एक वीडियो में दिख रहा है कि लोग एक तरफ़ से लगातार हो रही फ़ायरिंग लाइव देख रहे हैं. इसे सोशल मीडिया पर इस कैप्शन के साथ शेयर किया जा रहा है – “ईरान के लोग अज़रबैजान और अर्मेनिया के बीच खड़े होकर दोनों के बीच चल रहा युद्ध देख रहे थे. ये दोनों ही देश ईरान से अपना बॉर्डर साझा करते हैं.”

(“The Iranians stood war between Azerbaijan and Armenia in Iran and watched the ongoing war between Azerbaijan and Armenia, and both countries have borders with Iran.”)

एक फे़सबुक यूज़र ने 18 अक्टूबर को ये वीडियो शेयर किया. (आर्काइव लिंक)

 

The Iranians stood on the top of the mountain in Iran and watched the ongoing war between Azerbaijan and Armenia, and both countries have borders with Iran.

Posted by Nguyen Bao Tri on Saturday, October 17, 2020

जम्मू-कश्मीर की न्यूज़ वेबसाइट गुलिस्तान न्यूज़ ने अपने यूट्यूब चैनल पर ये वीडियो पोस्ट करते हुए यही दावा किया (आर्काइव लिंक). इसे रेणुका जैन ने भी शेयर किया था.

इससे पहले, फे़सबुक पर यही वीडियो स्पैनिश टेक्स्ट के साथ खूब वायरल था, “Atracción turística en Irán, las personas van a la cima de la montaña, a observar la guerra entre #Azerbaiyán y #Armenia.” ऐसे ही एक वीडियो पर करीब 40 लाख व्यूज़ और 7,000 शेयर्स हैं. (आर्काइव लिंक)

ऑल्ट न्यूज़ को इसके फै़क्ट चेक के लिए कुछ लोगों ने व्हाट्सऐप नंबर (+917600011160) और ऑफ़िशियल एंड्रॉइड ऐप पर रिक्वेस्ट भेजी.

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बीबीसी ने रिपोर्ट किया, “अर्मेनिया और अज़रबैजान ने नागोर्नो-काराबाख़ को लेकर 6 वर्षों तक युद्ध किया जो 1994 में युद्ध विराम के साथ समाप्त तो हुआ लेकिन कोई शांति समझौता नहीं हो पाया.” वाशिंगटन टाइम्स की रिपोर्ट कहती है, “आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 27 सितम्बर को युद्ध शुरू होने से लेकर अबतक अर्मेनिया के 800 लोगों की मौत हो चुकी है. अज़रबैजान ने हताहतों की संख्या की घोषणा नहीं की है. लेकिन माना जा रहा है कि इधर भी भारी नुकसान हुआ है.” फ़्रांस और रूस की युद्ध विराम की कोशिशें नाकाम रहीं और अब अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो 23 अक्टूबर को युद्ध कर रहे दोनों देशों के विदेश मंत्रियों से मिलेंगे.

वीडियो हाल के युद्ध से जुड़ा नहीं

इस तस्वीर का गूगल और यांडेक्स पर कई बार रिवर्स इमेज सर्च करने के बाद हमने पाया कि ये नवम्बर, 2019 में भी वायरल हो रहा था. एक यूट्यूब यूज़र ने 27 नवम्बर, 2019 को ये वीडियो अपलोड कर टाइटल लिखा है, “BM-21 GRAD (БМ-21 “Град”) – Rapid Fire.” डिफे़न्स और सिक्यूरिटी वेबसाइट Army Recognition के मुताबिक, BM-21 Grad सोवियत का 12-mm मल्टिपल रॅाकेट लॅान्चर से लैस ट्रक है.

इसे एक रशियन ट्विटर यूज़र ने भी 18 नवम्बर, 2019 को अपलोड किया था. यानी सोशल मीडिया का ये दावा कि वीडियो हाल का है, ग़लत है.

इस वीडियो में 4 सेकंड पर देखा जा सकता है कि एक व्यक्ति हुडी पहने खड़ा है जिसपर ‘RUSSIA’ लिखा है.

हमें इसका स्क्रीनशॉट चीन की वेबसाइट QQ (ओपेरा ब्राउज़र में VPN की मदद से) पर भी मिला जिसके साथ चीनी भाषा में कैप्शन है. इसके मुताबिक वीडियो रूस में हर साल मनाये जाने वाले ‘रॅाकेट फ़ोर्सेज़ ऐंड आर्टिलरी डे’ का है.

AFP और ब्राज़ील के E-Farsa ने भी अपने फै़क्ट चेक में वीडियो को रूस के मिसाइल फ़ोर्सेज़ ऐंड आर्टिलरी डे का बताया है जो 19 नवम्बर को मनाया जाता है. इन रिपोर्ट्स ने पाया कि वायरल वीडियो यूट्यूब यूज़र БОГ РАТА ने 17 नवम्बर, 2019 को अपलोड किया था. AFP के रिपोर्ट के मुताबिक, इसके डिस्क्रिप्शन में रूस की वेबसाइट, Russia Beyond की रिपोर्ट भी है. हालांकि, ये वीडियो डिस्क्रिप्शन अब हटाया जा चुका है. Russia Beyond ने बताया है कि ये वीडियो लुश्की मिलिट्री रेंज में मनाये गये मिसाइल फ़ोर्सेज़ ऐंड आर्टिलरी डे, 2019 का है.

मतलब, रूस का 2019 का वीडियो अब इस दावे के साथ वायरल हो रहा है कि ईरान के लोग अज़रबैजान और अर्मेनिया के बीच ‘लाइव’ युद्ध देख रहे हैं. ये दावा पहले भी स्पैनिश टेक्स्ट के साथ वायरल हुआ था.

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About the Author

Archit is a graduate in English Literature from The MS University of Baroda. He also holds a post-graduation diploma in journalism from the Asian College of Journalism. Since then he has worked at Essel Group's English news channel at WION as a trainee journalist, at S3IDF as a fundraising & communications officer and at The Hindu as a reporter. At Alt News, he works as a fact-checking journalist.