बुर्का पहने एक शख्स को कई लोग पीट रहे हैं. इस घटना का 2 मिनट 15 सेकंड का वीडियो सोशल मीडिया में काफ़ी शेयर किया जा रहा है. वीडियो में लोग बुर्का पहने व्यक्ति पर आरोप लगा रहे हैं कि ये व्यक्ति महिलाओं के टॉयलेट में घुस गया था. 8 अगस्त को ट्विटर हैंडल ‘@GalaxyAbhishek’ ने ये वीडियो शेयर करते हुए दावा किया, “देखें एक मुस्लिम #बुर्का पहन कर के लेडीज शौचालय में घुस गया और पकड़ा गया…” आर्टिकल लिखे जाने तक इस वीडियो को 1,600 बार देखा जा चुका है. (ट्वीट का आर्काइव लिंक)

ट्विटर यूज़र ‘@Being_Habibi’ ने ये वीडियो 8 अगस्त को ट्वीट करते हुए लिखा, “फटा बुर्का और निकला अब्दुल पिंचरवाला” आर्टिकल लिखे जाने तक ये वीडियो करीब 6 हज़ार बार देखा गया है. (ट्वीट का आर्काइव लिंक)

फ़ेसबुक पेज ‘एक करोड़ मुसलमानो का पेज लाइक करे’ ने 28 जनवरी को वायरल वीडियो का 3 मिनट 44 सेकंड लंबा वर्ज़न शेयर किया है. पेज का दावा है, “बुर्का पहन कर मुसलमानो को बदनाम करने की कोसिस करता एक RSS का भ** पकडा गया” आर्टिकल लिखे जाने तक इस वीडियो को 13 लाख बार देखा जा चुका है. (पोस्ट का आर्काइव लिंक) इसके अलावा, और भी कुछ यूज़र्स ने बुर्का पहने व्यक्ति को आरएसएस से जुड़ा हुआ बताया है.

यूट्यूब पर अपलोड किये गए एक वीडियो में बुर्का पहने व्यक्ति को भाजपा से जुड़ा हुआ भी बताया गया है.

फ़ैक्ट-चेक

वीडियो की शुरुआत में ही एक व्यक्ति ‘पणजी बस स्टैन्ड’ बोलता है. इस आधार पर की-वर्ड्स सर्च करने से 17 फरवरी 2019 की जनसत्ता की रिपोर्ट मिली. रिपोर्ट के मुताबिक,16 फरवरी 2019 को पणजी बस स्टैन्ड में एक व्यक्ति बुर्का पहनकर महिलाओं के शौचालय में घुस गया था. रिपोर्ट में बुर्का पहने व्यक्ति को 35 वर्षीय वर्जिल फ़र्नान्डिस बताया गया है. रिपोर्ट के मुताबिक, वहां पर मौजूद यात्रियों को उसपर शक हो गया था. इसके बाद वर्जिल फ़र्नान्डिस जैसे ही महिला टॉयलेट से बाहर आया तो सबने उसे पकड़ लिया और पुलिस को खबर कर दी. पुलिस ने वर्जिल फ़र्नान्डिस पर धारा 419 के तहत मुकदमा दर्ज किया है. उसके ऐसा करने के पीछे की कोई वजह रिपोर्ट में नहीं बताई गई है. रिपोर्ट में वर्जिल फ़र्नान्डिस को एक सरकारी कर्मचारी बताया गया है.

17 फरवरी 2019 के ANI के आर्टिकल में गोवा पुलिस प्रवक्ता के हवाले से बताया गया है, “आरोपी के खिलाफ़ मुस्लिम महिला का भेष बनाकर पणजी बस स्टैन्ड के महिला शौचालय में घुसने को लेकर धारा 419 के तहत मामला दर्ज किया गया है.”

और भी कुछ वेबसाइट्स, जैसे अमर उजाला, नई दुनिया, NDTV, न्यू इंडियन एक्सप्रेस, टाइम्स ऑफ़ इंडिया ने इस घटना के बारे में रिपोर्ट पब्लिश की थी. लेकिन इनमें से किसी भी रिपोर्ट्स में आरोपी व्यक्ति को आरएसएस (RSS) या भाजपा से जुड़ा हुआ नहीं बताया गया है.

16 फरवरी 2019 को यूट्यूब चैनल ‘ingoanews’ ने इस पूरी घटना का तकरीबन 5 मिनट का एक वीडियो अपलोड किया था. इस चैनल ने 22 फरवरी 2019 को एक और वीडियो शेयर किया था. इसमें सामाजिक संगठन रणरागिनी की महिलाओं ने आरोपी वर्जिल फ़र्नान्डिस को सख्त से सख्त सज़ा देने की मांग की है.

इसके अलावा बूम ने मार्च, 2019 में इस वीडियो का फ़ैक्ट-चेक किया था. पुलिस ने बूम को बताया था कि बुर्के में दिख रहा शख़्स मानसिक बीमारी का इलाज करा रहा है.

इस तरह, फरवरी 2019 में पणजी बस स्टैन्ड में बुर्का पहनकर एक शख्स महिला टॉयलेट में घुस गया था. उस वक़्त से इस घटना का ये वीडियो सोशल मीडिया में तरह-तरह के फ़र्ज़ी दावों के साथ शेयर किया गया. हमने अपनी जांच में पाया कि आरोपी व्यक्ति का नाम वर्जिल फ़र्नान्डिस है जो कि एक सरकारी कर्मचारी था. उसके अलावा, इस व्यक्ति के किसी भी राजनीतिक पार्टी या संगठन से जुड़े होने की बात सामने नहीं आई है.

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