TV9 डिजिटल ने 25 अगस्त को 4 मिनट का एक वीडियो अपलोड किया. इस वीडियो में अफ़गानिस्तान की हालिया स्थिति के कई अलग-अलग दृश्य थे. वीडियो की शुरुआत में कुछ सेकंड के लिए एक क्लिप दिखाया गया और कहा गया कि ये दृश्य काबुल एयरपोर्ट का है जहां निकासी के दौरान अफ़रातफ़री मच गयी थी. (आर्काइव लिंक)

एक ट्विटर यूज़र ने ये वीडियो 16 अगस्त को पोस्ट किया था. इसे पोस्ट करते हुए अफ़गानिस्तान, तालिबान और काबुल एयरपोर्ट जैसे हैशटैग लगाए.  (आर्काइव लिंक)

फ़ेसबुक और ट्विटर पर 16 अगस्त से ये वीडियो काबुल एयरपोर्ट का बताकर वायरल है. यूट्यूब पर भी इस वीडियो को शेयर किया गया है.

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फ़ैक्ट-चेक

ऑल्ट न्यूज़ ने देखा कि एक ट्विटर यूज़र ने काबुल एयरपोर्ट का बताकर शेयर हुए ट्वीट के जवाब में बताया कि ये वहां का वीडियो नहीं है और 2019 से इन्टरनेट पर मौजूद है. साथ ही, उसने 6 जनवरी 2019 को पोस्ट किए गए एक वीडियो का लिंक भी शेयर किया. ये ट्वीट स्पोर्ट्स वेबसाइट ‘द एथलेटिक’ के पत्रकार जॉन मेकॉटा ने किया था. मेकॉटा ने बताया था कि काउबॉय बनाम सीहॉकर्स के बीच होने वाले मैच के लिए स्टेडियम के दरवाजे खुलने के बाद ये दृश्य देखा गया था.

रायटर्स को जॉन मेकॉटा ने एक मेल में बताया कि उन्होंने ही ये वीडियो रिकॉर्ड किया था.

द स्पन वेबसाइट ने 6 जनवरी 2019 को एक ख़बर में बताया था कि काउबॉय प्लेऑफ़ गेम से पहले AT&T स्टेडियम में प्रशंसकों की भीड़ वाला वीडियो सचमुच पागल करने वाला है.

द डैलस मॉर्निंग न्यूज़ ने दूसरे ऐंगल से ऐसा ही एक वीडियो सितम्बर 2019 में अपलोड किया था. वीडियो में AT&T स्टेडियम में घुसने वाले प्रशंसकों की भीड़ दिखती है.

यानी, इस वीडियो का काबुल एयरपोर्ट से कोई लेना-देना नहीं है. ये अमरीका के एक स्टेडियम में घुस रही भीड़ का वीडियो है.

[अपडेट: TV9 डिजिटल ने बाद में अपने वीडियो से वो हिस्सा हटा दिया जिसे चैनल ने काबुल एयरपोर्ट का बताया था. ऊपर वीडियो में 4 मिनट 1 सेकंड का वीडियो दिखता है जबकि अब आप अगर उसी लिंक पर क्लिक करेंगे तो ये 3 मिनट 53 सेकंड का वीडियो दिखेगा.]


क्या उज्जैन में “काज़ी साहब ज़िंदाबाद” के नारे को “पाकिस्तान ज़िंदाबाद” समझा गया?

ग़लत
दावा:
निकासी के दौरान काबुल एयरपोर्ट पर मची अफ़रातफ़री का दृश्य.

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