सोशल मीडिया पर एक सीसीटीवी फ़ुटेज वायरल है. 4 फ़रवरी, 2022 के इस फुटेज में 3 लोग मंदिर में चोरी करते दिख रहे हैं. दावा किया जा रहा है कि कच्छ के मकेश्वर महादेव मंदिर में मोहम्मद, युसूफ, और रजाक ने चोरी की. वीडियो के साथ शेयर किये जा रहे मेसेज में ‘हिंदुओं को जागने’ के लिए भी कहा गया है. ट्विटर यूज़र संतोष मिश्रा ने ये वीडियो ट्वीट करते हुए ऐसा ही दावा किया. आर्टिकल लिखे जाने तक इस वीडियो को 8 हज़ार से ज़्यादा व्यूज़ मिले हैं. (ट्वीट का आर्काइव लिंक)

ट्विटर यूज़र ‘विश्वास राजपूत’ ने भी ये वीडियो इसी दावे के साथ ट्वीट किया. (आर्काइव लिंक)

फ़ेसबुक और ट्विटर पर कई यूज़र्स ने ये वीडियो इसी दावे के साथ शेयर किया है.

यूट्यूब पर ये वीडियो गुजरात के दाहोद शहर का बताकर भी अपलोड किया गया है.

फ़ैक्ट-चेक

ऑल्ट न्यूज़ ने जांच करते हुए पाया कि वीडियो के साथ किया गया दावा पूरी तरह से भ्रामक है. इस आर्टिकल में हम आपको वीडियो और उसके साथ किये गए दावे की सच्चाई बारी-बारी से बताएंगे.

वायरल वीडियो

गुजराती की-वर्ड्स से सर्च करने पर ऑल्ट न्यूज़ को कुछ मीडिया रिपोर्ट्स मिलीं. ‘MV news gujarati’ की 6 फ़रवरी 2022 की रिपोर्ट के मुताबिक, ये वीडियो देत्रोज तालुका के ओढ़व गांव के गोमतेश्वर महादेव मंदिर में हुई चोरी का है. रिपोर्ट में बताया गया है कि चोरों ने लगभग 3 किलो चांदी चुराई थी. vtv गुजराती चैनल ने भी इंस्टाग्राम पर ये वीडियो पोस्ट किया और बताया कि ये घटना अहमदाबाद के देत्रोज इलाके के मंदिर में हुई चोरी की है.

दिव्य भास्कर ने इस चोरी की घटना के बारे में 6 फ़रवरी 2022 को आर्टिकल पब्लिश किया था. रिपोर्ट के मुताबिक, मंदिर में 4 फ़रवरी की रात चोरी हुई थी. मंदिर के पूजारी ने देत्रोज पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करवाई थी. पुलिस ने मंदिर के सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच शुरू की. मालूम चला कि 5.59 लाख की चोरी हुई है. न्यूज़ रिपोर्ट्स में किसी संदिग्ध व्यक्ति या आरोपी के बारे में नहीं बताया गया है.

इस घटना के बारे में और जानकारी इकट्ठा करने के लिए ऑल्ट न्यूज़ ने देत्रोज पुलिस स्टेशन में संपर्क किया. इस मामले की जांच कर रहे पुलिस अधिकारी बी.एस. झाला ने बताया, “घटना की सारी सीसीटीवी फ़ुटेज चेक की जा चुकी है. तकरीबन 20 लोगों से पूछताछ भी की गई. लेकिन अभी तक किसी का नाम सामने नहीं आया है.”

कच्छ में हुई चोरी की डिटेल्स  

वायरल मेसेज में दावा किया गया है कि कच्छ के मकेश्वर महादेव मंदिर में चोरी हुई थी. इस घटना के बारे में ऑल्ट न्यूज़ ने छानबीन की. 18 फ़रवरी की कच्छ उदय की रिपोर्ट में बताया गया है कि गुजरात के अंजार तालुका के कुछ मंदिरों में चोरी की घटनाएं सामने आयी थीं. इस मामले में जांच के लिए गठित की गई एक टीम ने सीसीटीवी फ़ुटेज की मदद से 3 लोगों को गिरफ़्तार किया है जिनके नाम इस प्रकार हैं :

1) रमनुभाई अरजनभाई खेर
2) समंदरखान चांदखान पठान
3) कल्पेश प्रकाशभाई नट

टीवी9 गुजराती ने भी अंजार में हुई चोरी की घटना के बारे में वीडियो रिपोर्ट पब्लिश की थी. रिपोर्ट में चोरी वाले मंदिर का परिसर दिखता है जो कि वायरल वीडियो से अलग है.

गुजराती कनेक्शन के आर्टिकल में पूर्व कच्छ के एएसपी आलोक कुमार का बयान शामिल है. पुलिस के अनुसार, चोरी करने वाली गैंग में 6 लोग शामिल हैं जिनमें पुलिस ने 3 लोगों को गिरफ़्तार कर लिया है. पुलिस के मुताबिक, इस गैंग का मास्टरमाइन्ड गोपाल नट है जो कि फिलहाल फरार है. यानी, अंजार में हुई चोरी की घटना में गिरफ़्तार किये गए 3 लोगों में से 1 व्यक्ति मुस्लिम समुदाय से जुड़ा है. लेकिन सोशल मीडिया पर इस घटना को इस तरह से दिखाया गया है कि मंदिर में चोरी करने वाले सभी आरोपी मुस्लिम हैं. जो कि पूरी तरह से ग़लत है.

पूर्व कच्छ के एसपी ने अंजार में हुई गिरफ़्तारी के बारे में प्रेस रिलीज़ ट्वीट की थी. इसके मुताबिक, गैंग ने संध्यागिरी बापू के आश्रम के वीडी वाले मंदिर में चोरी की थी. और अंजार के मकलेश्वर महादेव मंदिर में भी चोरी की थी. दोनों जगह से इस गैंग ने 3 लाख 57 हज़ार 200 रुपये की कीमत का चांदी का सामान चोरी किया था.

कुल मिलाकर, गुजरात के अहमदाबाद और कच्छ में हुई चोरी की 2 अलग-अलग घटनाओं को जोड़कर सोशल मीडिया पर झूठा सांप्रदायिक दावा चलाया गया कि मुस्लिम लोगों ने हिन्दू मंदिर में चोरी की. वीडियो के साथ चोरों के काल्पनिक नाम बताए गए जो असल घटना में गिरफ़्तार किये गए नामों से पूरी तरह अलग है.

ग़लत
दावा:
कच्छ के मकेश्वर महादेव मंदिर में मोहम्मद, युसूफ, और रजाक ने चोरी की

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