राहुल गांधी की मानसरोवर यात्रा हाल ही में शुरू होने से पहले मांसाहारी भोजन के विवाद को लेकर खबरों में रही। एक बार फिर, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी, दक्षिणपंथी सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं के निशाने पर रहे। आरोप यह है कि गांधी ने गूगल तस्वीर के स्टॉक से फोटो का उपयोग किया है और दावा किया है कि इन तस्वीरों को उन्होंने अपनी यात्रा के दौरान ली है।

5 सितंबर, 2018 को 6:26 बजे, राहुल ने झील राक्षसताल के दो तस्वीरों को यह लिखते हुए ट्वीट किया, “झील राक्षसताल की आश्चर्यजनक सुंदरता। #KailashYatra.” (अनुवाद)

वायरल दावा

लगभग 11 बजे, ट्विटर हैंडल @MODIfiedVikas के विकास पांडे ने दावा किया कि राहुल गांधी द्वारा शेयर की गई तस्वीर गूगल इमेज सर्च इंजन से ली गई एक सामान्य तस्वीर थी। पांडे ने कहा, “गूगल इमेज सर्च से @RahulGandhi मानसरोवर की तस्वीरें ट्वीट क्यों कर रहे हैं? क्या वह वास्तव में वहां हैं या नेपाल में सुअर के मांस का आनंद ले रहे हैं”।(अनुवाद) यह खबर लिखते समय तक, इसे 750 से अधिक बार रीट्वीट और 1100 से अधिक बार लाइक किया गया है। विकास पांडे को पीएम मोदी ट्विटर पर फॉलो करते हैं।

प्रीति गांधी ने भी उसी तस्वीर को शेयर करते हुए आरोप लगाया है कि राहुल गांधी ने इंटरनेट से डाउनलोड की गई तस्वीर को ट्वीट किया है। वह ‘सोशल मीडिया की राष्ट्रीय प्रभारी- भाजपा महिला मोर्चा’ हैं और पीएम मोदी सहित कई शीर्ष भाजपा नेताओं द्वारा फॉलो की जाती हैं। उनके ट्वीट को बीजेपी के सोशल मीडिया प्रमुख अमित मालवीय ने रीट्वीट किया था।

स्वराज के लेखक विकास सरस्ववत ने ट्वीट किया, “@ राहुल गांधी जी (@RahulGandhi ji) कृपया अपने कैमरे से ली गई तस्वीरों को पोस्ट करें। किसी को दिखता है कि आपकी एसएम टीम नेट से डाउनलोड की गई पुरानी तस्वीर पोस्ट कर रही है। और कृपया एक फोटो अपना भी डालो कैलाश मानसरोवर का।” (अनुवाद) इसे नकली समाचार वेबसाइट पोस्टकार्ड न्यूज़ के संस्थापक महेश विक्रम हेगड़े ने भी शेयर किया था। फिल्म निर्माता विवेक अग्निहोत्री ने भी इसे शेयर किया।

प्रारंभिक दावे

ट्विटर हैंडल भरत सिंह चंद्रावत #BJYM (Bharat Singh Chandrawat #BJYM), तस्वीर को गूगल इमेजेज से ली गई तस्वीर इंगित करने के दावे के साथ शेयर करने वाले शुरुआती लोगों में से थे, “हेलो @राहुल गांधी यह “गूगल इमेज सर्च की शानदार सुंदरता” है। आपको सेल्फी डालनी चाहिए थी ऐसी तो बहुत फोटो गूगल पर मिल जाएंगी। @दैनिकभारत @संबितस्वराज @ तेजिंदरबग्गा (@dainikbharat @sambitswaraj @TajinderBagga)।” नकली समाचार वेबसाइट दैनिक भारत (Dainik Bharat) ने इस हैंडल द्वारा उठाए गए आरोपों के आधार पर एक लेख भी प्रकाशित किया है।

संगठित अभियान

नंदिता ठाकुर (Nandita Thakur), विशाल रामानुज (Vishal Ramanuj), मारेश हेरारम्भा (MareshHerarambha), सुरेश नखुआ (Suresh Nakhua) तथा कई और सहित प्रमुख बीजेपी समर्थकों ने तस्वीर को ट्वीट किया। इन सभी उपयोगकर्ताओं को ट्विटर पर पीएम मोदी फॉलो करते हैं और कुछ पार्टी में पदों पर भी काबिज हैं। सुरेश नखुआ भाजपा प्रवक्ता हैं जबकि नंदिता ठाकुर बीजेपी खेड़ा से हैं।

दक्षिणपंथी प्रचार में शामिल कई अन्य अकाउंट भी आक्रामक रूप से इस तस्वीर को आगे बढ़ाते हुए देखे गए। इन सारे प्रयासों का नेतृत्व ट्विटर नामक @बीइंग_ह्यूमर (@being_humor) द्वारा किया जाता था जिसे विनय शर्मा नामक व्यक्ति द्वारा संचालित किया जाता है।

जस्ट डायल पर राहुल गांधी की प्रोफाइल

ऑल्ट न्यूज़ ने जस्टडायल.कॉम (Justdial.com) वेबसाइट के अतिरिक्त वाक्य के साथकेवल उसीवेबसाइट की तस्वीर पाने के लिए “झील राक्षस ताल” (“Lake Rakshas Tal”) कीवर्ड से गूगल इमेज सर्च पर तस्वीर खोजी। हमें राहुल गांधी के इंस्टाग्राम से जेडी सोशल अकाउंट (JD Social account) में क्रॉस-पोस्ट हुई तस्वीर मिली। जस्ट डायल का सोशल नेटवर्किंग प्लेटफार्म जेडी सोशल अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से सामग्री एकत्र करता है। जस्ट डायल पर राहुल गांधी की प्रोफाइल उनके ट्विटर और इंस्टाग्राम से उपलब्ध हुई सामग्री है।

तस्वीर जो गूगल इमेज सर्च पर देखी जा सकती है और कई अकाउंट्स द्वारा जिसके सामान्य अथवा व्यापक तस्वीर होने का दावा किया गया था, वास्तव में राहुल गांधी की इंस्टाग्राम फ़ीड से आई तस्वीर थी। इसे जस्ट डायल अकाउंट द्वारा अनुक्रमित किया गया था जिसके परिणामस्वरूप यह गूगल तस्वीरों में दिखाई गई थी।

दूसरा झूठा दावा

11:21 बजे, जब दावे का भंडाफोड़ हो गया, विकास पांडे ने एक अलग तस्वीर को ट्वीट किया, “मुझे कांग्रेस के अपने दोस्तों से कई सुधार मिल रहे हैं। जबकि मैं अपना शोध करता हूं, नीचे दी गई तस्वीर दिखती है”। ट्वीट में अर्थ ट्रिपर (Earth Tripper) नामक वेबसाइट का एक स्क्रीनशॉट था।

विकास पांडे द्वारा पोस्ट की गई तस्वीर वही नहीं है जिसे राहुल गांधी ने ट्वीट की थी। यदि कोई तुलना करे तो दोनों तस्वीरों में अंतर आसानी से खोज सकता है, दोनों तस्वीरों में बादल और प्रकाश अलग-अलग हैं, बाईं ओर की तस्वीर राहुल गांधी ने ट्वीट की थी।

अंत में, सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली तस्वीर जिसके बारे में बताया जाना कि राहुल गांधी ने सामान्य अथवा गूगल से ली गई तस्वीर ट्वीट की है, वह असत्य है।

डोनेट करें!
सत्ता को आईना दिखाने वाली पत्रकारिता का कॉरपोरेट और राजनीति, दोनों के नियंत्रण से मुक्त होना बुनियादी ज़रूरत है. और ये तभी संभव है जब जनता ऐसी पत्रकारिता का हर मोड़ पर साथ दे. फ़ेक न्यूज़ और ग़लत जानकारियों के खिलाफ़ इस लड़ाई में हमारी मदद करें. नीचे दिए गए बटन पर क्लिक कर ऑल्ट न्यूज़ को डोनेट करें.

Donate Now

बैंक ट्रांसफ़र / चेक / DD के माध्यम से डोनेट करने सम्बंधित जानकारी के लिए यहां क्लिक करें.
About the Author

Jignesh is a writer and researcher at Alt News. He has a knack for visual investigation with a major interest in fact-checking videos and images. He has completed his Masters in Journalism from Gujarat University.