेसबुक पर, इस वीडियो को अक्टूबर 2015 मोरक्को के एक सोशल मीडिया सेलिब्रिटी द्वारा पोस्ट किया गया था, जिसमें इन युवकों को “जानवर” कहा गया है। उसके बाद इस वीडियो को 475,000 बार देखा गया।

 

حيوانات ؟ حاشا يكونو حيوانات، الحيوانات ماكيتعداوش على بعضياتهم بلا سبب، الحيوانات نقيين ماكيوسخوش، الحيوانات ماشي هماج، و ماشي غير زايدين فوق الكرة الأرضية، حيت الحيوانات عندهم دور فالحياة باش يكون توازن فالطبيعة، أما هاد الأوباش ماعندهم حتى شي دور و ماكصلاحو لحتى حاجة.

Yassine Jarram

Posted by Yassine Jarram on Tuesday, 27 October 2015

वीडियो शेयर करने वालों ने बताया है कि यह मुस्लिम समुदाय के खिलाफ कट्टरता और नफरत का एक उदाहरण है। इस वीडियो और संदेश को व्हाट्सएप पर भी साझा किया गया है।

तथ्य जांच

ऑल्ट न्यूज़ ने पाया कि साझा किया गया वीडियो भारत का नहीं है। मोरक्को वर्ल्ड न्यूज  द्वारा अक्टूबर 2015 में प्रकाशित किये गए एक लेख में दावा किया गया है कि लड़कों ने मोरक्को के कैसाब्लांका में आशूरा दिवस पर एक महिला पर अंडे, आटे और पानी से हमला किया। आशूरा दिवस मुहर्रम का दसवां दिन है।

एक अन्य वेबसाइट 5pillarsuk.com ने अक्टूबर 2015 में अपने एक लेख में भी यह दावा किया है कि यह घटना मोरक्को में हुई थी।

घटना से संबधित की-वर्ड्स से सर्च करने पर हमे फ्रेंच टेलीविज़न नेटवर्क फ्रांस 24 द्वारा अक्टूबर 2015 में प्रकाशित एक तथ्य-जांच का लेख मिला, जिसमें कहा गया था कि यह घटना मोरक्को में हुई थी, यह कथित रूप से ‘इस्लामोफोबिया’ का मामला नहीं था। उसके मुताबिक,“जब महिला पर अंडे और आटा फैका जा रहा है, तो यह कहीं न कहींज़्यादातर लोगों के लिए हिंसात्मक था, यह एक आम बात है आशूरा के दिवस पर, एक धार्मिक छुट्टी मोरक्को में होती है। इस पवित्र दिन में, बच्चे कुछ भी चीज़े लोगों पर फेंकते है, जिसमें पटाखे, अंडे और कभी कभी साबुन को भी शामिल किया जाता है। इसमें लोग मौज-मस्ती करते हैं और कभी-कभी यह घातक भी हो जाता है, इसी वजह से मोरक्को में कई लोगों को यह दिन पसंद नहीं है”-(अनुवाद)।

फ्रांस 24 ने आगे बताया कि विवाद बढ़ जाने के बाद, इन लड़कों ने एक दूसरा वीडियो भी पोस्ट किया था। दूसरे वीडियो में लड़कों को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि वे बस मस्ती कर रहे थे और उन पर गलत तरीके से एक महिला से छेड़छाड़ करने का आरोप लगाया गया है। पहले वीडियो में दिख रही महिला को दूसरे वीडियो में भी देखा जा सकता है जिसमें वह “लड़कों द्वारा बताये गए घटना के विवरण का समर्थन करती है”। हालांकि, इन दोनों घटनाओं की ऑल्ट न्यूज़ पुष्टि नहीं करता है क्योंकि दूसरा वीडियो मौजूद नहीं है।

अंत में, फ्रांस 24 ने बताया है कि,“यह जानना संभव नहीं है कि क्या दूसरे वीडियो के लिए महिला को मज़बूर किया गया था। यह जानना भी असंभव है कि जब लड़कों ने उस पर हमला किया तब क्या उसे खतरा महसूस हो रहा था या फिर लड़कों के मुताबिक यह एक मज़ाक के रूप में किया गया था। हालांकि, यह बात साफ है कि यह घटना इस्लामोफोबिया की वजह से नहीं हुई है, जैसा की कुछ वेबसाइट और उपयोगकर्ताओं ने दावा किया था”-(अनुवाद)।

यह ध्यान देने योग्य है कि वीडियो में दिखाई गई घटना 2015 की है और भारत से संबधित नहीं है। 2015 के कुछ मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, यह घटना मोरक्को में हुई थी।

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