“स्वतंत्र देव सिंह ने राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव जी पर आरोप लगाए हैं, ये लोग आलीशान जीवन जीते थे और बंगले में लगे Ac,टाइल्स बंगले में 100 करोड़ रुपये लगाए हैं,और उखाड़ कर ले गए!आप श्री राजनाथ सिंह जी का बंगला देखिये,आख़िर मीडिया इसे क्यों नहीं दिखाती,ये क्यों खंडर बना गए!”
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव प्रीती चौबे ने कुछ तस्वीरों के साथ ट्वीट किया कि कथित तस्वीरें यूपी में केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह के घर की है, जिसे उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के आधार पर संपत्ति विभाग से नोटिस के बाद खाली कर दिया है, जिसमें सभी पूर्व मुख्यमंत्रियों को आवंटित सरकारी बंगलों को खाली करने के लिए कहा गया है।
अखिलेश यादव के खिलाफ आरोप
ट्रांसपोर्ट एंड प्रोटोकॉल के स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के खिलाफ जांच की मांग की थी, उन्होंने आरोप लगाया था कि अखिलेश यादव ने अवैध रूप से सरकारी बंगले की संपत्तियों को अपने साथ ले गए और नुक्सान पहुंचाया। जवाब में, अखिलेश यादव ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की थी जिसमें उन्होंने कथित तौर पर सरकार को दो नल वापिस करने की पेशकश की थी।
इसके अलावा, समाजवादी पार्टी की झुकाव वाली फेसबुक पेज ‘जय जय अखिलेश- एज़एमआई‘ (Jai Jai Akhilesh- AZMI) पर इस पोस्ट को 6700 से अधिक बार शेयर किया गया है और 3200 से अधिक बार ‘पसंद’ किया गया है। इसे ‘अमित के यादव सैफाई‘ के फेसबुक अकाउंट से 6200 से अधिक बार साझा किया गया है।
पूर्व मुख्यमंत्री राजनाथ सिंह ने सरकारी आवास को ख़ाली करने के बाद मीडिया राजनाथ सिंह के आवास का नजारा नहीं दिखायेगी ।।
Posted by Jai Jai Akhilesh- AZMI on Sunday, 10 June 2018
वॉटरमार्क के साथ फोटो
बर्बाद बंगले की तस्वीरों का अपना अलग वॉटरमार्क था जो उनके स्रोत का संकेत देता है। वॉटरमार्क पे टेक्स्ट ‘123RF‘ लिखा था। ऑल्ट न्यूज़ ने प्रत्येक फोटो की वास्तविकता जानने के लिए के लिए Google image search की सहायता ली और यह परिणाम सामने आए:

1. यह एक अमेरिकी फोटोग्राफी स्टॉक वेबसाइट, शटरस्टॉक से है।
इस फोटो को मारियसज़ निएडेज़विड्ज़की नामक पोलिश फोटोग्राफर ने खिंचा था, शीर्षक ‘एक बर्बाद घर का आंतरिक हिस्सा’ (‘Interior of a ruined house’) था।

2. यह तस्वीर ड्रीमटाइम, एक और स्टॉक फोटो वेबसाइट से है। यह तस्वीर 23 अक्टूबर 2012 को एक फोटोग्राफर, अलेक्जेंड्रे ज़ेविगर द्वारा ली गई थी, जिसका नाम ‘पुरानी रसोई नष्ट किया हुआ’ (Old kitchen destroyed), ‘छोड़े हुए घर का आंतरिक हिस्सा’ (interior abandoned house) था।

3. इस फोटो में एक परिचित समाचार एजेंसी का वॉटरमार्क है। ऑल्ट न्यूज़ ने ‘बर्बाद घर’ (ruined house) शब्दों के साथ आधिकारिक रॉयटर्स फोटो गैलरी पर खोज की, और पाया कि यह एक घर की एक फोटो है जो यूक्रेन में 25 फरवरी, 2015 को यूक्रेन में डेबलसेव शहर में एक लड़ाई के दौरान क्षतिग्रस्त हो गई थी। इसे फोटोग्राफर बाज़ रटनेर ( Baz Ratner) ने क्लिक किया था।

4. ‘पुराने नष्ट घर का लंबा गलियारा इंटीरियर’ (Long corridor of old destroyed house, interior) फोटोग्राफर अलेक्जेंड्रे ज़ेविगर ने एक और स्टॉक सामग्री एजेंसी, 123RF के लिए भी फोटोज खींचे थे।
उपर्युक्त सभी तस्वीरें असंबंधित और बहुत पुरानी हैं। फोटो में आसानी से विभिन्न संगठनों का वॉटरमार्क नज़र आ जाता है और इस प्रकार उनकी वास्तविकता का संदेह बढ़ाता है।
इसके अलावा, TheLallantop की एक रिपोर्ट में कहा गया है, “राज्य संपत्ति अधिकारी योगेश शुक्ला ने बताया है कि विभाग ने सभी पूर्व मुख्यमंत्रियों के खाली बंगलों का मुआयना किया है. इनमें केवल पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के विक्रमादित्य मार्ग वाले बंगले में टूट-फूट मिली है।”
दावे की सच्चाई
10 जून को प्रकाशित नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट में बताया गया था कि राजनाथ सिंह का बंगला खाली होने वाले बंगलो में पहला था। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि घर में टूटने के बारे में कुछ शिकायतें थीं। एक एसी, कुछ हिस्सों से तारों और एक टिन शेड घर से गायब पाया गया था। हालांकि, यह दोहराया जा रहा है कि राजनाथ सिंह के खाली बंगले की तस्वीरों का अनुमान लगाने और दावा की जाने वाली ये तस्वीरें अवास्तविक हैं।

राजनीतिक दलों और उनके समर्थकों द्वारा भ्रामक फोटो या वीडियो का उपयोग एक नई रणनीति नहीं है और यह उदाहरण सोशल मीडिया पर झूठी ख़बरें फ़ैलाने के लिए अक्सर देखी जाती है।
अनुवाद: चंद्र भूषण झा के सौजन्य से






