27 नवम्बर को एक सस्पेंड हुए अकाउंट के ट्विटर पर वापस आने से भौकाल मच गया. पहले भी 2 बार वापस हो चुके एक ट्विटर अकाउंट के वापस आने पर ‘#TrueIndologyIsBack’ ट्रेंड हो रहा था. जो लोग इस वापसी का स्वागत कर रहे थे उनमें भाजपा सदस्य और समर्थक शामिल थे.

ट्रू इंडोलोजी (TrueIndology) हिन्दू धर्म की वकालत करते हुए अन्य धर्म, खासकर, इस्लाम पर प्रभुत्व जताने के लिए मनगढ़ंत दावे शेयर करने के लिए जाना जाता है. इस बार इस यूज़र ने वापस आने के कुछ समय बाद ही अपने पुराने नाम ‘TrueIndology’ के साथ अपनी तस्वीर लगाई और सरनेम भी लिखा. इससे पहले ट्विटर ने इसी यूज़र का एक और अकाउंट @TlinExile सस्पेंड किया था.

अब ये प्रोपगेंडा अकाउंट @BharadwajSpeaks के हैंडल नेम से चलता है.

ट्विटर उन अकाउंट्स को बंद कर देता है जो नियमों का उल्लंघन करते हैं ताकि प्लेटफ़ॉर्म पर सुरक्षित और सामान्य बातचीत का माहौल बना रहे. इसके अलावा, ये ऐसे यूज़र्स को अलग अकाउंट बनाकर दोबारा आने भी रोकता है. इसकी पॉलिसीज़ के मुताबिक़, जो अकाउंट्स हिंसा, दुर्व्यवहार, शोषण और ऐसी अन्य चीज़ों को प्रमोट करते हैं, उन्हें हमेशा के लिए हटा दिया जाता है.

ट्विटर कहता है, “किसी अकाउंट को परमानेंटली हटाये जाने के बाद वो दुनिया में कहीं भी ट्विटर पर नहीं दिखाई देता है और नियम तोड़ने वाले को आगे अकाउंट भी नहीं बनाने दिया जाएगा.”

देखा जाये तो जो लोग बार-बार यूज़रनेम बदलकर ट्विटर पर वापस आ जाते हैं, उनकी निगरानी करना थोड़ा मुश्किल है. लेकिन ट्रू इंडोलॉजी के मामले में ऐसा नहीं होना चाहिए. जब ये नया अकाउंट बनाया गया था, तभी ट्विटर पर #TrueIndologyIsBack ट्रेंड कर रहा था. शुरुआती दिनों में भारद्वाज ने यूज़र नेम भी पहले जैसा ही रखा था.

कुछ ही हफ़्तों के भीतर ट्रू इंडोलॉजी के तीसरे संस्करण ने 1.7 लाख से ज़्यादा फ़ॉलोवर्स भी जुटा लिए.

ट्विटर पर कई बार ऐसा देखा गया है कि एक सस्पेंड किया हुआ अकाउंट वापस लौट आता है. ऑल्ट न्यूज़ ने ऐसे अकाउंट्स के बारे में कई मेल और मेसेज किये (जिनमें से कुछ का ज़िक्र नीचे किया गया है). लेकिन हमारे सवालों का कोई ठोस जवाब नहीं मिला. संस्पेंड किये जा चुके अकाउंट्स से जुड़ी पॉलिसीज़ को धरातल पर उतारने में नाकाम रहा है और ऐसे कई हैंडल्स पर इसकी निगाह नहीं गयी है जो कि विभाजनकारी प्रोपगेंडा चला रहे हैं.

सस्पेंड हो चुके हैंडल्स का ट्विटर पर नज़र आते रहना

  1. भाजपा के बड़े नामों का साथ पाने वाले @pokershash को ट्विटर ने सस्पेंड कर दिया था.

ये अकाउंट किस तरह का कॉन्टेंट शेयर करता था, नीचे इसकी झलक आपको मिल जायेगी.

तस्वीर में सड़क किनारे फेंके गये कॉन्डम्स की तस्वीर 3 साल पहले कुछ विएतनामी वेबसाइट पर देखी गयी थीं. इसका शाहीन बाग में नागरिकता संशोधन बिल के खिलाफ़ हो रहे प्रदर्शन से कोई लेना-देना नहीं था.

ट्विटर ने @pokershash को AAP प्रवक्ता प्रीति मोहन को टार्गेट कर अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने के लिए सस्पेंड किया था.

लेकिन ये वापस ‘@BefittingFacts’ हैंडल बनाकर ट्विटर चला रहा है जिसके 46,000+ फ़ॅालोवर हैं. इसने 29 अक्टूबर को एक ट्वीट को कोट ट्वीट करते हुए @pokershash के वज़न कम करने के अनुभव के बारे में बताया था कि कैसे उसने ये टारगेट हासिल किया.

वो अपना इन्स्टाग्राम अकाउंट @pokershash के नाम से ही चला रहा है जहां @BefittingFacts के ट्वीट शेयर करता है.

2. ट्विटर ने दिल्ली के विभोर आनंद के भी 2 हैंडल्स @vibhor_anand और @ivibhoranand को सस्पेंड कर दिया था जो एक वकील होने का दावा करता था. वो अब @OfficeofVA हैंडल नेम से ट्विटर चला रहा है और अपने वापस लौटने की घोषणा भी की थी.

पिछले महीने बार ऐंड बेंच ने रिपोर्ट किया था कि मुंबई के एक सेशन कोर्ट ने विभोर को ‘महाराष्ट्र के राज्य मंत्रियों के खिलाफ़ तथाकथित अपमानजनक ट्वीट पोस्ट करने और सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बारे में फ़र्ज़ी बातें फैलाने’ के मामले में ज़मानत दी थी. उसके वकील ने दलील दी कि विभोर को टीवी न्यूज़, खासकर रिपब्लिक भारत ने ‘ये विश्वास दिलाया था’ कि सुशांत और उनकी पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की हत्या की गयी थी.

विभोर ने 2018 में कई ट्वीट कर उन लोगों से अपील की जिन्हें लगता था कि कार्यकार्ता शेहला राशिद ने उन्हें ‘छला’ है. शेहला कठुआ पीड़िता के लिए चंदा इकठ्ठा कर रही थीं. उसने शेहला के खिलाफ़ घपले के मामले में कानूनी कार्रवाई करने की भी बात कही थी. इस ‘कानूनी कार्रवाई’ का क्या हुआ, ये किसी को नहीं पता लेकिन शेहला ने फ़ंड के पैसे हथिया लिए, ये दावा ग़लत था. इसके बारे में ऑल्ट न्यूज़ की पूरी रिपोर्ट यहां पढ़ सकते हैं.

3. ट्विटर पर फैलने वाली मिस-इन्फ़ॉर्मेशन के खेल को जो भी समझता है, उसके लिए @squintneon नया नाम नहीं है. ये अकाउंट वर्बल शोषण यानी, लोगों को भद्दी भाषा का प्रयोग कर टारगेट करने के लिए जाना जाता है. ये वो ट्वीट है जिसके बाद उसे ट्विटर ने सस्पेंड कर दिया था:

ऑल्ट न्यूज़ ने इसके कई साम्प्रदायिकता भड़काने वाले पोस्ट भी डॉक्ययुमेंट किये हैं. इसने 2018 में एक वीडियो को कोट ट्वीट करते हुए दावा किया था कि मुस्लिम समुदाय की भीड़ ने नागा साधु को पीटा था. ऑल्ट न्यूज़ ने जब इसका फै़क्ट चेक किया तो पता चला था कि वो व्यक्ति एक भिखारी था जो राह चलती एक महिला को मोलेस्ट करने की कोशिश कर रहा था. महिला एक हिन्दू परिवार से थी और उसके भाई ने भिखारी को पीटा था.

@squintneon बंद होने के बाद 2019 में @SquintNayan के नाम से लौट आया. इसे भी सस्पेंड कर दिया गया था.

अब फिर एक बार ये @TheSquind के नाम से ट्विटर पर मौजूद है. इसके फ़ॅालोवेर्स में भाजपा नेता कपिल मिश्रा और तेजिंदर पाल सिंह बग्गा शामिल हैं. ये अकाउंट अपने इन्स्टाग्राम हैंडल Squint Neon पर भी अपने ट्वीट शेयर करता रहता है.

दिल्ली पुलिस ने जब जामिया की स्कॉलर सफ़ूरा जरगर को दिल्ली दंगों में शामिल होने के आरोप में UAPA के तहत गिरफ़्तार किया था तब @TheSquind ने किसी अन्य स्टूडेंट की तस्वीर शेयर करते हुए सफ़ूरा की प्रेगनेंसी का मज़ाक बनाया था. इसपर ऑल्ट न्यूज़ का फै़क्ट चेक यहां पढ़ सकते हैं.

4. एक अन्य यूज़र अनुज बाजपाई, जो भाजपा का करीबी है, ट्विटर पर अब तीसरा अकाउंट बनाकर मौजूद है.

वो दावा करता था कि वो उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री के कार्यालय में काम करता है. बाद में ये फ़र्ज़ी दावा पाया गया.

लेकिन इस शख्स को वाकई भाजपा नेताओं से समर्थन है. जब ये नया अकाउंट @Brand_Anuj बनाकर वापस आया था, भाजपा हरियाणा के सोशल मीडिया हेड अरुण यादव ने ट्विटर पर अनुज की वापसी का स्वागत किया था.

ये अकाउंट भी कुछ महीने में ही बंद कर दिया गया था और ये तीसरे अकाउंट @itsAnujBajpai के साथ वापस आया. उसने ट्विटर और फे़सबुक पर इसकी घोषणा भी की. अब उसने यूज़र नेम बदल कर @itsBrandAnuj कर लिया है.

5. एक ट्विटर यूज़र @GKapoor20 ने हाल ही में ऐंटी-CAA प्रदर्शनकारी और जामिया स्कॉलर सफ़ूरा जरगर के खिलाफ़ भद्दा कमेंट किया था.

सफ़ूरा को जब अप्रैल में गिरफ्तार किया गया था तब वो तीन माह की प्रेगनेंट थीं. एक महिला होने के बावजूद यूज़र किसी अन्य महिला के राजनीतिक विचारधारा के खिलाफ़ बोलते हुए घटिया टिप्पणी करने से नहीं चूकी.

ये हैंडल @GKapoor20 प्रधानमंत्री की एक मुखर समर्थक गीता कपूर चलाती है जिसे प्रधानमंत्री भी फ़ॉलो करते हैं. ये इस यूज़र का दूसरा ट्विटर अकाउंट है. इससे पहले ट्विटर ने @GitaSKapoor (पुराने हैंडल) को बंद कर दिया था. ऑल्ट न्यूज़ ने गीता कपूर द्वारा शेयर की गयी ग़लत सूचनाओं के बारे कई बार रिपोर्ट किया है.

ट्विटर सस्पेंड हुए यूज़र्स के नए अकाउंट को रिपोर्ट करने का ऑप्शन नहीं देता है

ये माइक्रो-ब्लॉगिंग साइट उन ट्वीट्स को रिपोर्ट करने का ऑप्शन देता है जो ट्विटर के नियमों का उल्लंघन करता है. लेकिन इसमें ये विकल्प नहीं है जिससे सस्पेंड हुए यूज़र्स के वापस आने पर रिपोर्ट किया जा सके.

सस्पेंड हुए अकाउंट को वापस आने से रोकने के पीछे यही तर्क है कि जो लोग ट्विटर के नियमों को तोड़ते हैं और ऑनलाइन शोषण में शामिल होते हैं या ऐसा बार-बार करते हैं, उन्हें रोका जा सके. ये हैरान करने वाला है कि ट्विटर अपनी नीतियां ऐसे पॉपुलर हैंडल्स के लिए इस्तेमाल नहीं कर पा रहा है. प्लेटफ़ॉर्म पर उनकी उपस्थिति नहीं नज़र आना नामुमकिन है. इनमें से अधिकतर हैंडल्स का भाजपा सदस्यों और नेताओं ने स्वागत किया जिसके बाद इन्हें कुछ ही समय में बड़ी संख्या में लोग फ़ॉलो करने लग जाते हैं. ये अकाउंट्स लगातार ट्विटर के नियमों का उल्लंघन करते हैं और इसके बावजूद प्लेटफ़ॉर्म इनपर कार्रवाई करने में विफल रहा है.


फे़सबुक की फ़ैक्ट चेकिंग में क्या खामियां हैं? क्यूं ख़ुद को फ़ैक्ट-चेक नहीं कर रही ये कंपनी?

डोनेट करें!
सत्ता को आईना दिखाने वाली पत्रकारिता का कॉरपोरेट और राजनीति, दोनों के नियंत्रण से मुक्त होना बुनियादी ज़रूरत है. और ये तभी संभव है जब जनता ऐसी पत्रकारिता का हर मोड़ पर साथ दे. फ़ेक न्यूज़ और ग़लत जानकारियों के खिलाफ़ इस लड़ाई में हमारी मदद करें. नीचे दिए गए बटन पर क्लिक कर ऑल्ट न्यूज़ को डोनेट करें.

Donate Now

बैंक ट्रांसफ़र / चेक / DD के माध्यम से डोनेट करने सम्बंधित जानकारी के लिए यहां क्लिक करें.
Tagged: