सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में एक व्यक्ति को महिला की पिटाई करते हुए देखा जा सकता है. और घटनास्थल पर मौजूद पुलिसकर्मी मूकदर्शक बनकर खड़े हैं. ये वीडियो उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार पर निशाना साधते हुए शेयर किया जा रहा है.

कैप्शन में लिखा है, “नारी सम्मान को बुलन्द करता मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का पुलिस प्रशासन….! मौजूदा भाजपा सरकार में ऐसे प्रकरण प्रतिदिन आम हो गए हैं.”

[वीडियो में हिंसा दिख रही है और अपशब्द कहे जा रहे हैं. पाठक सोच-समझकर ये वीडियो देखें.]

 

नारी सम्मान को बुलन्द करता मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का पुलिस प्रशासन….!
मौजूदा भाजपा सरकार में ऐसे प्रकरण प्रतिदिन आम हो गए हैं!
#ShameOnBjpGovernment
#ShameOnYogiAdityanath
#NoMoreBjp

Posted by Rahul Mishra on Sunday, 4 October 2020

ये वीडियो इसी दावे के साथ फ़ेसबुक पर भी शेयर किया जा रहा है.

फ़ैक्ट-चेक

वायरल वीडियो के फ़्रेम्स का इस्तेमाल करके यांडेक्स पर रिवर्स इमेज सर्च करने पर ऑल्ट न्यूज़ को न्यूज़18 बिहार झारखंड की एक रिपोर्ट मिली.

इस रिपोर्ट से पता चला कि वीडियो में दिख रहे व्यक्ति हरीश पाठक हैं जो झारखंड के मुख्यमंत्री और झामुमो नेता हेमंत सोरेन के निर्वाचन क्षेत्र में तैनात अधिकारी हैं.

‘द टेलीग्राफ़’ की 27 जुलाई 2020 की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि ये घटना 22 जुलाई 2020 को हुई थी. एक महिला ने रामू मंडल और उसके पिता के खिलाफ़ अपनी बेटी के अपहरण की शिकायत दर्ज कराई थी. इस सबंध में वहां तैनात अधिकारी ने उस महिला की 20 साल की बेटी को बयान दर्ज करने के लिए पुलिस स्टेशन बुलाया था. रिपोर्ट के मुताबिक, ”जब लड़की ने अपनी मां की शिकायत को खारिज़ करते हुए बताया कि वो रामू से प्यार करती है… तब हरीश पाठक ने अपना आपा खो दिया. लड़की ने हरीश पाठक के खिलाफ़ साहेबगंज के SP अनुरंजन किस्पोट्टा के समक्ष शिकायत दर्ज कराई. लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ. इस वीडियो के वायरल होने पर चीजें बदली.” अधिकारी को सस्पेंड कर दिया गया और जांच शुरू कर दी गई.

कुल मिलाकर, यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ को निशाना बनाने के लिए झारखंड का एक पुराना वीडियो शेयर किया गया.

ग़लत
दावा:
नारी सम्मान को बुलन्द करता मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का पुलिस प्रशासन

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